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Moradabad News: रैली में दस से अधिक वाहन हैं तो बीच में रखनी होगी 100 मीटर की दूरी
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मुरादाबाद। लोकसभा निर्वाचन में प्रत्याशियों, राजनीतिक दल अथवा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को रैली, जुलूस के लिए पहले अनुमति लेनी होगी। एडीएम (प्रशासन) गुलाबचंद्र ने बताया कि जुलूस निकाले जाने पर एक साथ 10 वाहन ही मान्य होंगे। यदि 10 से अधिक वाहनों का उपयोग रैली, जुलूस में किया जाता है तब जुलूस, रैली को 10-10 वाहनों के जत्थों में तोड़ना होगा। प्रत्येक जत्थे में 100 मीटर की दूरी रखी जाएगी ताकि जनसामान्य के लिए असुविधा न हो।
प्रचार से लेकर खर्च तक पर नजर रखेंगी 50 टीमें
लोकसभा सामान्य निर्वाचन की घोषणा किए जाने के साथ ही चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई है। राजनीतिक दल और प्रत्याशी आचार संहिता का पालन कर रहे हैं या नहीं इस पर निगरानी के लिए 50 टीमों का गठन किया गया है। एडीएम (प्रशासन) गुलाबचंद्र ने बताया कि आदर्श आचार संहिता का पालन कराने के लिए प्रशासन कटिबद्ध है। डीएम ने इसके लिए छह उड़नदस्ता टीमों का गठन किया है जो लोकसभा क्षेत्र में औचक चेकिंग पर निकलेंगी। इसके अलावा स्थायी तौर पर निगरानी के लिए भी 19 टीमों का गठन किया गया है। छह वीडियो निगरानी टीम भी बनाई गई है। प्रत्याशियों के खर्च का ब्योरा रखने के लिए छह सहायक व्यय प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। प्रत्याशियों के प्रचार, प्रसार के तौर-तरीकों, वादों व दावों के वीडियो देखने के लिए तथा लेखा जोखा रखने के लिए भी छह-छह टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मीडिया में चुनाव संबंधी खबरों आदि का संकलन करने के लिए भी एक टीम गठित की गई है।
नामांकन के दिन से लेकर मतगणना तक का रखना होगा प्रत्याशियों को हिसाब
लोकसभा प्रत्याशी के चुनाव की अधिकतम व्यय सीमा 95 लाख निर्धारित की गई है। प्रत्येक उम्मीदवार को अपना निर्वाचन व्यय लेखा रखे जाने के लिए व्यय लेखा रजिस्टर रखना होगा। जिसमें नामांकन के दिनांक से लेकर मतगणना समाप्त होने तक व्यय की गई धनराशि का लेखा जोखा दर्ज करना होगा। प्रत्याशी को नाम वापसी की तारीख से मतगणना संपन्न होने तक की अवधि में तीन बार अपने निर्वाचन का व्यय लेखा की जांच व्यय प्रेक्षक से करानी होगी। इसमें रजिस्टर के साथ व्यय किए गए भुगतान से संबंधित बाउचर्स, रसीदें तिथिवार जमा की जाएंगी। निर्वाचन परिणाम की घोषणा के 30 दिन के अंदर अपना संपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखा वरिष्ठ कोषाधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा।
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बिना अनुमति लाउडस्पीकर पर रहेगी पाबंदी
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार चुनाव प्रचार, आम सभाओं के लिए स्थिर दशा में अथवा किसी भी प्रकार के वाहनों में लगाए गए लाउडस्पीकर या किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक का प्रयोग बिना पूर्व अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। लाउडस्पीकर का प्रयोग रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच पूरी तरह वर्जित रहेगा। उम्मीदवार द्वारा प्रचार प्रसार के समय उपयोग किए जाने वाले वाहनों, आयोजित की जाने वाली रैली, जुलूस, सभाओं आदि की अनुमति के लिए जिला स्तर एवं तहसील स्तर पर सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित किया गया है। विभिन्न प्रकार की अनुमति प्राप्त करने के लिए आयोग द्वारा suvidha पोर्टल नाम से मोबाइल एप लांच किया गया है। जिसे भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। उम्मीदवार ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
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प्रचार से लेकर खर्च तक पर नजर रखेंगी 50 टीमें
लोकसभा सामान्य निर्वाचन की घोषणा किए जाने के साथ ही चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई है। राजनीतिक दल और प्रत्याशी आचार संहिता का पालन कर रहे हैं या नहीं इस पर निगरानी के लिए 50 टीमों का गठन किया गया है। एडीएम (प्रशासन) गुलाबचंद्र ने बताया कि आदर्श आचार संहिता का पालन कराने के लिए प्रशासन कटिबद्ध है। डीएम ने इसके लिए छह उड़नदस्ता टीमों का गठन किया है जो लोकसभा क्षेत्र में औचक चेकिंग पर निकलेंगी। इसके अलावा स्थायी तौर पर निगरानी के लिए भी 19 टीमों का गठन किया गया है। छह वीडियो निगरानी टीम भी बनाई गई है। प्रत्याशियों के खर्च का ब्योरा रखने के लिए छह सहायक व्यय प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। प्रत्याशियों के प्रचार, प्रसार के तौर-तरीकों, वादों व दावों के वीडियो देखने के लिए तथा लेखा जोखा रखने के लिए भी छह-छह टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मीडिया में चुनाव संबंधी खबरों आदि का संकलन करने के लिए भी एक टीम गठित की गई है।
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नामांकन के दिन से लेकर मतगणना तक का रखना होगा प्रत्याशियों को हिसाब
लोकसभा प्रत्याशी के चुनाव की अधिकतम व्यय सीमा 95 लाख निर्धारित की गई है। प्रत्येक उम्मीदवार को अपना निर्वाचन व्यय लेखा रखे जाने के लिए व्यय लेखा रजिस्टर रखना होगा। जिसमें नामांकन के दिनांक से लेकर मतगणना समाप्त होने तक व्यय की गई धनराशि का लेखा जोखा दर्ज करना होगा। प्रत्याशी को नाम वापसी की तारीख से मतगणना संपन्न होने तक की अवधि में तीन बार अपने निर्वाचन का व्यय लेखा की जांच व्यय प्रेक्षक से करानी होगी। इसमें रजिस्टर के साथ व्यय किए गए भुगतान से संबंधित बाउचर्स, रसीदें तिथिवार जमा की जाएंगी। निर्वाचन परिणाम की घोषणा के 30 दिन के अंदर अपना संपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखा वरिष्ठ कोषाधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा।
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बिना अनुमति लाउडस्पीकर पर रहेगी पाबंदी
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार चुनाव प्रचार, आम सभाओं के लिए स्थिर दशा में अथवा किसी भी प्रकार के वाहनों में लगाए गए लाउडस्पीकर या किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक का प्रयोग बिना पूर्व अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। लाउडस्पीकर का प्रयोग रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच पूरी तरह वर्जित रहेगा। उम्मीदवार द्वारा प्रचार प्रसार के समय उपयोग किए जाने वाले वाहनों, आयोजित की जाने वाली रैली, जुलूस, सभाओं आदि की अनुमति के लिए जिला स्तर एवं तहसील स्तर पर सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित किया गया है। विभिन्न प्रकार की अनुमति प्राप्त करने के लिए आयोग द्वारा suvidha पोर्टल नाम से मोबाइल एप लांच किया गया है। जिसे भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। उम्मीदवार ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।