यूपी में जीएसटी चोरी: जम्मू से बंगाल तक फैला फर्जी फर्मों का जाल, सीएम तक पहुंचा मामला, अब बड़े स्तर पर जांच
मुरादाबाद में राज्य कर विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर सामने आई लोहे के कारोबार की बड़ी जीएसटी चोरी के मामले में मास्टर माइंड अंकित कुमार का खुलासा किया है। आरोपी ने जम्मू-कश्मीर से चेन्नई तक सिर्फ दो मोबाइल नंबरों के जरिए 144 बोगस फर्में पंजीकृत करा दीं। जांच में करीब 1960 करोड़ के टर्नओवर पर 400 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ।
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राष्ट्रीय स्तर पर लोहे के कारोबार में जीएसटी चोरी पकड़े जाने पर मुरादाबाद राज्य कर विभाग शासन की सुर्खियों में छा गया। जांच में आया कि आरोपी अंकित ने जम्मू कश्मीर, यूपी से लेकर चेन्नई तक सिर्फ दो मोबाइल नंबरों के सहारे बोगस फर्मों का पंजीयन कराया, लेकिन सीजीएसटी और प्रदेश के अन्य अधिकारियों को भनक तक नहीं लग सकी।
जीएसटी चोरी का मास्टर माइंड अंकित कुमार यूपी के जिलों में काफी दिनों से सीजीएसटी के माध्यम से बोगस फर्मों का धड़ाधड़ ऑनलाइन पंजीयन कराता जा रहा था। यूपी के बाद उसने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, दिल्ली आदि प्रदेशों में 144 बोगस फर्में रखी थीं लेकिन कोई अधिकारी एक भी फर्म को पकड़ नहीं सका।
24 अक्तूबर को जब लखनऊ से मुजफ्फरनगर भेजे जा रहे स्क्रैप से लदे दो ट्रकों को मुरादाबाद रोड पर मोबाइल दस्ते ने पकड़ा तो जीएसटी चोरी की उल्टी गिनती शुरू हो गई। राज्य कर के अपर आयुक्त अशोक कुमार सिंह और आरए सेठ ने जांच कराना शुरू किया तो पता चला कि लखनऊ के मास्टर माइंड ने दो मोबाइल नंबरों के माध्यम से देश भर में बोगस फर्मों को खोला है।
कारोबारी ने बोगस फर्मों के माध्यम से 1960 करोड़ का टर्नओवर कर करीब 400 करोड़ की जीएसटी चोरी की है। इस मामले में पर्दे के पीछे खेल करने वालों को पकड़ने के लिए राज्य कर ने सिविल लाइंस थाने में दो और ठाकुरद्वारा में एक केस दर्ज किया गया।
इसके बाद शासन के निर्देश पर एसएसपी ने जीएसटी चोरी की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी। एसआईटी पूर्व में दर्ज लकड़ी कारोबार में जीएसटी चोरी की भी जांच कर रही है।
लकड़ी कारोबार में जीएसटी की चोरी रोकने के लिए जुलाई से चला था अभियान
मुरादाबाद मंडल में लकड़ी कारोबार में जीएसटी चोरी के खिलाफ राज्य कर विभाग ने जुलाई में अभियान शुरू किया था। जांच के दौरान पता चला कि मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा और रामपुर के कारोबारी मिलकर बोगस फर्मों के माध्यम से जीएसटी चोरी कर रहे हैं।
इसमें उत्तराखंड के कारोबारी शामिल हैं। लकड़ी के जीएसटी चोरी मामले में कोतवाली, गलशहीद, बिलारी थाने में छह केस दर्ज किए गए। जांच में आया कि लकड़ी कारोबारियों ने करीब 200 करोड़ की जीएसटी चोरी की है और करीब 1300 करोड़ का टर्नओवर किया है। इस मामले को मुख्यमंत्री ने भी संज्ञान में लिया था।