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हत्या में पूर्व सभासद को 23 साल बाद उम्रकैद
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मुरादाबाद। कटघर के 23 साल पुराने आरिफ हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पंद्रह) सुभाष सिंह की अदालत ने संभल के पूर्व सभासद गुल्लू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश सिंह ने बताया कि 31 अक्तूबर 1996 को कटघर थाने में मुगलपुरा के मोहल्ला तबेला निवासी जुनैद अहमद ने कटघर थाने में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया कि वह 31 अक्तूबर 1996 को दोपहर बारह बजे अपने साथी आरिफ निवासी मोहल्ला कोर्ट गर्वी संभल के साथ हिन्दू कालेज से लौट रहा था। कटघर के लाजपतनगर में सहगल चौराहे पर गुल्लू, शारिक, निवासी मोहल्ला कोर्ट गर्वी संभल व शिकंदर और गुड्डू निवासी नागफनी बगिया ने उन्हें घेर लिया। आरोपी बोले थे कि आरिफ का बहनोई शरीफ तो मिलता नहीं। इसके साले को मार देते हैं। आरोपियों ने आरिफ को गोली मार दी थीं। जिसमें आरिफ घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस प्रकरण की सुनवाई एडीजे पंद्रह की अदालत में चल रही थी। जिसमें सरकार की ओर से एडीजीसी सुरेश सिंह और एसपी सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी दिलाने को दलीलें दीं। सोमवार को अदालत ने गुल्लू को हत्या में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी। जबकि बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने 2002 में सिकंदर और गुड्डू को केस से दोषमुक्त कर दिया था, जबकि चौथा आरोपी शारिक की फाइल अन्य अदालत में विचाराधीन है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश सिंह ने बताया कि 31 अक्तूबर 1996 को कटघर थाने में मुगलपुरा के मोहल्ला तबेला निवासी जुनैद अहमद ने कटघर थाने में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने बताया कि वह 31 अक्तूबर 1996 को दोपहर बारह बजे अपने साथी आरिफ निवासी मोहल्ला कोर्ट गर्वी संभल के साथ हिन्दू कालेज से लौट रहा था। कटघर के लाजपतनगर में सहगल चौराहे पर गुल्लू, शारिक, निवासी मोहल्ला कोर्ट गर्वी संभल व शिकंदर और गुड्डू निवासी नागफनी बगिया ने उन्हें घेर लिया। आरोपी बोले थे कि आरिफ का बहनोई शरीफ तो मिलता नहीं। इसके साले को मार देते हैं। आरोपियों ने आरिफ को गोली मार दी थीं। जिसमें आरिफ घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस प्रकरण की सुनवाई एडीजे पंद्रह की अदालत में चल रही थी। जिसमें सरकार की ओर से एडीजीसी सुरेश सिंह और एसपी सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी दिलाने को दलीलें दीं। सोमवार को अदालत ने गुल्लू को हत्या में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी। जबकि बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने 2002 में सिकंदर और गुड्डू को केस से दोषमुक्त कर दिया था, जबकि चौथा आरोपी शारिक की फाइल अन्य अदालत में विचाराधीन है।
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