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खेल का फूटा भांडा
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मुरादाबाद। नकल माफिया द्वारा रुपये लेने के बाद अभिभावक से और रुपये मांगने से पूरे सॉल्वर गैंग अधिकारियों के चंगुल में फंस गया। क्षुब्ध अभिभावक ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से मामले की शिकायत कर दी थी। अधिकारियों ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से 26 लोगों को दबोच लिया, जिसमें 15 उत्तर पुस्तिकाओं को लिख रहे थे।
ठाकुरद्वारा में सॉल्वर बैठाकर विद्यार्थियों को पास कराने का धंधा जोरों से चल रहा था। वहां पर अभिभावकों से उत्तर पुस्तिकाओं को लिखकर देने का सौदा किया जाता था। एक अधिकारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुंआखेड़ा गांव स्थित बीएस इंटर कॉलेज के नकल माफिया ने एक अभिभावक से उत्तर पुस्तिका लिखकर देने और विद्यार्थी को पास कराने के लिए 25 हजार रुपये में सौदा किया था। अभिभावक ने अपने बच्चे की भविष्य की खातिर 25 हजार रुपये भी दे दिए थे, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले उसके द्वारा अभिभावक से पांच हजार रुपये और मांगे जाने लगे। इसी से अभिभावक नाराज हो गया। नकल माफिया को इस बात की तनिक भी भनक नहीं थी कि अभिभावक इस तरह का कदम उठा सकता है।
आक्रोशित अभिभावक ने नकल माफिया की करतूत जिला प्रशासन के अधिकारियों को फोन कर खोल दी और भगवंत सिंह पीजी महाविद्यालय में प्रश्नपत्र गैंग द्वारा सॉल्व करने की जानकारी दी। फोन आने के दौरान डीआईओएस डॉ. अरुण कुमार दुबे ठाकुरद्वारा क्षेत्र में ही निरीक्षण कर रहे थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर वह तुरंत भगवंत सिंह पीजी कॉलेज पहुंच गए और रंगे हाथों 26 लोगों को दबोच लिया। उनसे 22 मोबाइल और 15 लिखी हुईं उत्तर पुस्तिकाएं बरामद की गईं। मामले में 30 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
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ठाकुरद्वारा में सॉल्वर बैठाकर विद्यार्थियों को पास कराने का धंधा जोरों से चल रहा था। वहां पर अभिभावकों से उत्तर पुस्तिकाओं को लिखकर देने का सौदा किया जाता था। एक अधिकारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुंआखेड़ा गांव स्थित बीएस इंटर कॉलेज के नकल माफिया ने एक अभिभावक से उत्तर पुस्तिका लिखकर देने और विद्यार्थी को पास कराने के लिए 25 हजार रुपये में सौदा किया था। अभिभावक ने अपने बच्चे की भविष्य की खातिर 25 हजार रुपये भी दे दिए थे, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले उसके द्वारा अभिभावक से पांच हजार रुपये और मांगे जाने लगे। इसी से अभिभावक नाराज हो गया। नकल माफिया को इस बात की तनिक भी भनक नहीं थी कि अभिभावक इस तरह का कदम उठा सकता है।
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आक्रोशित अभिभावक ने नकल माफिया की करतूत जिला प्रशासन के अधिकारियों को फोन कर खोल दी और भगवंत सिंह पीजी महाविद्यालय में प्रश्नपत्र गैंग द्वारा सॉल्व करने की जानकारी दी। फोन आने के दौरान डीआईओएस डॉ. अरुण कुमार दुबे ठाकुरद्वारा क्षेत्र में ही निरीक्षण कर रहे थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर वह तुरंत भगवंत सिंह पीजी कॉलेज पहुंच गए और रंगे हाथों 26 लोगों को दबोच लिया। उनसे 22 मोबाइल और 15 लिखी हुईं उत्तर पुस्तिकाएं बरामद की गईं। मामले में 30 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
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