Moradabad: आजम खां और अब्दुल्ला आज़म के मामले में टली सुनवाई, वकील ने अदालत में दिया स्थगन प्रार्थना पत्र
रामपुर की पूर्व सांसद व अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई नहीं हो पाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई टल गई गई। अब इस मामले में 7 जून को सुनवाई होगी।
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आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो साल की सजा के खिलाफ दर्ज किये गये प्रार्थना पत्र पर बृहस्पतिवार को भी सुनवाई नहीं हो पाई। पिता-पुत्र के वकील ने स्थगन प्रार्थना पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। 5 जून को इस पर सुनवाई होगी।
छजलैट के पंद्रह साल पुराने मामले में रामपुर जनपद के पूर्व विधायक और सपा सरकार में मंत्री रहे आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो-दो साल की सजा सुनाई गई है। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि बृहस्पतिवार को पिता-पुत्र के वकील शहनाबाज सिब्तेन द्वारा स्थगन प्रार्थना पत्र एमपी एमएलए सेशन कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। जिसमें कहा गया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है, जब तक वहां से कोई निर्णय नहीं हो जाता है। तब तक अपील में सुनवाई नहीं की जाए।
अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सुनवाई टली
रामपुर की पूर्व सांसद व अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई नहीं हो पाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई टल गई गई। अब इस मामले में 7 जून को सुनवाई होगी।
2019 में कटघर थाना क्षेत्र के मुस्लिम डिग्री कॉलेज में आयोजित समारोह में आजम खां शामिल होने आए थे। आरोप है कि इस कार्यक्रम में रामपुर की पूर्व सांसद और अभिनेत्री जयाप्रदा के खिलाफ आपित्तजनक टिप्पणी की गई थी। इस मामले में रामपुर के सिविल लाइंस क्षेत्र में रहने वाले मुस्तफा हुसैन ने मुरादाबाद के सांसद डॉ एसटी हसन, आजम खां, अब्दुल्ला आजम, फिरोज खां व आयोजक मोहम्मद आरिफ, रामपुर के पूर्व चेयरमैन अजहर खान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया था कि आरोपियों ने जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मामले की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट एसीजेएम चतुर्थ स्मिता गोस्वामी की कोर्ट में हो रही है। बृहस्पतिवार को सुनवाई थी, लेकिन न्यायिक मजिस्ट्रेट के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।