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जिनके खो गए जॉबकार्ड उनके नये बनेंगे
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मुरादाबाद। दूसरे शहर व राज्य से अपने घर आए श्रमिकों को उनको अपने जिले में ही काम उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इनमें शामिल जिन मजदूरों ने पहले कभी जॉबकार्ड बनवाए थे और जॉबकार्ड खो गए उन मजदूरों को डुप्लीकेट जॉबकार्ड बनाया जाना है। जिन मजदूरों के परिवार के किसी सदस्य का जॉबकार्ड पहले से बना है उससे भी श्रमिक को जोड़ दिया जाएगा। जिला स्तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले तीन-चार दिन में करीब 200 ऐसे श्रमिकों के जॉबकार्ड निर्गत किए जा चुके हैं।
जिले में अभी तक 10513 ऐसे श्रमिक अपने घर आ चुके हैं जो रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे शहर व राज्य में मेहनत मजदूरी कर जीविका चला रहे थे। इनमे से अधिकांश मजदूर प्रशासन के समक्ष अपने जिले में ही कामकाज कर जीविका चलाने की इच्छा जता चुके हैं। जिसके बाद इन मजदूरों को मनरेगा के तहत होने वाले काम में लगाने के लिए जॉबकार्ड बनाने का काम शुरू किया गया है। दो दिन पहले तक प्रशासन इनमें से 5266 श्रमिकों के जॉबकार्ड बना चुका है। मुख्य विकास अधिकारी मृदुल चौधरी ने बताया कि दूसरे शहरों से यहां आए श्रमिकों में से कुछ श्रमिक ऐसे हैं जिन्होंने पहले जॉब कार्ड बनवाए थे और वह जॉब कार्ड उसे खो गए अथवा नष्ट हो गए। ऐसे श्रमिकों के लिए द्वितीय प्रतिलिपि सत्यापित कर उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 66 श्रमिकों को जॉबकार्ड की द्वितीय प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जा चुकी है। कई ऐसे श्रमिक भी हैं जिनके परिवार के किसी सदस्य के पास मनरेगा जॉबकार्ड है तो ऐसे श्रमिकों का नाम भी उनके परिवार के सदस्य के जॉबकार्ड में जोड़ा जा रहा है। अभी तक ऐसे 110 श्रमिकों का नाम जोड़ा जा चुका है।
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जिले में अभी तक 10513 ऐसे श्रमिक अपने घर आ चुके हैं जो रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे शहर व राज्य में मेहनत मजदूरी कर जीविका चला रहे थे। इनमे से अधिकांश मजदूर प्रशासन के समक्ष अपने जिले में ही कामकाज कर जीविका चलाने की इच्छा जता चुके हैं। जिसके बाद इन मजदूरों को मनरेगा के तहत होने वाले काम में लगाने के लिए जॉबकार्ड बनाने का काम शुरू किया गया है। दो दिन पहले तक प्रशासन इनमें से 5266 श्रमिकों के जॉबकार्ड बना चुका है। मुख्य विकास अधिकारी मृदुल चौधरी ने बताया कि दूसरे शहरों से यहां आए श्रमिकों में से कुछ श्रमिक ऐसे हैं जिन्होंने पहले जॉब कार्ड बनवाए थे और वह जॉब कार्ड उसे खो गए अथवा नष्ट हो गए। ऐसे श्रमिकों के लिए द्वितीय प्रतिलिपि सत्यापित कर उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 66 श्रमिकों को जॉबकार्ड की द्वितीय प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जा चुकी है। कई ऐसे श्रमिक भी हैं जिनके परिवार के किसी सदस्य के पास मनरेगा जॉबकार्ड है तो ऐसे श्रमिकों का नाम भी उनके परिवार के सदस्य के जॉबकार्ड में जोड़ा जा रहा है। अभी तक ऐसे 110 श्रमिकों का नाम जोड़ा जा चुका है।
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