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सुख या दुख बाहरी चीजों पर निर्भर नहीं करते : महात्मा
Mon, 13 Jan 2025 02:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Mon, 13 Jan 2025 02:12 AM IST
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बिलारी। नगर में शाहबाद रोड स्थित निरंकारी भवन पर रविवार दोपहर विशेष मासिक सत्संग का आयोजन हुआ। सत्संग में मानवता की रक्षा के बारे में विस्तार से बताया गया। सत्संग में भक्तों की भारी भीड़ जुटी।
सत्संग में मुरादाबाद से आए महात्मा श्रीओम ने कहा कि सुख या दुख बाहरी चीजों पर निर्भर नहीं करते, यह तो वास्तव में भीतरी अवस्था के अधीन है। महात्मा ने कहा कि परमात्मा आनंद स्वरूप है, भक्त के आनंद की अवस्था का उसकी आर्थिक स्थित से कोई लेना देना नहीं है। महात्मा ने आगे कहा कि भक्त का इस सहज अवस्था में पहुंचना तभी मुमकिन हो पाता है जब वह पूरी तरह निरंकार को समर्पित होता है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर आत्मा की जन्मों की भटकन दूर हो जाती है।
महात्मा ने भक्तों से आह्वान किया कि एक-दूसरे के साथ मिलकर प्यार के साथ मिलकर जीवन गुजारे और एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें।
सत्संग का संचालन नवल किशोर ने किया। सत्संग आयोजन में अमित शर्मा, गौरव कुमार, पालाराम, अजय कुमार, गुडडू, सुरेश, पुष्पा, पूजा, रिया आदि का विशेष सहयोग रहा। सत्संग समापन पर आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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सत्संग में मुरादाबाद से आए महात्मा श्रीओम ने कहा कि सुख या दुख बाहरी चीजों पर निर्भर नहीं करते, यह तो वास्तव में भीतरी अवस्था के अधीन है। महात्मा ने कहा कि परमात्मा आनंद स्वरूप है, भक्त के आनंद की अवस्था का उसकी आर्थिक स्थित से कोई लेना देना नहीं है। महात्मा ने आगे कहा कि भक्त का इस सहज अवस्था में पहुंचना तभी मुमकिन हो पाता है जब वह पूरी तरह निरंकार को समर्पित होता है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर आत्मा की जन्मों की भटकन दूर हो जाती है।
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महात्मा ने भक्तों से आह्वान किया कि एक-दूसरे के साथ मिलकर प्यार के साथ मिलकर जीवन गुजारे और एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें।
सत्संग का संचालन नवल किशोर ने किया। सत्संग आयोजन में अमित शर्मा, गौरव कुमार, पालाराम, अजय कुमार, गुडडू, सुरेश, पुष्पा, पूजा, रिया आदि का विशेष सहयोग रहा। सत्संग समापन पर आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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