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जल जीवन मिशन : पाइपलाइन बिछाने के बाद खोदी गईं सड़कें जस की तस
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मुरादाबाद। जल जीवन मिशन के तहत पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें जस की तस है। कहीं सड़कों पर पानी जमा है तो कहीं कीचड़ से गुजरना पड़ रहा है। सड़के टूटी होने के कारण लोगों को आवागमन में भी परेशानी हो रही है। बच्चे गिरकर घायल हो जाते हैं। साइकिल व बाइक सवार अक्सर हादसे का शिकार होते हैं। लोगों का कहना है कि खराब सड़कों के बारे में कई बार जिम्मेदारों तक सूचनाएं पहुंचाई गईं लेकिन उसका निदान नहीं हो सका है। अब तो सीएम ने भी जल जीवन मिशन के तहत खोदी गईं सड़कों व गड्ढों को तत्काल भरने का सख्त निर्देश दिया है।
मसतल्लीपुर गांव में पाइपलाइन बिछाई पर नहीं की सड़कों की मरम्मत
ठाकुरद्वारा। ग्राम पंचायत करनावाला खालसा के गांव मसतल्लीपुर में तीन वर्ष बाद भी जल जीवन मिशन का काम अधूरा है। गांव में 15 नवंबर 2021 से कार्य शुरू हुआ था। योजना के गांव में लगे नोटिस बोर्ड पर लिखा है कि इस योजना 152.29 लाख रुपए खर्च होने का एस्टीमेट है। योजना के अंतर्गत 150 किलो लीटर क्षमता का टैंक बनेगा और 119 घरों में पानी की आपूर्ति के लिए कनेक्शन दिए जाएंगे। पाइपल लाइन बिछाने के लिए गांव की सड़कें खोदी गईं लेकिन पाइपलाइन डालने के बाद अधिकांश सड़कों की मरम्मत नहीं की गई है। गांव के मोहम्मद राहिल का कहना है कि अभी कई सड़के क्षतिग्रस्त हैं। गांव के विशारत अली का कहना है कि जगह-जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है। पानी छोड़ने पर उसमें से पानी सड़क पर बहने लगता है। कीचड़ फैल जाता है। कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव के फाजल अली का कहना है कि पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों को ठीक नहीं किया है। कनेक्शन तो हुए हैं लेकिन नियमित पानी नहीं आता है। ग्राम पंचायत के प्रधान सूरज सिंह का कहना है कि अभी तक योजना पूरी नहीं हुई है। ग्राम पंचायत ने योजना को हैंडओवर करने से मना कर दिया है। योजना में बने टैंक का निर्माण भी अधूरा है। नलकूप का निर्माण हो गया है लेकिन उसके बोरिंग से कभी-कभी पाइपलाइन में पानी की आपूर्ति की जाती है। घरों में पानी भी नहीं पहुंच पाता है।
ठाकुरद्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के लिए ठाकुरद्वारा ब्लॉक की 74 ग्राम पंचायत में काम हुआ। अभी तक अधिकांश खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है। गांव लौंगीकला, बादरझल्ला, भरतावाला, असलेमपुर, कालेवाला, माधोवाला सदी में खोदी गई सड़के ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। गांव भरतावाला के प्रधान पति शंकर सिंह का कहना है कि उनके गांव में न तो पानी की आपूर्ति शुरू हुई है और न ही अभी तक पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत की गई है। बीडीओ उमाकांत मुदगल ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई गांवो कि सड़कों की जांच के आदेश मिले हैं जिसमें उन्हें और सहायक विकास अधिकारियों को कुछ गांव की जांच मिली है। शीघ्र जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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ग्राम पंचायत भरतावाला के ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत खोदी गई सड़कों की मरम्मत काफी समय बाद भी न होने पर रोष व्यक्त किया है। गांव के संतराम सिंह और चरन सिंह का कहना है कि अभी तक घरों में टैंक से पानी की आपूर्ति नहीं की गई है। सड़कों को खोद कर डाल दिया गया है बारिश होने पर इनमें कीचड़ हो जाने से परेशानी होती है रात को चलने में ठोकर लगती है।
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मुंडिया राजा गांव में दो साल से उखड़ी पड़ी हैं सड़कें
बिलारी। ब्लॉक के मुंडिया राजा गांव में भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाने के दौरान जो सड़कें खोदी गई थीं, दो साल बीत जाने के बाद भी वह उखड़ी पड़ी हैं, संबंधित ठेकेदार द्वारा अभी तक टूटी सड़कों को ऊपर से दुरुस्त नहीं कराया गया। मुंडिया राजा गांव निवासी सुनील कुमार, सत्यवीर सिंह और शमशेर सिंह ने बताया कि उखड़ी सड़कें ठीक न होने से छोटे बच्चे अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। साइकिल सवार और बाइक चालक भी कई बार हादसों का शिकार हो चुके हैं। जल निगम और पंचायत राज विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कें अभी तक ठीक नहीं हो पाई हैं। वहीं मुड़िया राजा गांव में जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड वाटर टैंक का निर्माण भी अभी तक अधूरा पड़ा है।
वहीं ब्लॉक की ग्राम पंचायत जसरथपुर में शामिल पलिया गांव में दो साल बाद भी ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। दोनों ग्रामों की आबादी में लगभग तीन साल पहले भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाने को सड़कें खोद दी गईं। इन उखड़ी सड़कों को जलनिगम के ठेकेदार द्वारा अभी तक दुरुस्त नहीं कराया गया। ग्राम पंचायत जसरथपुर के प्रधान बिजेंद्र सिंह ने बताया कि गहरा गड्ढा खोदे हुए दो साल बीत गए लेकिन अभी तक यहां ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू नहीं किया गया है। यहां से होकर गुजरते समय और खेलते समय छोटे बच्चों के इस गहरे गड्ढे में गिरने का खतरा बना रहता है। ग्राम प्रधान के अनुसार ब्लॉक के अधिकारियों और जलनिगम के अधिकारियों से शिकायत करने के अलावा आइजीआरएस पोर्टल और मुख्यमंत्री दरबार तक शिकायत की गई लेकिन अभी तक ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरु नहीं हो सका है। ओवरहेड टैंक बने बिना ग्राम पंचायत में शामिल दोनों ग्रामों के लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति से वंचित रहना पड़ रहा है। जलनिगम के अधिकारियों ने जसरथपुर और पलिया दोनों ग्रामों को एक ही ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति करने की योजना बनाई। पलिया गांव की आबादी के दक्षिण में खाली पड़ी ग्राम समाज की भूमि को पेयजल परियोजना के लिए चयनित किया गया। यहां नलकूप का बोरिंग होने के बाद नलकूप की कोठरी बना दी गई और नलकूप चलाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सोलर प्लांट भी लगा दिया गया। नलकूप के निकट ही ओवरहेड टैंक बनाने को नीचे का फाउंडेशन बनाने के लिए लगभग दो साल पहले काफी गहरा और चौड़ा गडढ़ा खोद दिया गया।
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छजलैट ब्लॉक के डेहरा में भी खोदाई के बाद ऐसे ही छोड़ दिए गए रास्ते
कांठ। विकास खंड छजलैट के गांव डेहरा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत खोदे गए रास्ते एक साल से ऐसे ही पड़े हैं। ठेकेदार लाइन बिछाने का काम भी अधूरा छोड़ गया। खोदे गए रास्तों की मरमम्त भी नहीं कि गई। ग्रामीण ठोकरें खाने को विवश हैं। रविवार को गांव के निपेंद्र सिंह, सुमन, इंद्र, तेजपाल और योगेश ने बताया कि डेढ़ साल पहले यहां योजना के ठेकेदार ने रास्तों की तेजी से खुदाई की थी। कुछ जगह ही पाइप दबाए गए। बाकी को ऐसे ही छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि एक साल पहले रास्तों को बिना मरम्मत किए छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि ज्यादातर रास्तों को खुद उन्होंने भरा है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक साल पहले खोदे गए रास्ते यूं ही छोड़ दिए थे। खोदाई से उबड़-खाबड़ हुए रास्तों से आना-जाना मुश्किल हो गया है। उनके गांव में न टैंक बना है और न ही पानी की आपूर्ति ही हुई बस रास्तों को खराब कर दिया गया।
वहीं विकास खंड छजलैट के गांव मधपुरी इनायतपुरी में जल जीवन मिशन के तहत भूमिगत वाटर पाइप लाइन को खोदे गए गांव के कई प्रमुख रास्ते मरम्मत किए बिना ऐसे ही छोड़ दिए गए। रविवार को गांव के वीरबल सिंह, रामगोपाल, महेश, भारत सिंह ने बताया कि डेढ़ साल पहले संबंधित ठेकेदार ने पाइप लाइन दबाने को गांव के कई खास रास्तों को खोदा था। एक साल पहले मरम्मत किए बिना रास्तों को ऐसे ही छोड़ दिया। उबड़-खाबड़ रास्तों से ग्रामीणों के साथ पशुओं को भी आने जाने में परेशानी होती है।
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छजलैट ब्लॉक के सादकपुर खिचड़ी में ओवरहेड टैंक अधूरा, नहीं मिलता पीने का पानी
कांठ। विकास खंड छजलैट की ग्राम पंचायत सादकपुर मलूकपुर उर्फ खिचड़ी के गांव बिलायत नगर, किरतपुरी और सादकपुर खिचड़ी के ग्रामीणों को नमामि गंगे ग्रामीण जलापूर्ति, जल जीवन मिशन के तहत पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए 249.77 लाख की लागत से 2023 में काम शुरू हुआ था। गांवों में पाइप लाइन बिछाई गई, कुछ घरों में टोंटी भी लगी हैं। नलकूप, चार दीवारी और सौर ऊर्जा सिस्टम भी लगा है। लेकिन ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य पिलर बनाने के बाद अधूरा छोड़ दिया। यहां अभी तक ओवरहेड टैंक नहीं बनाया गया। ग्रामीणों के अनुसार अब पिछले एक साल से काम बंद है। नलकूप को डायरेक्ट पाइप लाइन से जोड़कर केवल सादकपुर में कुछ दिन पानी की आपूर्ति भी की गई। रविवार को गांव के कुंवरपाल, पूनम और दीपचंद ने बताया कि ओवरहेड टैंक नहीं बनाया गया। सादकपुर मलूकपुर उर्फ खिचड़ी की ग्राम प्रधान हेमलता के बेटे योगेश्वर सिंह ने बताया कि पिलर बनाकर एक साल पहले ओवरहेड टैंक का काम बंद कर दिया गया, टैंक बनाया ही नहीं गया है। उन्होंने बताया कि किरतपुरी और बिलायत नगर में वाटर पाइप लाइन का काम भी पूरा नहीं है।
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काजीपुरा में संकरी गलियों से रात में लगतीं हैं ठोकरें
कुंदरकी। जल जीवन मिशन के तहत कुंदरकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत तेवर पट्टी उर्फ काजीपुरा में करीब तीन साल पहले ओवरहेड वाटर टैंक, नलकूप निर्माण और हर घर जल पहुंचने के लिए भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाई गई थी। पहले से ही निर्देश थे कि भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क के गड्ढों को तत्काल पाटा जाए लेकिन अधिकांश गांवों में ऐसा नहीं हुआ जिससे ग्रामीणों के आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तेवर पट्टी उर्फ काजीपुरा में कई रास्तों समेत अनेक संकरी गलियों की हालत ज्यादा खस्ता नजर आई। गांव निवासी धाम सिंह ने बताया कि भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाने के बाद अनेक रास्तों को सही नहीं किया है जिससे परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं धर्मपाल सिंह का कहना है कि इन उबड़ खबड़ रास्तों से रात के समय गुजरने पर ठोकरें लगती हैं और छोटे बच्चों अक्सर गिरकर चोटिल तक हो जाते हैं लेकिन समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। उधर मनीषा, राजवती, मोहन वाला आदि महिलाओं का कहना था कि उनके मोहल्ले के सभी बदहाल रास्तों को तत्काल ठीक कराया जाए।
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मसतल्लीपुर गांव में पाइपलाइन बिछाई पर नहीं की सड़कों की मरम्मत
ठाकुरद्वारा। ग्राम पंचायत करनावाला खालसा के गांव मसतल्लीपुर में तीन वर्ष बाद भी जल जीवन मिशन का काम अधूरा है। गांव में 15 नवंबर 2021 से कार्य शुरू हुआ था। योजना के गांव में लगे नोटिस बोर्ड पर लिखा है कि इस योजना 152.29 लाख रुपए खर्च होने का एस्टीमेट है। योजना के अंतर्गत 150 किलो लीटर क्षमता का टैंक बनेगा और 119 घरों में पानी की आपूर्ति के लिए कनेक्शन दिए जाएंगे। पाइपल लाइन बिछाने के लिए गांव की सड़कें खोदी गईं लेकिन पाइपलाइन डालने के बाद अधिकांश सड़कों की मरम्मत नहीं की गई है। गांव के मोहम्मद राहिल का कहना है कि अभी कई सड़के क्षतिग्रस्त हैं। गांव के विशारत अली का कहना है कि जगह-जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है। पानी छोड़ने पर उसमें से पानी सड़क पर बहने लगता है। कीचड़ फैल जाता है। कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव के फाजल अली का कहना है कि पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों को ठीक नहीं किया है। कनेक्शन तो हुए हैं लेकिन नियमित पानी नहीं आता है। ग्राम पंचायत के प्रधान सूरज सिंह का कहना है कि अभी तक योजना पूरी नहीं हुई है। ग्राम पंचायत ने योजना को हैंडओवर करने से मना कर दिया है। योजना में बने टैंक का निर्माण भी अधूरा है। नलकूप का निर्माण हो गया है लेकिन उसके बोरिंग से कभी-कभी पाइपलाइन में पानी की आपूर्ति की जाती है। घरों में पानी भी नहीं पहुंच पाता है।
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ठाकुरद्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के लिए ठाकुरद्वारा ब्लॉक की 74 ग्राम पंचायत में काम हुआ। अभी तक अधिकांश खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है। गांव लौंगीकला, बादरझल्ला, भरतावाला, असलेमपुर, कालेवाला, माधोवाला सदी में खोदी गई सड़के ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। गांव भरतावाला के प्रधान पति शंकर सिंह का कहना है कि उनके गांव में न तो पानी की आपूर्ति शुरू हुई है और न ही अभी तक पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत की गई है। बीडीओ उमाकांत मुदगल ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई गांवो कि सड़कों की जांच के आदेश मिले हैं जिसमें उन्हें और सहायक विकास अधिकारियों को कुछ गांव की जांच मिली है। शीघ्र जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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ग्राम पंचायत भरतावाला के ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत खोदी गई सड़कों की मरम्मत काफी समय बाद भी न होने पर रोष व्यक्त किया है। गांव के संतराम सिंह और चरन सिंह का कहना है कि अभी तक घरों में टैंक से पानी की आपूर्ति नहीं की गई है। सड़कों को खोद कर डाल दिया गया है बारिश होने पर इनमें कीचड़ हो जाने से परेशानी होती है रात को चलने में ठोकर लगती है।
मुंडिया राजा गांव में दो साल से उखड़ी पड़ी हैं सड़कें
बिलारी। ब्लॉक के मुंडिया राजा गांव में भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाने के दौरान जो सड़कें खोदी गई थीं, दो साल बीत जाने के बाद भी वह उखड़ी पड़ी हैं, संबंधित ठेकेदार द्वारा अभी तक टूटी सड़कों को ऊपर से दुरुस्त नहीं कराया गया। मुंडिया राजा गांव निवासी सुनील कुमार, सत्यवीर सिंह और शमशेर सिंह ने बताया कि उखड़ी सड़कें ठीक न होने से छोटे बच्चे अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। साइकिल सवार और बाइक चालक भी कई बार हादसों का शिकार हो चुके हैं। जल निगम और पंचायत राज विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कें अभी तक ठीक नहीं हो पाई हैं। वहीं मुड़िया राजा गांव में जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड वाटर टैंक का निर्माण भी अभी तक अधूरा पड़ा है।
वहीं ब्लॉक की ग्राम पंचायत जसरथपुर में शामिल पलिया गांव में दो साल बाद भी ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। दोनों ग्रामों की आबादी में लगभग तीन साल पहले भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाने को सड़कें खोद दी गईं। इन उखड़ी सड़कों को जलनिगम के ठेकेदार द्वारा अभी तक दुरुस्त नहीं कराया गया। ग्राम पंचायत जसरथपुर के प्रधान बिजेंद्र सिंह ने बताया कि गहरा गड्ढा खोदे हुए दो साल बीत गए लेकिन अभी तक यहां ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू नहीं किया गया है। यहां से होकर गुजरते समय और खेलते समय छोटे बच्चों के इस गहरे गड्ढे में गिरने का खतरा बना रहता है। ग्राम प्रधान के अनुसार ब्लॉक के अधिकारियों और जलनिगम के अधिकारियों से शिकायत करने के अलावा आइजीआरएस पोर्टल और मुख्यमंत्री दरबार तक शिकायत की गई लेकिन अभी तक ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरु नहीं हो सका है। ओवरहेड टैंक बने बिना ग्राम पंचायत में शामिल दोनों ग्रामों के लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति से वंचित रहना पड़ रहा है। जलनिगम के अधिकारियों ने जसरथपुर और पलिया दोनों ग्रामों को एक ही ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति करने की योजना बनाई। पलिया गांव की आबादी के दक्षिण में खाली पड़ी ग्राम समाज की भूमि को पेयजल परियोजना के लिए चयनित किया गया। यहां नलकूप का बोरिंग होने के बाद नलकूप की कोठरी बना दी गई और नलकूप चलाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सोलर प्लांट भी लगा दिया गया। नलकूप के निकट ही ओवरहेड टैंक बनाने को नीचे का फाउंडेशन बनाने के लिए लगभग दो साल पहले काफी गहरा और चौड़ा गडढ़ा खोद दिया गया।
छजलैट ब्लॉक के डेहरा में भी खोदाई के बाद ऐसे ही छोड़ दिए गए रास्ते
कांठ। विकास खंड छजलैट के गांव डेहरा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत खोदे गए रास्ते एक साल से ऐसे ही पड़े हैं। ठेकेदार लाइन बिछाने का काम भी अधूरा छोड़ गया। खोदे गए रास्तों की मरमम्त भी नहीं कि गई। ग्रामीण ठोकरें खाने को विवश हैं। रविवार को गांव के निपेंद्र सिंह, सुमन, इंद्र, तेजपाल और योगेश ने बताया कि डेढ़ साल पहले यहां योजना के ठेकेदार ने रास्तों की तेजी से खुदाई की थी। कुछ जगह ही पाइप दबाए गए। बाकी को ऐसे ही छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि एक साल पहले रास्तों को बिना मरम्मत किए छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि ज्यादातर रास्तों को खुद उन्होंने भरा है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक साल पहले खोदे गए रास्ते यूं ही छोड़ दिए थे। खोदाई से उबड़-खाबड़ हुए रास्तों से आना-जाना मुश्किल हो गया है। उनके गांव में न टैंक बना है और न ही पानी की आपूर्ति ही हुई बस रास्तों को खराब कर दिया गया।
वहीं विकास खंड छजलैट के गांव मधपुरी इनायतपुरी में जल जीवन मिशन के तहत भूमिगत वाटर पाइप लाइन को खोदे गए गांव के कई प्रमुख रास्ते मरम्मत किए बिना ऐसे ही छोड़ दिए गए। रविवार को गांव के वीरबल सिंह, रामगोपाल, महेश, भारत सिंह ने बताया कि डेढ़ साल पहले संबंधित ठेकेदार ने पाइप लाइन दबाने को गांव के कई खास रास्तों को खोदा था। एक साल पहले मरम्मत किए बिना रास्तों को ऐसे ही छोड़ दिया। उबड़-खाबड़ रास्तों से ग्रामीणों के साथ पशुओं को भी आने जाने में परेशानी होती है।
छजलैट ब्लॉक के सादकपुर खिचड़ी में ओवरहेड टैंक अधूरा, नहीं मिलता पीने का पानी
कांठ। विकास खंड छजलैट की ग्राम पंचायत सादकपुर मलूकपुर उर्फ खिचड़ी के गांव बिलायत नगर, किरतपुरी और सादकपुर खिचड़ी के ग्रामीणों को नमामि गंगे ग्रामीण जलापूर्ति, जल जीवन मिशन के तहत पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए 249.77 लाख की लागत से 2023 में काम शुरू हुआ था। गांवों में पाइप लाइन बिछाई गई, कुछ घरों में टोंटी भी लगी हैं। नलकूप, चार दीवारी और सौर ऊर्जा सिस्टम भी लगा है। लेकिन ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य पिलर बनाने के बाद अधूरा छोड़ दिया। यहां अभी तक ओवरहेड टैंक नहीं बनाया गया। ग्रामीणों के अनुसार अब पिछले एक साल से काम बंद है। नलकूप को डायरेक्ट पाइप लाइन से जोड़कर केवल सादकपुर में कुछ दिन पानी की आपूर्ति भी की गई। रविवार को गांव के कुंवरपाल, पूनम और दीपचंद ने बताया कि ओवरहेड टैंक नहीं बनाया गया। सादकपुर मलूकपुर उर्फ खिचड़ी की ग्राम प्रधान हेमलता के बेटे योगेश्वर सिंह ने बताया कि पिलर बनाकर एक साल पहले ओवरहेड टैंक का काम बंद कर दिया गया, टैंक बनाया ही नहीं गया है। उन्होंने बताया कि किरतपुरी और बिलायत नगर में वाटर पाइप लाइन का काम भी पूरा नहीं है।
काजीपुरा में संकरी गलियों से रात में लगतीं हैं ठोकरें
कुंदरकी। जल जीवन मिशन के तहत कुंदरकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत तेवर पट्टी उर्फ काजीपुरा में करीब तीन साल पहले ओवरहेड वाटर टैंक, नलकूप निर्माण और हर घर जल पहुंचने के लिए भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाई गई थी। पहले से ही निर्देश थे कि भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क के गड्ढों को तत्काल पाटा जाए लेकिन अधिकांश गांवों में ऐसा नहीं हुआ जिससे ग्रामीणों के आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तेवर पट्टी उर्फ काजीपुरा में कई रास्तों समेत अनेक संकरी गलियों की हालत ज्यादा खस्ता नजर आई। गांव निवासी धाम सिंह ने बताया कि भूमिगत वाटर पाइप लाइन बिछाने के बाद अनेक रास्तों को सही नहीं किया है जिससे परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं धर्मपाल सिंह का कहना है कि इन उबड़ खबड़ रास्तों से रात के समय गुजरने पर ठोकरें लगती हैं और छोटे बच्चों अक्सर गिरकर चोटिल तक हो जाते हैं लेकिन समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। उधर मनीषा, राजवती, मोहन वाला आदि महिलाओं का कहना था कि उनके मोहल्ले के सभी बदहाल रास्तों को तत्काल ठीक कराया जाए।