{"_id":"6aa31634764b9322fd07a212","slug":"leopard-trapped-in-a-cage-in-the-juldhakiya-forest-moradabad-news-c-278-1-smbd1008-102527-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: जुलढकिया के जंगल में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: जुलढकिया के जंगल में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ
विज्ञापन
डिलारी। ग्राम पंचायात सैंजनी के गांव जुलढकिया में बृहस्पतिवार को जंगल में एक स्कूल से लगभग 100 मीटर दूरी पर रखे पिंजारे में तेंदुआ कैद हो गया । ग्रामीणों के अनुसार यह तेंदुआ बुधवार की रात को लगभग आठ बजे पिंजरे में फंसा था। वन विभाग की टीम तेंदुए को डियर पार्क मुरादाबाद ले गई है। जुलढकिया गांव निवासी आस मोहम्मद ने बताया लगभग पांच दिन पूर्व वन विभाग ने ग्राम प्रधान अख्तरी के पिता वाहिद अली के खेत में पिंजरा रख कर उसके अंदर कुत्ता बांध दिया था।
बुधवार की रात को लगभग आठ तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया । कैद होने के उपरांत यह दहाड़ मार कर किसी प्रकार पिंजरे से निकलने का प्रयास कर रहा था। इस प्रयास में पिंजरे की सरियों से टकराकर तेंदुए का मुंह चोटिल हो गया। सुबह पांच बजे वन विभाग की टीम पहुंची और पिंजरे को वाहन में लाद कर अपने साथ डियर पार्क ले गई। पिंजरे में कैद हुए तेंदुए को देखने व उसकी वीडियो बनाने के लिए ग्रामिणों की भीड़ जुट गई। वन विभाग की टीम को पिंजरे के ऊपर से हरे रंग कर तिरपाल डाल कर ढकना पड़ा । भीड़ को हटाने में वन विभाग की टीम को पसीने छूट गए । किसी प्रकार भीड़ से बचाकर वन विभाग की टीम पिंजरे को ले जाने में कामयाब हुई। डीएफओ डॉ. विनय पांडे ने बताया कि अब तक 13 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं।
शाम होते ही सड़कों पर छाने लगता है सन्नाटा
डिलारी। क्षेत्र की सड़कों पर शाम होने से पहले ही सन्नाटा छाने लगता है। तेंदुओं के आतंक के चलते क्षेत्र में भारी खौफ व्याप्त है। तड़के और भोर में सड़क पर घूमने के लिए लोगों ने जाना बंद कर दिया है। सड़कों पर दोपहिया वाहन चालकों की संख्या कम हो जाती है। बच्चों को माता पिता घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा देते है। जंगल से किसान चारा लेकर सूरज उगने तक अपने घर पहुंच जाते हैं। सड़कों पर चौपहिया वाहन ही दौड़ते हुए दिखाई देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार की रात को लगभग आठ तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया । कैद होने के उपरांत यह दहाड़ मार कर किसी प्रकार पिंजरे से निकलने का प्रयास कर रहा था। इस प्रयास में पिंजरे की सरियों से टकराकर तेंदुए का मुंह चोटिल हो गया। सुबह पांच बजे वन विभाग की टीम पहुंची और पिंजरे को वाहन में लाद कर अपने साथ डियर पार्क ले गई। पिंजरे में कैद हुए तेंदुए को देखने व उसकी वीडियो बनाने के लिए ग्रामिणों की भीड़ जुट गई। वन विभाग की टीम को पिंजरे के ऊपर से हरे रंग कर तिरपाल डाल कर ढकना पड़ा । भीड़ को हटाने में वन विभाग की टीम को पसीने छूट गए । किसी प्रकार भीड़ से बचाकर वन विभाग की टीम पिंजरे को ले जाने में कामयाब हुई। डीएफओ डॉ. विनय पांडे ने बताया कि अब तक 13 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं।
विज्ञापन
शाम होते ही सड़कों पर छाने लगता है सन्नाटा
डिलारी। क्षेत्र की सड़कों पर शाम होने से पहले ही सन्नाटा छाने लगता है। तेंदुओं के आतंक के चलते क्षेत्र में भारी खौफ व्याप्त है। तड़के और भोर में सड़क पर घूमने के लिए लोगों ने जाना बंद कर दिया है। सड़कों पर दोपहिया वाहन चालकों की संख्या कम हो जाती है। बच्चों को माता पिता घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा देते है। जंगल से किसान चारा लेकर सूरज उगने तक अपने घर पहुंच जाते हैं। सड़कों पर चौपहिया वाहन ही दौड़ते हुए दिखाई देते हैं।
विज्ञापन