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युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म में पांच दोषियों को आजीवन कारावास
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मुरादाबाद। दस साल पहले युवती को घर से अगवा कर जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने पांचों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर जुर्माना लगाया है। इस केस की सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है।
हजरत नगरगढ़ी थाने में 25 मई 2012 को एक किसान ने केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि सोनकपुर निवासी द्रगपाल, प्रेमपाल, चंद्रकेश, बाबी, उमेश और उसका भाई सूरज उसकी बेटी को रास्ते में आते जाते परेशान करते थे। जिसकी शिकायत आरोपियों के घर वालों से की गई थी। इससे रंजिश रखकर आरोपियों ने मिलकर किसान के बेटे से झगड़ा किया था। पुलिस ने उस समय शांति भंग की धाराओं में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। आरोप है कि जमानत होने के बाद आरोपी 24, 25 मई 2012 की रात घर में घुस आए। घर की महिलाओं को बंधक बना कर जंगलों में ले गए, जहां वादी की पत्नी और बहन के जेवर लूट लिए। इसके अलावा आरोपियों ने बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में पुलिस ने 2 जून 2012 को मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम योगेंद्र चौहान की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने बताया कि इस मुकदमे में आरोपी उमेश की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद शेष आरोपियों को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए द्रगपाल, प्रेमपाल, चंद्रकेश, बाबी व सूरज को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा प्रत्येक दोषी पर 22,500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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हजरत नगरगढ़ी थाने में 25 मई 2012 को एक किसान ने केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि सोनकपुर निवासी द्रगपाल, प्रेमपाल, चंद्रकेश, बाबी, उमेश और उसका भाई सूरज उसकी बेटी को रास्ते में आते जाते परेशान करते थे। जिसकी शिकायत आरोपियों के घर वालों से की गई थी। इससे रंजिश रखकर आरोपियों ने मिलकर किसान के बेटे से झगड़ा किया था। पुलिस ने उस समय शांति भंग की धाराओं में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। आरोप है कि जमानत होने के बाद आरोपी 24, 25 मई 2012 की रात घर में घुस आए। घर की महिलाओं को बंधक बना कर जंगलों में ले गए, जहां वादी की पत्नी और बहन के जेवर लूट लिए। इसके अलावा आरोपियों ने बेटी से सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में पुलिस ने 2 जून 2012 को मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम योगेंद्र चौहान की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने बताया कि इस मुकदमे में आरोपी उमेश की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद शेष आरोपियों को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए द्रगपाल, प्रेमपाल, चंद्रकेश, बाबी व सूरज को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा प्रत्येक दोषी पर 22,500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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