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शारीरिक दिव्यांग को बनाया मानसिक दिव्यांग, जॉर्ज कैसे लगाए भविष्य की छलांग
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health department made wrong certificate
मुरादाबाद। आम युवाओं की तरह सपने तो जॉर्ज ने भी देखे थे, लेकिन जॉर्ज के ये सपने एक कागज के टुकड़े की वजह से सच न हो सके। लेकिन जॉर्ज ने इन सपनों को टूटने नहीं दिया है। इस कागज के टुकड़े के आधार पर कोई उसका भविष्य तय नहीं कर सकता। वो दिन रात सीएमओ दफ्तर के चक्कर लगाकर इसमें लिखा अपना भविष्य बदलने में लगा है। मामला अभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की जानकार में नहीं है। दरअसल जॉर्ज बेंजिमन पैरों से दिव्यांग है, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में उसे मानसिक दिव्यांग दिखाया गया है। इसके चलते वह अपनी आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहा है।
सिविल लाइन मिशन कंपाउड निवासी जॉर्ज बेंजिमन परिवार में इकलौता है। जन्म से ही दोनों पैरों से दिव्यांग है। पिता चरण बेंजिमन पीतल फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। स्कूल में दाखिले के बाद वजीफा के लिए परिवारजनों ने 2004 में सीएमओ कार्यालय मुरादाबाद से उसका दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनाया। गलती से प्रमाण पत्र शारीरिक की जगह मानसिक दिव्यांगता का बन गया। तत्कालीन चिकित्सा पैनल ने उसकी जांच किए बगैर ही 50 फीसदी मानसिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र जारी कर दिया। परिवारजनों ने कभी प्रमाण पत्र की तरफ ध्यान भी नहीं दिया।
जॉर्ज बेंजिमन ने बताया कि वह एक साल से आईटीआई में दाखिले के लिए इंतजार कर रहा था। इस साल आनलाइन आवेदन करने गया तो फार्म ही जमा नहीं हुआ। उसका मानसिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र देखकर पागल करार दे दिया। जॉर्ज अपने हाईस्कूल और इंटर पास के प्रमाण पत्र दिखाते हुए दलीलें देता रहा, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। हताश होकर जॉर्ज बेंजिमन ने अब सीएमओ कार्यालय से विकलांगता का प्रमाण पत्र बदलवाने गुहार लगाई है। प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के चक्कर काट रहा है।
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हाईस्कूल-इंटरमीडिएट किया उत्तीर्ण
जॉर्ज बेजिमन ने सिविल लाइन स्थित आरएन इंटर कालेज से 2014 में हाईस्कूल बी श्रेणी और 2016 में इंटर की परीक्षा 53 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण की है। पारिवारिक आर्थिक तंगी और घर की जिम्मेदारियों के चलते जॉर्ज बेंजिमन इंटर से आगे की पढ़ाई नहीं कर सका है। जॉर्ज बेंजिमन की कंप्यूटर शिक्षा में रुचि है। वह कंप्यूटर कोर्स कर इसे अपनी आजीविका का माध्यम बनाना चाहता है। लेकिन निजी इंस्टीट्यूट से कोचिंग करने में वह आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है। जॉर्ज बेंजिमन बताता है उसे पिछले साल आईटीआई में कंप्यूटर ट्रेड होने की जानकारी मिली। वह ट्रेड की जानकारी लेने आईटीआई भी गया। लेकिन तब तक दाखिले के लिए आवेदन करने की तिथि निकल गई थी।
- जॉर्ज बेंजिमन के विकलांगता के गलत प्रमाण पत्र की जानकारी संज्ञान में नहीं है। पहले किन परिस्थितियों में शारीरिक के बजाये मानसिक विकलांगता का प्रमाण पत्र जारी हुआ, इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। यदि उसका आवेदन आता है तो मेडिकल बोर्ड जांच करेगा और इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया होगी।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।
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सिविल लाइन मिशन कंपाउड निवासी जॉर्ज बेंजिमन परिवार में इकलौता है। जन्म से ही दोनों पैरों से दिव्यांग है। पिता चरण बेंजिमन पीतल फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। स्कूल में दाखिले के बाद वजीफा के लिए परिवारजनों ने 2004 में सीएमओ कार्यालय मुरादाबाद से उसका दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनाया। गलती से प्रमाण पत्र शारीरिक की जगह मानसिक दिव्यांगता का बन गया। तत्कालीन चिकित्सा पैनल ने उसकी जांच किए बगैर ही 50 फीसदी मानसिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र जारी कर दिया। परिवारजनों ने कभी प्रमाण पत्र की तरफ ध्यान भी नहीं दिया।
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जॉर्ज बेंजिमन ने बताया कि वह एक साल से आईटीआई में दाखिले के लिए इंतजार कर रहा था। इस साल आनलाइन आवेदन करने गया तो फार्म ही जमा नहीं हुआ। उसका मानसिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र देखकर पागल करार दे दिया। जॉर्ज अपने हाईस्कूल और इंटर पास के प्रमाण पत्र दिखाते हुए दलीलें देता रहा, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। हताश होकर जॉर्ज बेंजिमन ने अब सीएमओ कार्यालय से विकलांगता का प्रमाण पत्र बदलवाने गुहार लगाई है। प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के चक्कर काट रहा है।
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हाईस्कूल-इंटरमीडिएट किया उत्तीर्ण
जॉर्ज बेजिमन ने सिविल लाइन स्थित आरएन इंटर कालेज से 2014 में हाईस्कूल बी श्रेणी और 2016 में इंटर की परीक्षा 53 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण की है। पारिवारिक आर्थिक तंगी और घर की जिम्मेदारियों के चलते जॉर्ज बेंजिमन इंटर से आगे की पढ़ाई नहीं कर सका है। जॉर्ज बेंजिमन की कंप्यूटर शिक्षा में रुचि है। वह कंप्यूटर कोर्स कर इसे अपनी आजीविका का माध्यम बनाना चाहता है। लेकिन निजी इंस्टीट्यूट से कोचिंग करने में वह आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है। जॉर्ज बेंजिमन बताता है उसे पिछले साल आईटीआई में कंप्यूटर ट्रेड होने की जानकारी मिली। वह ट्रेड की जानकारी लेने आईटीआई भी गया। लेकिन तब तक दाखिले के लिए आवेदन करने की तिथि निकल गई थी।
- जॉर्ज बेंजिमन के विकलांगता के गलत प्रमाण पत्र की जानकारी संज्ञान में नहीं है। पहले किन परिस्थितियों में शारीरिक के बजाये मानसिक विकलांगता का प्रमाण पत्र जारी हुआ, इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। यदि उसका आवेदन आता है तो मेडिकल बोर्ड जांच करेगा और इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया होगी।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।