चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग से जुड़े वैज्ञानिक संदीप का बहुत गहरा है रामपुर से कनेक्शन
-इसरो में संदीप लांचिंग पैड और जीएसएलवी एमके-3 बनाने की टीम का रहे हिस्सा
-रामपुर में 12वीं तक शिक्षा ग्रहण की थी संदीप ने
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चंद्रयान-2 की टीम का हिस्सा बनकर रामपुर के युवा वैज्ञानिक संदीप चौहान ने एक बार फिर शहर को गौरवान्वित किया है। संदीप चंद्रयान दो के लिए जीएसएलवी एमके-3 और लांचिंग पैड की टीम के सदस्य रहे। संदीप ने इसरो में सेवा की शुरुआत मिशन चंद्रयान-एक से की थी। उनकी इसकी सफलता पर परिजनों में भी खुशी की लहर है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान लगातार अंतरिक्ष में सफलता के झंडे गाड़ रहा है। चंद्रयान-2 जैसे महत्वाकांक्षी मिशन में रामपुर के युवा वैज्ञानिक संदीप चौहान ने भी अहम योगदान दिया है। संदीप चौहान की प्रारंभिक शिक्षा भी रामपुर के केंद्रीय विद्यालय से संपन्न हुई। यहां पर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में उनके पिता हवलदार के पद पर तैनात थे।
इंटरमीडिएट तक की शिक्षा रामपुर में ग्रहण कर संदीप ने तकनीकी शिक्षा बाहर से ग्रहण की। संदीप इसरो से जुड़कर लगातार इसरो के विभिन्न मिशन में अपना योगदान दे रहे हैं। चंद्रयान दो में उन्होंने लांचिंग पैड और जीएसएलवी मार्क-3 की टीम सदस्य बनने से पहले इसरो में अपने कार्य की शुरुआत भी चंद्रयान मिशन एक से ही की थी। इसके अलावा वो करीब 70 अभियानों में भागीदारी कर चुके हैं।
पीएसएलवी-सी-40 के सफल प्रक्षेपण, मिशन चंद्रयान-एक, दस सैटेलाइट प्रक्षेपण, अंतरिक्ष में फ्रांस की सैटेलाइट की स्थापना, यूरोप से जीसेट-12 की अंतरिक्ष में स्थापना, मंगलयान के सफल प्रक्षेपण में भी योगदान, पीएसएलवी-सी-35 समेत कई अभियान में संदीप अहम हिस्सा रहे हैं। संदीप चौहान के बड़े भाई डॉ. कुलदीप चौहान ने बताया कि संदीप की कामयाबी पर उन्हें गर्व महसूस होता है क्योंकि पिता जी ने सेना में रहकर देश की सेवा की और संदीप विज्ञान के क्षेत्र में देश की सेवा कर रहा है।