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नशेड़ियों के खौफ से स्कूल में बंद छात्राएं
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sun, 22 Jan 2017 03:17 AM IST
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छेड़छाड़ से परेशान लड़कियां
- फोटो : Times of India
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मुगलपुरा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्राएं खौफ के साए हैं। यहां छात्राओं के रहने के लिए आवास की व्यवस्था तो है लेकिन विद्यालय के बड़े से प्रांगण में बाउंड्री वॉल नहीं है। ऐसे में बालिकाएं प्रांगण में खेलने आै टहलने से भी डरती हैं। यहां बाउंड्री के नाम पर तार का घेरा लगा दिया गया है।
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में मानकों के अनुसार सौ छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय प्रशासन से मिलने वाली सुविधाओं के बावजूद ये छात्राएं खौफ के साए में रहने को मजबूर हैं। प्रांगण से कुछ ही दूरी पर एक बड़ा सा मैदान है। इस मैदान में सुबह से लेकर रात तक लोगों की भीड़ जमा रहते हैं।
इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मैदान का प्रयोग नशा करने के लिए करते हैं। नशा करने के बाद कुछ असामाजिकतत्व विद्यालय प्रांगण के आसपास चक्कर लगाने लगते हैं। ऐसे में दिन ढलते ही मजबूरन छात्राओं को कमरों में जाना पड़ता है। विद्यालय का प्रांगण को छात्राएं खेलकूद व टहलने के लिए उपयोेग कर सकती थीं।
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लेकिन बाउंड्री नहीं होने से वह ऐसा नहीं कर पातीं। बाउंड्री नहीं होने से पुलिस को यहां विशेष तौर पर गश्त लगानी पड़ती है लेकिन पुलिस हर समय मौजूद नहीं रहती। ऐसे में यहां कभी कोई बड़ी घटना घट सकती है। इस बाबत बीएसए संजय सिंह ने बताया कि विद्यालय के चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलते ही बाउंड्री का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में मानकों के अनुसार सौ छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय प्रशासन से मिलने वाली सुविधाओं के बावजूद ये छात्राएं खौफ के साए में रहने को मजबूर हैं। प्रांगण से कुछ ही दूरी पर एक बड़ा सा मैदान है। इस मैदान में सुबह से लेकर रात तक लोगों की भीड़ जमा रहते हैं।
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इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मैदान का प्रयोग नशा करने के लिए करते हैं। नशा करने के बाद कुछ असामाजिकतत्व विद्यालय प्रांगण के आसपास चक्कर लगाने लगते हैं। ऐसे में दिन ढलते ही मजबूरन छात्राओं को कमरों में जाना पड़ता है। विद्यालय का प्रांगण को छात्राएं खेलकूद व टहलने के लिए उपयोेग कर सकती थीं।
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लेकिन बाउंड्री नहीं होने से वह ऐसा नहीं कर पातीं। बाउंड्री नहीं होने से पुलिस को यहां विशेष तौर पर गश्त लगानी पड़ती है लेकिन पुलिस हर समय मौजूद नहीं रहती। ऐसे में यहां कभी कोई बड़ी घटना घट सकती है। इस बाबत बीएसए संजय सिंह ने बताया कि विद्यालय के चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलते ही बाउंड्री का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।