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Moradabad News: पार्कों से धाम तक... पर्यटन के लिए बदल रहा मुरादाबाद
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मुरादाबाद। पीतल की चमक के लिए दुनिया में पहचान रखने वाला मुरादाबाद अब पर्यटन के नए ठिकानों से भी अपनी पहचान बढ़ा रहा है। पिछले करीब पांच वर्षों में नगर निगम और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने शहर में कई ऐसे स्थल विकसित किए हैं, जहां इतिहास, देशभक्ति, धर्म, संस्कृति, खेल और पर्यावरण को एक साथ देखने का मौका मिल रहा है।
बुद्धि विहार में एक के बाद एक तैयार हुईं थीम आधारित परियोजनाएं इस बदलाव की सबसे बड़ी तस्वीर हैं। अब लोदीपुर धाम स्थित गुरु जंभेश्वर मंदिर के विकास ने धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार दिया है। बुद्धि विहार में त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय, हनुमान वाटिका, श्रीराम वाटिका, साहित्य संविधान पार्क और मेजर ध्यानचंद भारतीय खेल पार्क जैसे स्थल विकसित किए गए हैं। इनमें रक्षा संग्रहालय के जरिए देश के सैन्य इतिहास और वीरता की गाथाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास है। नगर निगम की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय और श्रीराम वाटिका का जून 2026 में लोकार्पण किया गया। इसी अवसर पर भारतीय खेल पार्क समेत कई अन्य परियोजनाएं भी जनता को समर्पित की गईं।
हनुमान वाटिका धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। करीब सवा एकड़ में तैयार इस परियोजना में हनुमानजी के जीवन प्रसंगों को दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत करने की योजना है। यहां पंचवटी और अशोक वाटिका के साथ हनुमानजी के जीवन से जुड़े प्रसंग, उनकी विभिन्न रूपों की प्रतिमाएं तथा योग-ध्यान के लिए स्थान विकसित किए गए हैं। वहीं श्रीराम वाटिका के जरिए रामायण और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को आधुनिक पार्क की अवधारणा से जोड़ा गया है। इसके साथ मेजर ध्यानचंद भारतीय खेल पार्क भारतीय पारंपरिक खेलों को केंद्र में रखकर विकसित किया गया है। गिल्ली-डंडा, कबड्डी समेत देशज खेलों की विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना इसकी प्रमुख अवधारणा है।
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पार्कों का भी बदला स्वरूप
शहर के दूसरे हिस्सों में भी पार्कों को केवल हरियाली तक सीमित रखने के बजाय मनोरंजन और सार्वजनिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। जिला प्रशासन की आधिकारिक पर्यटन वेबसाइट पर गौतम बुद्ध पार्क को पर्यटक स्थल के रूप में दर्ज किया गया है। इस पार्क में पेड़-पौधों, फव्वारों, लैम्प पोस्ट, बेंच, रेलिंग और बच्चों के लिए झूलों जैसी सुविधाएं हैं। एमडीए की परियोजनाओं में वेस्ट टू वंडर/सेवन वंडर्स पार्क भी शामिल है। एमडीए के अनुसार न्यू मुरादाबाद योजना में करीब तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस पार्क में बेकार सामग्री से देश-विदेश की प्रसिद्ध इमारतों की प्रतिकृतियां तैयार करने की योजना है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना है।
अब धार्मिक पर्यटन की बारी
मुरादाबाद के पर्यटन मानचित्र में नया अध्याय लोदीपुर धाम स्थित श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर से जुड़ रहा है। जून 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जंभेश्वर मंदिर कॉरिडोर के विकास की घोषणा की थी। इसके बाद सितंबर में पर्यटन विभाग की ओर से मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 1.67 करोड़ रुपये की परियोजना का भूमि पूजन किया गया। परियोजना के तहत बहुउद्देश्यीय हॉल, यात्री शेड, स्वागत द्वार, शौचालय ब्लॉक, पेवर ब्लॉक, प्रकाश व्यवस्था, लैंडस्केपिंग, म्यूरल वॉल, साइनेज और बैठने की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मंदिर तक पहुंच आसान बनाने के लिए हरथला-लोदीपुर मार्ग का निर्माण भी कराया जा रहा है।
वर्जन
पिछले कुछ वर्षों में शहर में बने ये स्थल अलग-अलग परियोजनाएं भर नहीं हैं, बल्कि मुरादाबाद को पीतल नगरी के साथ-साथ घूमने, देखने और अपनी विरासत से परिचित होने वाले शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।
- हिमांशु कौशिक, नगर आयुक्त
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बुद्धि विहार में एक के बाद एक तैयार हुईं थीम आधारित परियोजनाएं इस बदलाव की सबसे बड़ी तस्वीर हैं। अब लोदीपुर धाम स्थित गुरु जंभेश्वर मंदिर के विकास ने धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार दिया है। बुद्धि विहार में त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय, हनुमान वाटिका, श्रीराम वाटिका, साहित्य संविधान पार्क और मेजर ध्यानचंद भारतीय खेल पार्क जैसे स्थल विकसित किए गए हैं। इनमें रक्षा संग्रहालय के जरिए देश के सैन्य इतिहास और वीरता की गाथाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास है। नगर निगम की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय और श्रीराम वाटिका का जून 2026 में लोकार्पण किया गया। इसी अवसर पर भारतीय खेल पार्क समेत कई अन्य परियोजनाएं भी जनता को समर्पित की गईं।
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हनुमान वाटिका धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। करीब सवा एकड़ में तैयार इस परियोजना में हनुमानजी के जीवन प्रसंगों को दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत करने की योजना है। यहां पंचवटी और अशोक वाटिका के साथ हनुमानजी के जीवन से जुड़े प्रसंग, उनकी विभिन्न रूपों की प्रतिमाएं तथा योग-ध्यान के लिए स्थान विकसित किए गए हैं। वहीं श्रीराम वाटिका के जरिए रामायण और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को आधुनिक पार्क की अवधारणा से जोड़ा गया है। इसके साथ मेजर ध्यानचंद भारतीय खेल पार्क भारतीय पारंपरिक खेलों को केंद्र में रखकर विकसित किया गया है। गिल्ली-डंडा, कबड्डी समेत देशज खेलों की विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना इसकी प्रमुख अवधारणा है।
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पार्कों का भी बदला स्वरूप
शहर के दूसरे हिस्सों में भी पार्कों को केवल हरियाली तक सीमित रखने के बजाय मनोरंजन और सार्वजनिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। जिला प्रशासन की आधिकारिक पर्यटन वेबसाइट पर गौतम बुद्ध पार्क को पर्यटक स्थल के रूप में दर्ज किया गया है। इस पार्क में पेड़-पौधों, फव्वारों, लैम्प पोस्ट, बेंच, रेलिंग और बच्चों के लिए झूलों जैसी सुविधाएं हैं। एमडीए की परियोजनाओं में वेस्ट टू वंडर/सेवन वंडर्स पार्क भी शामिल है। एमडीए के अनुसार न्यू मुरादाबाद योजना में करीब तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस पार्क में बेकार सामग्री से देश-विदेश की प्रसिद्ध इमारतों की प्रतिकृतियां तैयार करने की योजना है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना है।
अब धार्मिक पर्यटन की बारी
मुरादाबाद के पर्यटन मानचित्र में नया अध्याय लोदीपुर धाम स्थित श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर से जुड़ रहा है। जून 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जंभेश्वर मंदिर कॉरिडोर के विकास की घोषणा की थी। इसके बाद सितंबर में पर्यटन विभाग की ओर से मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 1.67 करोड़ रुपये की परियोजना का भूमि पूजन किया गया। परियोजना के तहत बहुउद्देश्यीय हॉल, यात्री शेड, स्वागत द्वार, शौचालय ब्लॉक, पेवर ब्लॉक, प्रकाश व्यवस्था, लैंडस्केपिंग, म्यूरल वॉल, साइनेज और बैठने की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मंदिर तक पहुंच आसान बनाने के लिए हरथला-लोदीपुर मार्ग का निर्माण भी कराया जा रहा है।
वर्जन
पिछले कुछ वर्षों में शहर में बने ये स्थल अलग-अलग परियोजनाएं भर नहीं हैं, बल्कि मुरादाबाद को पीतल नगरी के साथ-साथ घूमने, देखने और अपनी विरासत से परिचित होने वाले शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।
- हिमांशु कौशिक, नगर आयुक्त