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राजकीय महिला पालीटेक्निक : छात्राओं से रुपये वसूलने के मामले में जांच शुरू
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मुरादाबाद। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में कंप्यूटर साइंस की अंतिम वर्ष की छात्राओं से औद्योगिक प्रशिक्षण के नाम पर छह-छह हजार रुपये वसूलने के मामले की जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार को जांच समिति ने शिक्षकों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं, शिक्षिका ने प्रधानाचार्य को स्पष्टीकरण सौंपते हुए कहा कि छात्राओं को जो भी ब्लैंक पत्र जारी किया गया था, वह प्रधानाचार्य के निर्देश पर जारी हुआ था।
कंप्यूटर साइंस की छात्राओं ने मधुबनी स्थित कंप्यूटर सेंटर से चार सप्ताह का औद्योगिक प्रशिक्षण प्राप्त किया था। छात्राओं से प्रशिक्षण के नाम पर छह-छह हजार रुपये वसूलने का आरोप है। प्रधानाचार्य ने प्रशिक्षण प्रभारी/अधिकारी प्रशिक्षण को नोटिस जारी कर बिना अनुबंध वाले केंद्र पर छात्राओं से प्रशिक्षण को अवैध माना था। जांच के लिए कंप्यूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष संजय खन्ना के नेतृत्व में चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। प्रधानाचार्य राजन सिंह का कहना है कि जांच समिति शिक्षकों, प्रशिक्षण प्रभारी/अधिकारी प्रशिक्षण और शिक्षकों के लिखित में बयान दर्ज करेगी और मामले की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर सौंपेगी। यह रिपोर्ट समिति द्वारा एक सप्ताह में सौंपी जाएगी। शुक्रवार को समिति ने शिक्षकों के बयान दर्ज किए हैं।
प्रधानाचार्य के निर्देश पर जारी किया गया था पत्र : प्रियंका
प्रशिक्षण प्रभारी प्रियंका ने प्रधानाचार्य को अपना स्पष्टीकरण सौंप दिया है। प्रियंका का कहना है कि प्रत्येक वर्ष छात्राओं की सुविधा एवं इच्छानुसार छात्राओं के बताए गए संस्थानों पर प्रशिक्षण लेने के लिए ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा प्रशिक्षण पत्र जारी किए जाते हैं। कोरोना की वजह से अन्य स्थानों की छात्राओं द्वारा संस्थान में आने में असमर्थता व्यक्त करने पर प्रधानाचार्य द्वारा मौखिक फोन पर प्राप्त आदेश के अनुसार कार्यवाहक प्रधानाचार्य द्वारा हस्ताक्षरित करवाकर ब्लैंक ट्रेनिंग लेटर तीनों ट्रेडों की छात्राओं को व्हॉट्सएप ग्रुप पर सितंबर में जारी किए गए थे। मुरादाबाद जनपद की छात्राओं द्वारा चयनित संस्थानों के लिए पूर्व के वर्षों की तरह ट्रेनिंग लेटर प्रदान किए गए थे। इसकी जानकारी प्रधानाचार्य को फोन पर दी गई थी और कार्यवाहक प्रधानाचार्य के आदेशों का पालन किया गया था। ब्लैंक लेटर प्रधानाचार्य के निर्देश पर इसलिए दिया गया था, ताकि वह अपनी सुविधानुसार आनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। सिर्फ अनुबंधित केंद्रों पर ही प्रशिक्षण प्राप्त करना है, ऐसा प्रधानाचार्य ने आदेश नहीं दिया था।
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कंप्यूटर साइंस की छात्राओं ने मधुबनी स्थित कंप्यूटर सेंटर से चार सप्ताह का औद्योगिक प्रशिक्षण प्राप्त किया था। छात्राओं से प्रशिक्षण के नाम पर छह-छह हजार रुपये वसूलने का आरोप है। प्रधानाचार्य ने प्रशिक्षण प्रभारी/अधिकारी प्रशिक्षण को नोटिस जारी कर बिना अनुबंध वाले केंद्र पर छात्राओं से प्रशिक्षण को अवैध माना था। जांच के लिए कंप्यूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष संजय खन्ना के नेतृत्व में चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। प्रधानाचार्य राजन सिंह का कहना है कि जांच समिति शिक्षकों, प्रशिक्षण प्रभारी/अधिकारी प्रशिक्षण और शिक्षकों के लिखित में बयान दर्ज करेगी और मामले की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर सौंपेगी। यह रिपोर्ट समिति द्वारा एक सप्ताह में सौंपी जाएगी। शुक्रवार को समिति ने शिक्षकों के बयान दर्ज किए हैं।
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प्रधानाचार्य के निर्देश पर जारी किया गया था पत्र : प्रियंका
प्रशिक्षण प्रभारी प्रियंका ने प्रधानाचार्य को अपना स्पष्टीकरण सौंप दिया है। प्रियंका का कहना है कि प्रत्येक वर्ष छात्राओं की सुविधा एवं इच्छानुसार छात्राओं के बताए गए संस्थानों पर प्रशिक्षण लेने के लिए ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा प्रशिक्षण पत्र जारी किए जाते हैं। कोरोना की वजह से अन्य स्थानों की छात्राओं द्वारा संस्थान में आने में असमर्थता व्यक्त करने पर प्रधानाचार्य द्वारा मौखिक फोन पर प्राप्त आदेश के अनुसार कार्यवाहक प्रधानाचार्य द्वारा हस्ताक्षरित करवाकर ब्लैंक ट्रेनिंग लेटर तीनों ट्रेडों की छात्राओं को व्हॉट्सएप ग्रुप पर सितंबर में जारी किए गए थे। मुरादाबाद जनपद की छात्राओं द्वारा चयनित संस्थानों के लिए पूर्व के वर्षों की तरह ट्रेनिंग लेटर प्रदान किए गए थे। इसकी जानकारी प्रधानाचार्य को फोन पर दी गई थी और कार्यवाहक प्रधानाचार्य के आदेशों का पालन किया गया था। ब्लैंक लेटर प्रधानाचार्य के निर्देश पर इसलिए दिया गया था, ताकि वह अपनी सुविधानुसार आनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। सिर्फ अनुबंधित केंद्रों पर ही प्रशिक्षण प्राप्त करना है, ऐसा प्रधानाचार्य ने आदेश नहीं दिया था।
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