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24 कोच की ट्रेन चलाने के लिए 100 करोड़ से संवरेगा हर्रावाला रेलवे स्टेशन
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मुरादाबाद। देहरादून टर्मिनल रेलवे स्टेशन के नजदीक हर्रावाला स्टेशन को संवारने के लिए रेलवे 100 करोड़ रुपये खर्च करेगा। वर्तमान में इस रेलवे स्टेशन पर कोई एक्सप्रेस ट्रेन नहीं रुकती है, लेकिन भविष्य में यहां से नई दिल्ली के लिए शताब्दी एक्सप्रेस भी चलाई जाएगी। इसके अलावा मुंबई आदि दूर-दराज के शहरों के लिए भी 24 कोच की ट्रेन चलाई जा सकेगी। फिलहाल मुख्य ट्रेनें देहरादून रेलवे स्टेशन तक जाती हैं।
देहरादून में प्लेटफार्म की लंबाई और पहाड़ी भूमि 24 कोच की ट्रेन के अनुकूल नहीं हैं। ऐसे में इससे 10 किमी दूर हर्रावाला को उत्तराखंड के प्रमुख स्टेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी जोरों पर हैं। यहां वाशिंग लाइन बनाकर 24 कोच की ट्रेन संचालित की जा सकेगी। इसके अलावा ए श्रेणी के रेलवे स्टेशन की तरह सभी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस मामले में उत्तराखंड सरकार की सहमति भी रेलवे को मिल गई है। अब रेलवे प्रशासन हर्रावाला में 3600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने जा रहा है।
ज्ञात हो कि हर्रावाला रेलवे स्टेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाले रेलवे के चार धाम प्रोजेक्ट के लिए भी अहम है। यहां से होकर नई रेलवे लाइन गुजरेगी जोकि ऋषिकेश के बाद कर्णप्रयाग तक जाएगी। इस मार्ग पर सुरंगों का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। इसके बाद हर्रावाला से गंगोत्री और यमुनोत्री तक रेलवे लाइन का निर्माण कराया जाना है। हर्रावाला में ट्रेनों की साफ-सफाई और मरम्मत के लिए वाशिंग लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद यहां 10 ट्रेनों को खड़ा किया जा सकेगा। साथ ही यहां से कई ट्रेनों का संचालन होगा। हालांकि रेलवे को राजाजी नेशनल पार्क से 24 कोच की ट्रेन गुजारने में अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। हरिद्वार से देहरादून के बीच पड़ने कांसरो, रायवाला, डोईवाला आदि स्टेशनों की लूप लाइन और यार्ड में 18 कोच वाली ट्रेनों को चलाने की क्षमता है। लूप लाइन और यार्ड का विस्तार करने के लिए रेलवे को राजाजी नेशनल पार्क के वन अधिकारियों से सहमति नहीं मिल रही है। हालांकि वन्य प्राणियों को नुकसान न हो इसके लिए विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार करने का काम वाइल्ड लाइफ ऑफ इंडिया को सौंपा गया है। वहीं, हर्रावाला से 24 कोच की ट्रेनें चलने से पर्यटकों को सुविधा होगी। साथ ही रेलवे का राजस्व भी बढ़ेगा। वहीं चारध ाम प्रोजेक्ट में 12 नए रेलवे स्टेशन तैयार किए जाने हैं। जोकि पर्यटन की दृष्टि से अहम होंगे।
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हर्रावाला को ए श्रेणी के रेलवे स्टेशन की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है। इस कार्य पर उत्तर रेलवे के जीएम भी नजर बनाए हुए हैं। पांच चरणों में विस्तार का काम पूरा किया जाना है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह रेलवे स्टेशन चार धाम प्रोजेक्ट में भी अहम भूमिका अदा करेगा।
- अजय नंदन, मंडल रेल प्रंबधक
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देहरादून में प्लेटफार्म की लंबाई और पहाड़ी भूमि 24 कोच की ट्रेन के अनुकूल नहीं हैं। ऐसे में इससे 10 किमी दूर हर्रावाला को उत्तराखंड के प्रमुख स्टेशन के रूप में विकसित करने की तैयारी जोरों पर हैं। यहां वाशिंग लाइन बनाकर 24 कोच की ट्रेन संचालित की जा सकेगी। इसके अलावा ए श्रेणी के रेलवे स्टेशन की तरह सभी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस मामले में उत्तराखंड सरकार की सहमति भी रेलवे को मिल गई है। अब रेलवे प्रशासन हर्रावाला में 3600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने जा रहा है।
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ज्ञात हो कि हर्रावाला रेलवे स्टेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाले रेलवे के चार धाम प्रोजेक्ट के लिए भी अहम है। यहां से होकर नई रेलवे लाइन गुजरेगी जोकि ऋषिकेश के बाद कर्णप्रयाग तक जाएगी। इस मार्ग पर सुरंगों का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। इसके बाद हर्रावाला से गंगोत्री और यमुनोत्री तक रेलवे लाइन का निर्माण कराया जाना है। हर्रावाला में ट्रेनों की साफ-सफाई और मरम्मत के लिए वाशिंग लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद यहां 10 ट्रेनों को खड़ा किया जा सकेगा। साथ ही यहां से कई ट्रेनों का संचालन होगा। हालांकि रेलवे को राजाजी नेशनल पार्क से 24 कोच की ट्रेन गुजारने में अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। हरिद्वार से देहरादून के बीच पड़ने कांसरो, रायवाला, डोईवाला आदि स्टेशनों की लूप लाइन और यार्ड में 18 कोच वाली ट्रेनों को चलाने की क्षमता है। लूप लाइन और यार्ड का विस्तार करने के लिए रेलवे को राजाजी नेशनल पार्क के वन अधिकारियों से सहमति नहीं मिल रही है। हालांकि वन्य प्राणियों को नुकसान न हो इसके लिए विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार करने का काम वाइल्ड लाइफ ऑफ इंडिया को सौंपा गया है। वहीं, हर्रावाला से 24 कोच की ट्रेनें चलने से पर्यटकों को सुविधा होगी। साथ ही रेलवे का राजस्व भी बढ़ेगा। वहीं चारध ाम प्रोजेक्ट में 12 नए रेलवे स्टेशन तैयार किए जाने हैं। जोकि पर्यटन की दृष्टि से अहम होंगे।
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हर्रावाला को ए श्रेणी के रेलवे स्टेशन की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है। इस कार्य पर उत्तर रेलवे के जीएम भी नजर बनाए हुए हैं। पांच चरणों में विस्तार का काम पूरा किया जाना है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह रेलवे स्टेशन चार धाम प्रोजेक्ट में भी अहम भूमिका अदा करेगा।
- अजय नंदन, मंडल रेल प्रंबधक