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विवेचक को चार किलोमीटर की दूरी तय करने में लग गए 147 दिन
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मुरादाबाद। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से तो किसी घटना के खुलासे की उम्मीद ही छोड़ दीजिए। यह अलग बात है कि चोर खुद ही आकर कहें कि चोरी हमने की है। वरना पुलिस तो हाथ पर हाथ रखकर बैठी हुई है। चोरी की एक घटना में विवेचक को चार किलोमीटर की दूरी तय करने में 147 दिन लग गए। विवेचक तब घटनास्थल पर पहुंचे, जब सीओ ने उन्हें फटकार लगाई।
कोतवाली क्षेत्र के कोठीवाल नगर निवासी मनीष त्यागी की मझोला की एकता कॉलोनी में परचून की दुकान है। मनीष ने बताया कि एक मई 2021 की रात चोरों ने दुकान के ताले तोड़कर करीब एक लाख बीस हजार रुपये का सामान चोरी कर लिया था। चोर यहां से 17 हजार की नकदी और 18 हजार रुपये के सिक्के भी बटोर कर ले गए थे। इस घटना की जानकारी दो मई की सुबह हो सकी थी।
मनीष ने बताया कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद थाने पहुंचकर तहरीर दे दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने छह दिन बाद चोरी की रिपोर्ट दर्ज की थी। तब से लेकर अब तक केस में चार विवेचक बदले जा चुके हैं। मनीष ने बताया कि शनिवार को उन्होंने मझोला थाने पहुंचकर संपूर्ण समाधान दिवस में सीओ सिविल लाइंस को प्रार्थनापत्र दिया था। जिसमें उन्होंने बताया कि अब तक इस केस में चार विवेचक बदले जा चुके हैं, लेकिन एक भी विवेचक घटनास्थल देखने नहीं पहुंचा है।
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दुकानदार की शिकायत सुनने के बाद सीओ ने विवेचक को घटनास्थल का निरीक्षण करने और पीड़ित दुकानदार के बयान दर्ज करने के आदेश दिए थे। लेकिन सीओ के आदेश के बाद चौबीस घंटे बाद भी विवेचक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। इसके बाद पीड़ित ने रविवार को फिर से इस मामले की शिकायत की। तब सीओ ने विवेचक को फटकार लगाई। इसके बाद विवेचक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान से थाने की दूसरी चार किलोमीटर और मंडी समिति चौकी की दूरी मात्र एक किलोमीटर है। इसके बावजूद विवेचक को घटनास्थल पर पहुंचने में पूरे 147 दिन लग गए।
सीओ इंदु सिद्घार्थ ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र आया था। विवेचक को निर्देशित किया गया है कि वह घटनास्थल का निरीक्षण करें और केस पर कार्य कर घटना का खुलासा करें। उन्होंने बताया कि इस मामले में ये भी देखा जाएगा कि अब तक विवेचक घटनास्थल पर क्यों नहीं पहुंचेे थे।
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कोतवाली क्षेत्र के कोठीवाल नगर निवासी मनीष त्यागी की मझोला की एकता कॉलोनी में परचून की दुकान है। मनीष ने बताया कि एक मई 2021 की रात चोरों ने दुकान के ताले तोड़कर करीब एक लाख बीस हजार रुपये का सामान चोरी कर लिया था। चोर यहां से 17 हजार की नकदी और 18 हजार रुपये के सिक्के भी बटोर कर ले गए थे। इस घटना की जानकारी दो मई की सुबह हो सकी थी।
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मनीष ने बताया कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद थाने पहुंचकर तहरीर दे दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने छह दिन बाद चोरी की रिपोर्ट दर्ज की थी। तब से लेकर अब तक केस में चार विवेचक बदले जा चुके हैं। मनीष ने बताया कि शनिवार को उन्होंने मझोला थाने पहुंचकर संपूर्ण समाधान दिवस में सीओ सिविल लाइंस को प्रार्थनापत्र दिया था। जिसमें उन्होंने बताया कि अब तक इस केस में चार विवेचक बदले जा चुके हैं, लेकिन एक भी विवेचक घटनास्थल देखने नहीं पहुंचा है।
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दुकानदार की शिकायत सुनने के बाद सीओ ने विवेचक को घटनास्थल का निरीक्षण करने और पीड़ित दुकानदार के बयान दर्ज करने के आदेश दिए थे। लेकिन सीओ के आदेश के बाद चौबीस घंटे बाद भी विवेचक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। इसके बाद पीड़ित ने रविवार को फिर से इस मामले की शिकायत की। तब सीओ ने विवेचक को फटकार लगाई। इसके बाद विवेचक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान से थाने की दूसरी चार किलोमीटर और मंडी समिति चौकी की दूरी मात्र एक किलोमीटर है। इसके बावजूद विवेचक को घटनास्थल पर पहुंचने में पूरे 147 दिन लग गए।
सीओ इंदु सिद्घार्थ ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र आया था। विवेचक को निर्देशित किया गया है कि वह घटनास्थल का निरीक्षण करें और केस पर कार्य कर घटना का खुलासा करें। उन्होंने बताया कि इस मामले में ये भी देखा जाएगा कि अब तक विवेचक घटनास्थल पर क्यों नहीं पहुंचेे थे।
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