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Moradabad News: पशुशाला से बछड़ा उठा ले गया तेंदुआ, बनाया निवाला
Mon, 09 Jun 2025 01:51 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Mon, 09 Jun 2025 01:51 AM IST
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ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद)। गांव बढ़ापुर निवासी बलवीर सिंह की पशुशाला से शनिवार की रात तेंदुआ बछड़े को उठा ले गया और गांव निवासी पप्पू सिंह के खेत में ले जाकर निवाला बना लिया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए की तलाश, लेकिन पता नहीं चल सका। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
गांव निवासी बलवीर का घर बाहरी छोर पर है। पास ही बनी पशुशाला में गेट नहीं है। शनिवार की रात करीब 12 बजे तेंदुआ पशुशाला से बछड़े को उठाकर ले गया। रविवार की सुबह बलवीर सिंह पशुशाला पहुंचे तो बछड़ा गायब था। उन्होंने आसपास के लोगों के साथ बछड़े की जंगल में तलाश की तो गांव निवासी पप्पू सिंह के खेत में खड़ी चरई की फसल में बछड़े के अवशेष पड़े मिले।
सूचना पर डायल 112 पुलिस गांव पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत करने के बाद घटना की जानकारी वन विभाग को दी। जिसके बाद वन विभाग के दरोगा केपी सिंह टीम के साथ गांव पहुंचे और जांच की। साथ ही जंगल में तेंदुए की तलाश की, लेकिन तेंदुए का पता नहीं चल सका। घटना के बाद से बढ़ापुर के अलावा आसपास के शेरपुर पट्टी, राईभूड़, बालापुर आदि गांवों में भी भी दहशत है।
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ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर की तेंदुए को पकड़ने की मांग
रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की। वन विभाग ने पिंजरा लगाने के लिए ग्रामीणों से लिखित रूप में देने के लिए कहा है। वन दरोगा ने बताया कि जांच में पता चला है कि तेंदुआ बछड़ा उठाकर ले गया था। उन्होंने ग्रामीणों जल्द ही तेंदुआ पकड़ने का आश्वासन देकर शांत किया। साथ ही अकेले जंगल न जाने की सलाह दी। प्रदर्शन करने वालों में बलवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह, छत्रपाल, ओमप्रकाश, करन सिंह, यशपाल सिंह आदि शामिल थे।
50 गांवों में तेंदुए का आतंक
क्षेत्र के करीब 50 गांवों में तेंदुए का आतंक है। पिछले दो माह में गांव आलमगीरपुर, खवाजपुर धनतला, राईभूड़ सहित चार गांवों से तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। इसके बाद भी आए दिन गांव पाड़ला, मधुपुरी, लालापुर पीपलसाना, आलमगीरपुर, करनावाला, दुल्हापु, जटपुरा राईभूड़, चावड़, असदुल्लापुर, बढ़ापुर, कल्यानपुर, बथुआ खेड़ा आदि गांवों में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं। वन विभाग की टीम लगातार तेंदुए को पकड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन तेंदुआ लगातार लोकेशन बदलता रहता है। जिससे पकड़ में नहीं आ रहा है।वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार का कहना है कि तेंदुओं की संख्या का कोई रिकॉर्ड हमारे पास नहीं है।
तेंदुए की हमले से दो की मौत और कई हो चुके हैं घायल
पिछले एक माह में तेंदुए कई लोगों पर हमला कर घायल कर चुका हैं। कल्यानपुर में तेंदुए ने हमला कर खेतों में काम कर रहे कर किसानों को घायल कर दिया था। गांव आलमगीरपुर में भी हमला कर किस कर दिया था। इससे पहले बाइक पर जा रहे गांव मासूमपुर निवासी सुखलाल को घायल कर दिया था। जबकि बहादुर नगर के एक बालक और मीरपुर मढ़ैया निवासी किशोर की तेंदुए के हमले में मौत हो चुकी है।
फोटो 1,2,3 ठाकुरद्वारा के गांव बढ़ापुर में तेंदुए के हमले के बाद खेत में पड़ा बछड़े का शव, पिंजरा लगाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण,घटना के जानकारी पुलिस को देते ग्रामीण
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गांव निवासी बलवीर का घर बाहरी छोर पर है। पास ही बनी पशुशाला में गेट नहीं है। शनिवार की रात करीब 12 बजे तेंदुआ पशुशाला से बछड़े को उठाकर ले गया। रविवार की सुबह बलवीर सिंह पशुशाला पहुंचे तो बछड़ा गायब था। उन्होंने आसपास के लोगों के साथ बछड़े की जंगल में तलाश की तो गांव निवासी पप्पू सिंह के खेत में खड़ी चरई की फसल में बछड़े के अवशेष पड़े मिले।
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सूचना पर डायल 112 पुलिस गांव पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत करने के बाद घटना की जानकारी वन विभाग को दी। जिसके बाद वन विभाग के दरोगा केपी सिंह टीम के साथ गांव पहुंचे और जांच की। साथ ही जंगल में तेंदुए की तलाश की, लेकिन तेंदुए का पता नहीं चल सका। घटना के बाद से बढ़ापुर के अलावा आसपास के शेरपुर पट्टी, राईभूड़, बालापुर आदि गांवों में भी भी दहशत है।
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ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर की तेंदुए को पकड़ने की मांग
रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की। वन विभाग ने पिंजरा लगाने के लिए ग्रामीणों से लिखित रूप में देने के लिए कहा है। वन दरोगा ने बताया कि जांच में पता चला है कि तेंदुआ बछड़ा उठाकर ले गया था। उन्होंने ग्रामीणों जल्द ही तेंदुआ पकड़ने का आश्वासन देकर शांत किया। साथ ही अकेले जंगल न जाने की सलाह दी। प्रदर्शन करने वालों में बलवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह, छत्रपाल, ओमप्रकाश, करन सिंह, यशपाल सिंह आदि शामिल थे।
50 गांवों में तेंदुए का आतंक
क्षेत्र के करीब 50 गांवों में तेंदुए का आतंक है। पिछले दो माह में गांव आलमगीरपुर, खवाजपुर धनतला, राईभूड़ सहित चार गांवों से तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। इसके बाद भी आए दिन गांव पाड़ला, मधुपुरी, लालापुर पीपलसाना, आलमगीरपुर, करनावाला, दुल्हापु, जटपुरा राईभूड़, चावड़, असदुल्लापुर, बढ़ापुर, कल्यानपुर, बथुआ खेड़ा आदि गांवों में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं। वन विभाग की टीम लगातार तेंदुए को पकड़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन तेंदुआ लगातार लोकेशन बदलता रहता है। जिससे पकड़ में नहीं आ रहा है।वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार का कहना है कि तेंदुओं की संख्या का कोई रिकॉर्ड हमारे पास नहीं है।
तेंदुए की हमले से दो की मौत और कई हो चुके हैं घायल
पिछले एक माह में तेंदुए कई लोगों पर हमला कर घायल कर चुका हैं। कल्यानपुर में तेंदुए ने हमला कर खेतों में काम कर रहे कर किसानों को घायल कर दिया था। गांव आलमगीरपुर में भी हमला कर किस कर दिया था। इससे पहले बाइक पर जा रहे गांव मासूमपुर निवासी सुखलाल को घायल कर दिया था। जबकि बहादुर नगर के एक बालक और मीरपुर मढ़ैया निवासी किशोर की तेंदुए के हमले में मौत हो चुकी है।
फोटो 1,2,3 ठाकुरद्वारा के गांव बढ़ापुर में तेंदुए के हमले के बाद खेत में पड़ा बछड़े का शव, पिंजरा लगाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण,घटना के जानकारी पुलिस को देते ग्रामीण