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पुलिया टूटने के मामले में जेई पर गिर सकती है गाज
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मुरादाबाद। जयंतीपुर में नेता कॉलोनी की जर्जर पुलिया टूटने से हुए जानलेवा हादसे के मामले में नगर निगम प्रशासन द्वारा शुरू की गई जांच पूरी हो गई है। जर्जर पुलिया के पुनर्निर्माण की मांग पर क्षेत्र की पार्षद मनोरमा सैनी की दो चिट्ठियों की अनदेखी को जहां क्षेत्र के लोग आपराधिक लापरवाही मान रहे हैं, वहीं नगर निगम प्रशासन की अभी तक की जांच में लोगों से जुटाई गई जानकारी में इस क्षेत्र की निगरानी करने वाले निर्माण विभाग के कर्मचारियों की भूमिका सही नहीं पाई गई है। माना जा रहा है कि पार्षद की चिट्ठी को गंभीरता से लेते हुए निर्माण विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया होता तो सही वक्त पर पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण हो जाने से जानलेवा हादसे की नौबत नहीं आती।
इस लिहाज से जयंतीपुर क्षेत्र के जेई की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने मौका मुआयना करके समय रहते नगर आयुक्त को संभावित खतरे की जानकारी दी होती तो वह जल्द से जल्द काम शुरू कराने का रास्ता निकाल लेते। आला अफसरों तक सही जानकारी समय से न देने के अलावा टीम ने जर्जर हो चुकी पुलिया से वाहनों की आवाजाही रोकने का भी कोई प्रयास नहीं किया। यही वजह रही कि एक जून को घर से इलाज के लिए परिजनों के साथ निकले सुतेंद्र का ई-रिक्शा गुजरते समय एकाएक पुलिया टूट गई। ई-रिक्शा नाले में गिरने से उस पर सवार बीमार सुतेंद्र की मौत हो गई।
इस प्रकरण से हुई फजीहत के बाद जहां नगर निगम ने मौके पर पुलिया के निर्माण की कवायद शुरू करा दी है, वहीं नगर आयुक्त संजय चौहान के निर्देश पर अपर नगरायुक्त अनिल कुमार सिंह ने इस मामले में जांच का क्रम भी पूरा कर लिया है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट मिलते ही नगर आयुक्त इस मामले में कड़ा फैसला लेंगे। जेई अथवा निर्माण टीम से जुड़े कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
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इस मामले की जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट जल्द नगर आयुक्त जी को सौंप दी जाएगी। गोपनीय होने के कारण जांच रिपोर्ट के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। इस मामले में अगला निर्णय नगर आयुक्त जी के स्तर से लिया जाएगा।
अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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इस लिहाज से जयंतीपुर क्षेत्र के जेई की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने मौका मुआयना करके समय रहते नगर आयुक्त को संभावित खतरे की जानकारी दी होती तो वह जल्द से जल्द काम शुरू कराने का रास्ता निकाल लेते। आला अफसरों तक सही जानकारी समय से न देने के अलावा टीम ने जर्जर हो चुकी पुलिया से वाहनों की आवाजाही रोकने का भी कोई प्रयास नहीं किया। यही वजह रही कि एक जून को घर से इलाज के लिए परिजनों के साथ निकले सुतेंद्र का ई-रिक्शा गुजरते समय एकाएक पुलिया टूट गई। ई-रिक्शा नाले में गिरने से उस पर सवार बीमार सुतेंद्र की मौत हो गई।
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इस प्रकरण से हुई फजीहत के बाद जहां नगर निगम ने मौके पर पुलिया के निर्माण की कवायद शुरू करा दी है, वहीं नगर आयुक्त संजय चौहान के निर्देश पर अपर नगरायुक्त अनिल कुमार सिंह ने इस मामले में जांच का क्रम भी पूरा कर लिया है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट मिलते ही नगर आयुक्त इस मामले में कड़ा फैसला लेंगे। जेई अथवा निर्माण टीम से जुड़े कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
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इस मामले की जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट जल्द नगर आयुक्त जी को सौंप दी जाएगी। गोपनीय होने के कारण जांच रिपोर्ट के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। इस मामले में अगला निर्णय नगर आयुक्त जी के स्तर से लिया जाएगा।
अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त