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अमरोहा में पकड़ी गई अवैध शस्त्र फैक्टरी, पिता-पुत्र सहित मेरठ निवासी सरगना गिरफ्तार
Wed, 23 Dec 2020 12:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरोहा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरोहा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 23 Dec 2020 12:00 AM IST
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आरोपियों से पूछताछ करतीं एसपी सुनीति
- फोटो : amar ujala
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रहरा पुलिस ने गन्ने के खेत में चल रही अवैध शस्त्र फैक्टरी का भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने मौके पर मेरठ निवासी सरगना और अमरोहा के पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से बने-अधबने 21 तमंचे और शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। मोटे मुनाफे के लिए अवैध शस्त्रों की तस्करी दिल्ली-एनसीआर, मेरठ मुरादाबाद मंडल के जनपदों में करते थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।
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मंगलवार को एसपी सुनीति ने शस्त्र फैक्टरी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि रहरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र के गांव बांसका और गंगवार के बीच गन्ने के खेत में अवैध शस्त्र फैक्टरी चल रही है। कुछ लोग यहां शस्त्रों का निर्माण कर रहे हैं। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार सिंह ने फोर्स के साथ बताए ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस ने घेराबंदी कर मेरठ जनपद में किठौर थानाक्षेत्र के राधना निवासी इस्तेकार, अमरोहा में रहरा के गंगवार निवासी यामीन और उसके बेटे हसीम को मौके पर गिरफ्तार कर लिया था। उनकी निशानदेही पर बने और अधबने 21 शस्त्र बरामद हुए। इसके अलावा भारी मात्रा में शस्त्र तैयार करने के उपकरण भी मिले हैं।
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एसपी के मुताबिक आरोपी इस्तेकार एक शातिर किस्म का अपराधी है, जो पूर्व में थाना किठौर और हसनपुर कोतवाली से तीन बार शस्त्र फैक्टरी संचालित करने के आरोप में जेल जा चुका है। इसके खिलाफ अवैध शस्त्र रखने और शस्त्र फैक्टरी संचालित करने के छह से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस्तेकार अपने साथियों के साथ मिलकर खेतों-जंगलों में अवैध शस्त्रों का निर्माण करता है। यह लोग मोटा मुनाफा कमाने के लिए अपने परिचित के लोगों के साथ मिलकर मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली, अमरोहा सहित अन्य कई जनपदों में शस्त्रों की सप्लाई करते है।
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अवैध शस्त्र बनाने और सप्लाई करने का नेटवर्क कहां-कहां है और कितने लोग इस गिरोह में शामिल हैं। इसका पता लगाया जा रहा है। वहीं, गिरफ्तार आरोपियों को आपराधिक इतिहास जुटाया जा रहा है। शस्त्र फैक्टरी का खुलासा करने वाली टीम में इंस्पैक्टर सतेंद्र कुमार सिंह, एसआई कुलदीप, रामप्रसाद यादव, कांस्टेबल राहुल ढाका, अतुल मलिक और गौरव तोमर शामिल रहे।
ये शस्त्र हुए बरामद
पुलिस ने मौके पर 3 तमंचे बने हुए 315 बोर, 1 बंदूक बनी हुई 12 बोर, 17 तमंचे अधबने 315 बोर, 2 जिंदा कारतूस, 1 खोखा कारतूस 315 बोर बरामद किए हैं।
ये हैं शस्त्र बनाने के उपकरण
रहरा पुलिस ने गन्ने के खेत में संचालित अवैध शस्त्र फैक्टरी में 1 ड्रिलमशीन, 1 एयरपंखा, 1 शिकंजा, 1 गैस सिलेंडर मय चूल्हे सहित भारी संख्या में उपकरण बरामद किए हैं।
पंद्रह दिन पहले रहरा क्षेत्र में सक्रिय हुआ था इस्तेकार
एसपी सुनीति ने बताया कि इस्तेकार इस शस्त्र फैक्टरी का सरगना है। इससे पहले वह तीन मुकदमों में जेल जा चुका है। मेरठ के किठौर थाने में वर्ष 2002 में गुंडा एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद किठौर थाने में ही वर्ष 2006 में अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार हुआ था। वर्ष 2017 में हसनपुर कोतवाली पुलिस ने अवैध शस्त्र फैक्टरी के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि वर्ष 2019 में दिल्ली में सरिता विहार थाना पुलिस में अवैध शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज पाया गया है। अब से थोड़े दिनों पहले किठौर पुलिस ने अवैध शस्त्रों के साथ पकड़ा था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद अवैध शस्त्रों की फैक्टरी चला रहा था। रहरा थाना क्षेत्र में वह पिछले पंद्रह दिनों से सक्रिय हुआ था।
उठा सवाल, पंचायत चुनाव में खपाने की तो नहीं थी तैयारी
सूबे में जल्द की ग्राम पंचायत चुनाव का बिगुल बजने वाला है। ऐसे में गांव-गांव ग्राम प्रधानी के चुनाव की तैयारी का माहौल है। गांवों में पक्ष-विपक्ष के गुट सक्रिय हो गए हैं। कहा जा रहा है कि रहरा में शस्त्र फैक्टरी का पंचायत चुनाव से कनेक्शन हो सकता है। हालांकि पुलिस अभी ऐसे संकेत न मिलने की बात कह रही है।