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जनता पास, मतदान प्रतिशत बढ़ाने में अधिकारी हुए फेल
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Nov 2017 12:45 AM IST
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मतदाता
- फोटो : SELF
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मतदान सबका अधिकार है। इस वजह से सभी मतदाताओं को निकाय चुनाव में मतदान करने के लिए जागरूक करने को अभियान चलाया गया।
इसका असर भी बुधवार को दिखाई दिया, मतदान के वक्त पोलिंग बूथों पर शहर के कोने-कोने से हर वर्ग का व्यक्ति मतदान करने के लिए अपने पोलिंग बूथ पर पहुंचा लेकिन वहां पर कुछ मतदाताओं की सूची से मतदाताओं के नाम गायब मिलने पर तो कुछ के नाम सूची में गलत होने के कारण मायूसी झेलनी पड़ी। इससे उनके हौसले टूट गए, जिसका जिम्मेदार मतदाताओं ने जिम्मेदारअधिकारियों को ठहराया है।
बुधवार की सुबह हुई तो अपने पसंद का प्रत्याशी चुनने के लिए सर्दी होेने के बावजूद युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सहित अन्य लोग घरों से बाहर निकले। लोगों ने सोचा था कि वह अपनी पसंद के प्रत्याशी को वोट देकर विजयी बनाएंगे, जिससे कि न केवल उनको गंदगी, टूटी सड़क, नालियों की सफाई, शिक्षा के प्रबंध, जाम सहित अन्य समस्याओं से उन्हें छुटकारा मिल सके।
इसके साथी मतदाताओं का मन निकाय चुनाव में मत प्रतिशत को बढ़ाना था, जिससे की मुरादाबाद का नाम भी मतदान के लिए जागरूक शहरों की सूची में शामिल हो सके। इन वजहों से बुधवार सुबह जब मतदान करने के लिए लोग पोलिंग बूथ पर पहुंचे तो वह बेहद खुश नजर आए लेकिन बड़ी संख्या में मतदाताओं की खुशी को अधिकारियों की नाकामी ने ज्यादा देर तक उनके चेहरे पर टिकने नहीं दिया।
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मतदाताओं को जैसे ही उन्हें मतदाता सूची से अपना नाम गायब होने की जानकारी मिली तो उनके चेहरे पर मायूसी छा गई, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को कोसा।
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इसका असर भी बुधवार को दिखाई दिया, मतदान के वक्त पोलिंग बूथों पर शहर के कोने-कोने से हर वर्ग का व्यक्ति मतदान करने के लिए अपने पोलिंग बूथ पर पहुंचा लेकिन वहां पर कुछ मतदाताओं की सूची से मतदाताओं के नाम गायब मिलने पर तो कुछ के नाम सूची में गलत होने के कारण मायूसी झेलनी पड़ी। इससे उनके हौसले टूट गए, जिसका जिम्मेदार मतदाताओं ने जिम्मेदारअधिकारियों को ठहराया है।
बुधवार की सुबह हुई तो अपने पसंद का प्रत्याशी चुनने के लिए सर्दी होेने के बावजूद युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सहित अन्य लोग घरों से बाहर निकले। लोगों ने सोचा था कि वह अपनी पसंद के प्रत्याशी को वोट देकर विजयी बनाएंगे, जिससे कि न केवल उनको गंदगी, टूटी सड़क, नालियों की सफाई, शिक्षा के प्रबंध, जाम सहित अन्य समस्याओं से उन्हें छुटकारा मिल सके।
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इसके साथी मतदाताओं का मन निकाय चुनाव में मत प्रतिशत को बढ़ाना था, जिससे की मुरादाबाद का नाम भी मतदान के लिए जागरूक शहरों की सूची में शामिल हो सके। इन वजहों से बुधवार सुबह जब मतदान करने के लिए लोग पोलिंग बूथ पर पहुंचे तो वह बेहद खुश नजर आए लेकिन बड़ी संख्या में मतदाताओं की खुशी को अधिकारियों की नाकामी ने ज्यादा देर तक उनके चेहरे पर टिकने नहीं दिया।
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मतदाताओं को जैसे ही उन्हें मतदाता सूची से अपना नाम गायब होने की जानकारी मिली तो उनके चेहरे पर मायूसी छा गई, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को कोसा।