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मालभाड़ा बढ़ा तो फल, सब्जियों की कीमतों में आया उछाल
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मुरादाबाद। ट्रांसपोर्टरों द्वारा मालभाड़ा बढ़ाने का असर बाजार में दिखने लगा है। खासकर फल और सब्जियों की कीमतों पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है। दामों में पर लग गए हैं, वह उड़ने लगे हैं। फलों में अंगूर, केले, खरबूजे, संतरे तो सब्जियों में लौकी और बींस महंगी हो गई हैं। मंडी में थोक मूल्य में दो-तीन रुपये तो बाजारों में फुटकर मूल्यों में 10 रुपये प्रतिकिलो तक अंतर देखा जा सकता है।
हालांकि फुटकर विक्रेता फलों में महंगाई का कारण नवरात्र और रमजान को बता रहे हैं। मंडी में दूर-दराज के जनपदों से आने वाली सब्जियों के दामों में उछाल आया है। जबकि लोकल के फल और सब्जियों के दाम कम हुए हैं। फल मंडी में थोक व्यापारी हाजी जिकरान का कहना है कि फलों के एक ट्रक का मालभाड़ा पहले 80 हजार रुपये था। मंगलवार को महाराष्ट्र से जो माल आया है उसका भाड़ा एक लाख 15 हजार रुपये देना पड़ा है। ट्रांसपोर्टरों ने यह कहकर भाड़ा बढ़ा दिया है कि डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और टोल टैक्स भी बढ़ गया है। इसके चलते संतरा, केले, अंगूर, पपीता, सेब आदि फलों के फुटकर रेट में 05 से 20 रुपये प्रतिकिलो तक अंतर आया है। इसी प्रकार सब्जी मंडी में आढ़तियों के संगठन के अध्यक्ष प्रीतम सैनी का कहना है कि लौकी और बींस पर मालभाड़े का असर देखने को मिल रहा है। लौकी पिछले सप्ताह तक 30 रुपये प्रतिकिलो बेची जा रही थी। अब इसका दाम 40 रुपये प्रतिकिलो हो गया है। वहीं बींस पिछले सप्ताह तक 40 रुपये प्रतिकिलो बिक रही थीं। अब इनका मूल्य 60 रुपये प्रतिकिलो हो गया है। इसके अलावा दिनेश, संतराम आदि आढ़तियों का कहना है कि आलू, तोरई आदि सब्जियों के दाम कम हुए हैं। चूंकि आसपास के जनपदों से ही ये सब्जियां मुरादाबाद मंडी में आती हैं। अन्य फसलों की पैदावार अच्छी होने पर डीजल मंहगा होने के बावजूद भी दाम घट सकते हैं। इसके लिए अगले माह तक इंतजार करना होगा।
पुरानी और नई कीमतें (प्रतिकिलो में)
वस्तु पुराने रेट नए रेट
अंगूर 40 60
संतरा 40 60
पपीता 15 30
तरबूज 30 40
सेब 80-100 120-140
केले 40 50-60
लौकी 30 40
बींस 40 60
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हालांकि फुटकर विक्रेता फलों में महंगाई का कारण नवरात्र और रमजान को बता रहे हैं। मंडी में दूर-दराज के जनपदों से आने वाली सब्जियों के दामों में उछाल आया है। जबकि लोकल के फल और सब्जियों के दाम कम हुए हैं। फल मंडी में थोक व्यापारी हाजी जिकरान का कहना है कि फलों के एक ट्रक का मालभाड़ा पहले 80 हजार रुपये था। मंगलवार को महाराष्ट्र से जो माल आया है उसका भाड़ा एक लाख 15 हजार रुपये देना पड़ा है। ट्रांसपोर्टरों ने यह कहकर भाड़ा बढ़ा दिया है कि डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और टोल टैक्स भी बढ़ गया है। इसके चलते संतरा, केले, अंगूर, पपीता, सेब आदि फलों के फुटकर रेट में 05 से 20 रुपये प्रतिकिलो तक अंतर आया है। इसी प्रकार सब्जी मंडी में आढ़तियों के संगठन के अध्यक्ष प्रीतम सैनी का कहना है कि लौकी और बींस पर मालभाड़े का असर देखने को मिल रहा है। लौकी पिछले सप्ताह तक 30 रुपये प्रतिकिलो बेची जा रही थी। अब इसका दाम 40 रुपये प्रतिकिलो हो गया है। वहीं बींस पिछले सप्ताह तक 40 रुपये प्रतिकिलो बिक रही थीं। अब इनका मूल्य 60 रुपये प्रतिकिलो हो गया है। इसके अलावा दिनेश, संतराम आदि आढ़तियों का कहना है कि आलू, तोरई आदि सब्जियों के दाम कम हुए हैं। चूंकि आसपास के जनपदों से ही ये सब्जियां मुरादाबाद मंडी में आती हैं। अन्य फसलों की पैदावार अच्छी होने पर डीजल मंहगा होने के बावजूद भी दाम घट सकते हैं। इसके लिए अगले माह तक इंतजार करना होगा।
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पुरानी और नई कीमतें (प्रतिकिलो में)
वस्तु पुराने रेट नए रेट
अंगूर 40 60
संतरा 40 60
पपीता 15 30
तरबूज 30 40
सेब 80-100 120-140
केले 40 50-60
लौकी 30 40
बींस 40 60