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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Kanth dispute case Panchayati Raj Minister and MLA Ritesh Gupta and other BJP people are accused

कांठ बवाल मामला: 24 दिसंबर को आएगा फैसला, पंचायती राज मंत्री और विधायक रितेश गुप्ता समेत अन्य भाजपाई हैं आरोपी

Wed, 22 Dec 2021 06:11 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो,
अमर उजाला ब्यूरो, Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 22 Dec 2021 06:11 PM IST
सार

इस मामले में कांठ थाने में केस दर्ज किया गया था। जिसमें पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह, भाजपा विधायक रितेश गुप्ता समेत अन्य भाजपाई आरोपी बनाए थे।

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Kanth dispute case Panchayati Raj Minister and MLA Ritesh Gupta and other BJP people are accused
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुरादाबाद के सात साल पुराने बहुचर्चित कांठ प्रकरण में बुधवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है। मुकदमे में उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह और भाजपा नगर विधायक रितेश गुप्ता समेत अन्य भाजपाई आरोपी हैं। बहस के बाद अदालत ने 24 दिसंबर को आदेश के लिए तारीख तय की है।

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धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर दो पक्षों में हुआ था विवाद
कांठ थानाक्षेत्र के अकबरपुर चैदरी में 2014 को धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। उस समय भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं पर आरोप लगा था कि उन्होंने जनता को उकसा कर धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया है। बवाल में तत्कालीन डीएम और पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। रेलवे विभाग द्वारा भी अलग से मुकदमा दर्ज कराया गया था। उक्त मुकदमे की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट पुनीत गुप्ता की अदालत में चल रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई एवं अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर ने बताया कि मुकदमे में सभी की गवाही पूरी होने के बाद आरोपियों की ओर बहस की गई।
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आरोपियों के वकीलों ने अदालत के समक्ष रखा अपना पक्ष
पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह व नगर विधायक रितेश गुप्ता समेत आरोपियों के वकीलों ने अपना पक्ष अदालत में प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष का कहना था कि मुकदमा राजनीतिक दबाव में लिखवाया गया था । मौके से कोई गिफ्तार भी नहीं किया था। बचाव पक्ष की दलीलों को सिरे से अभियोजन पक्ष की ओर से खारिज किया गया। साथ ही अदालत को बताया कि घटना के दौरान घायल पीडितों ने अदालत में आकर घटना की पुष्टि की है। बुधवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आदेश के लिए आगामी 24 दिसंबर तय की है।

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