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Moradabad News: जिन गलियों में ठेले नहीं जा सकते वहां दमकल कैसे दिखाएगी दम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 02:20 AM IST
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How will fire tenders prove their mettle in lanes where pushcarts cannot even enter?
मुरादाबाद। पुराने शहर के कई इलाके और बाजार ऐसे हैं जहां ठेले भी सही से नहीं जा पाते। अगर एक साइड से ठेला जा रहा हो और सामने से ऑटो आ जाए तो रास्ता बंद हो जाता है। अब जरा सोचिए कि इन इलाकों में दमकल की जरूरत पड़े तो क्या होगा। रास्ता तक नहीं मिल पाएगा गाड़ी को। हालांकि मुरादाबाद में चार फायर बुलेट हैं लेकिन यह बड़ी दमकल की जगह नहीं ले सकतीं।
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शहर के मंडी चौक, बर्तन बाजार, मानपुर बाजार, चौराहा गली, मियां साहब गली, जाटों की गली और बजाजा गली जैसी तंग गलियों में पीतल, स्लीट, शूज, लाइटिंग कारोबार की तमाम दुकानें हैं। यह गलियां इतनी संकरी हैं कि यहां दमकल वाहन पहुंचना संभव नहीं है। ऊपर पुराने मकान, नीचे दुकानें और जगह-जगह बिजली के लटके तार खतरे को और बढ़ा रहे हैं। यदि किसी दुकान या मकान में आग लगती है तो संकरी गलियों के कारण आग तेजी से पूरी गली में फैल सकती है। कई स्थानों पर हालत ऐसी है कि दो पहिया वाहन निकालना तक मुश्किल होता है।
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स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इन इलाकों में आग से बचाव के लिए न कोई स्थायी फायर सिस्टम लगाया गया है और न प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मंडी चौक के गोल घर गली में रहने वाले वसीम का कहना है कि अगर हादसा हुआ तो नुकसान रोकना मुश्किल होगा। वहीं शीजान ने कहा कि आज तक यहां कोई जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया। कई बार समस्या उठाई गई लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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-हमारी गली इतनी संकरी है कि अगर जरूरत पड़ी तो दमकल वाहन अंदर पहुंचना नामुमकिन है। आग बुझाने की प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है ।-राहुल मित्तल, चौराहा गली

-घनी आबादी होने के बावजूद यहां आग से बचाव के लिए न फायर सिस्टम है और न कोई जागरूकता अभियान चलाया जाता है।-मोहम्मद दानिश, चौराहा गली

-पुराने मकान और संकरी गलियां में हादसा होने पर लोगों को खुद ही बचाव करना पड़ेगा।-आरके अग्रवाल, शाहू मोहल्ला

-बाजार में आग से सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है। कई बार इस समस्या को उठाया गया, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई।-निपुण, शाहू मोहल्ला

-अगर बाजार में आग लग जाए तो कुछ ही मिनटों में बड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि दमकल वाहन अंदर नहीं आ पाएगा।-अनिल, बजाजा गली

-इतनी तंग गलियां हैं कि दोपहिया वाहन निकलना मुश्किल होता है, ऐसे में फायर ब्रिगेड आने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है।-मोहम्मद फहीम, गोलघर मंडी चौक
-बाजार होने के बावजूद यहां फायर सेफ्टी को लेकर प्रशासन ने कोई स्थायी इंतजाम नहीं किए। फायर ब्रिगेड गली में नहीं आ सकती है।-राशिद, गली नंबर दो, मानपुर बाजार
-बाजार में कई जगह बिजली के तार लटके हुए हैं। गली काफी पतली है कि अंदर फायर ब्रिगेड का वाहन नहीं जा सकता है। गलियों में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है।-पंकज, गली नंबर दो, मानपुर बाजार
-मंडी चौक, बर्तन बाजार, मानपुर समेत अन्य बाजारों के लिए अलग फायर सेफ्टी प्लान तैयार किया जाना चाहिए। छोटे दमकल वाहन, पानी के हाइड्रेंट, आपदा प्रबंधन टीम और नियमित सुरक्षा निरीक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे बाजार को सुरक्षित रखा जा सके।-अजय अग्रवाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल

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-जिन स्थानों पर बड़ी दमकल गाड़ियां नहीं पहुंच सकतीं, वहां आग बुझाने के लिए विभाग के पास चार फायर बाइक उपलब्ध हैं। इनका उपयोग संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में किया जाता है।-डॉ. राजीव कुमार पांडेय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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