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नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास
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मुरादाबाद। दसवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के दोषी युवक को विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ उस पर पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पीड़िता के पिता ने घटना से पहले भी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जेल से रिहा होकर आरोपी दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था।
कटघर थाने में 23 अप्रैल 2018 को पीड़ित के पिता ने कांशीराम नगर निवासी फईम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने बताया था कि वह पहले मझोला थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले में अपने परिवार के साथ रहता था, जहां फईम नाम का युवक उसकी दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली पंद्रह वर्षीय बेटी को स्कूल आते जाते परेशान करता था। इस मामले में मझोला में केस दर्ज कराया गया था। उस समय पुलिस ने आरोपी को पकड़कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। जिसके बाद वादी ने वहां से मकान छोड़ कर कटघर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में चला गया था।
आरोप है कि जेल से रिहा होकर आरोपी ने किसी तरह वादी के घर का पता लगा लिया। छात्रा के पिता ने बताया कि 23 अप्रैल 2018 को अपनी पत्नी को साथ लेकर बाहर गया था। घर में सिर्फ नाबालिग पुत्री ही थी। आरोपी फईम घर में घुस गया और पुत्री से कहा कि मेरे पास तेरा वीडियो है।
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इसे तब ही डिलीट करूंगा, जब मेरी बात मानेगी। छात्रा ने आरोपी का विरोध किया तो उसके साथ दुष्कर्म किया। चीख पुकार पर पड़ोसियों ने आकर आरोपी फईम को मौके पर ही दबोच लिया था। जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
मुकदमे की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन सुभाष सिंह की अदालत में चली। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों ने अदालत में आकर आरोपी के खिलाफ अपने बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष का कथन था कि उसे झूठा व रंजिश में फंसाया गया है। सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए।
विशेष लोक अभियोजक अकरम खान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एमपी सिंह ने बयानों को आधार बनाते हुए बहस की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी फईम को दुष्कर्म की घटना का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ उस पर पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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कटघर थाने में 23 अप्रैल 2018 को पीड़ित के पिता ने कांशीराम नगर निवासी फईम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने बताया था कि वह पहले मझोला थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले में अपने परिवार के साथ रहता था, जहां फईम नाम का युवक उसकी दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली पंद्रह वर्षीय बेटी को स्कूल आते जाते परेशान करता था। इस मामले में मझोला में केस दर्ज कराया गया था। उस समय पुलिस ने आरोपी को पकड़कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। जिसके बाद वादी ने वहां से मकान छोड़ कर कटघर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में चला गया था।
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आरोप है कि जेल से रिहा होकर आरोपी ने किसी तरह वादी के घर का पता लगा लिया। छात्रा के पिता ने बताया कि 23 अप्रैल 2018 को अपनी पत्नी को साथ लेकर बाहर गया था। घर में सिर्फ नाबालिग पुत्री ही थी। आरोपी फईम घर में घुस गया और पुत्री से कहा कि मेरे पास तेरा वीडियो है।
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इसे तब ही डिलीट करूंगा, जब मेरी बात मानेगी। छात्रा ने आरोपी का विरोध किया तो उसके साथ दुष्कर्म किया। चीख पुकार पर पड़ोसियों ने आकर आरोपी फईम को मौके पर ही दबोच लिया था। जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
मुकदमे की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन सुभाष सिंह की अदालत में चली। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों ने अदालत में आकर आरोपी के खिलाफ अपने बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष का कथन था कि उसे झूठा व रंजिश में फंसाया गया है। सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए।
विशेष लोक अभियोजक अकरम खान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एमपी सिंह ने बयानों को आधार बनाते हुए बहस की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी फईम को दुष्कर्म की घटना का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ उस पर पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।