{"_id":"68869068432aa2b4cf09036e","slug":"frequent-blood-transfusions-can-cause-hepatitis-in-children-moradabad-news-c-15-1-mbd1044-696400-2025-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: बार-बार रक्त चढ़ाने से बच्चों में हो सकता है हेपेटाइटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: बार-बार रक्त चढ़ाने से बच्चों में हो सकता है हेपेटाइटिस
विज्ञापन
मुरादाबाद। विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर आईएमए ने एक ऑनलाइन गतिविधि का आयोजन किया। इसमें सदस्य डॉक्टरों ने हेपेटाइटिस के कारण, निवारण और बचाव के उपाय बताए। विशेषज्ञ चिकित्सों ने सोशल मीडिया पर अपने वीडियो जारी करते हुए लोगों को स्वस्थ रहने का संदेश दिया। साथ ही इस बीमारी से बचाव के लिए जरूरी टिप्स दिए।
पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. रघु प्रकाश ने कहा कि बच्चों को बार-बार रक्त चढ़ाने से हेपेटाइटिस का संक्रमण हो सकता है। जब भी किसी रक्तदाता से रक्त लें, उसकी जांच जरूर करा लें। विशेष रूप से हेपेटाइटिस बी और सी लिवर को प्रभावित करने वाला ऐसा संक्रमण है जो बच्चों के स्वास्थ्य को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। डॉ. जितेंद्र शर्मा ने कहा कि बचपन में टीकाकरण हेपेटाइटिस बी के खिलाफ संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। जीवन के पहले 24 घंटे के भीतर नवजात शिशु को हेपेटाइटिस-बी का टीका जरूर दिया जाना चाहिए। साथ ही स्वच्छता, सुरक्षित रक्त चढ़ाना और संक्रमण रहित सर्जिकल प्रक्रियाएं इस संक्रमण को फैलने से रोक सकती हैं।
आईएमए की सचिव डॉ. सुदीप कौर ने कहा कि यह संक्रमण 5–10 प्रतिशत बच्चों तक हो सकता है। जिनकी माताएं पहले से संक्रमित रही हों। 2008-10 के आसपास एक दो ही गर्भवती महिलाओं में हेपेटाइटिस-सी मिलता था। अब हर माह चार केस हेपेटाइटिस के ऑपरेशन के लिए आते हैं। डॉ. विजय अग्रवाल, डॉ. सौभाग्य मिश्रा, डॉ. शरद अग्रवाल आदि ने भी वीडियो जारी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. रघु प्रकाश ने कहा कि बच्चों को बार-बार रक्त चढ़ाने से हेपेटाइटिस का संक्रमण हो सकता है। जब भी किसी रक्तदाता से रक्त लें, उसकी जांच जरूर करा लें। विशेष रूप से हेपेटाइटिस बी और सी लिवर को प्रभावित करने वाला ऐसा संक्रमण है जो बच्चों के स्वास्थ्य को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। डॉ. जितेंद्र शर्मा ने कहा कि बचपन में टीकाकरण हेपेटाइटिस बी के खिलाफ संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। जीवन के पहले 24 घंटे के भीतर नवजात शिशु को हेपेटाइटिस-बी का टीका जरूर दिया जाना चाहिए। साथ ही स्वच्छता, सुरक्षित रक्त चढ़ाना और संक्रमण रहित सर्जिकल प्रक्रियाएं इस संक्रमण को फैलने से रोक सकती हैं।
विज्ञापन
आईएमए की सचिव डॉ. सुदीप कौर ने कहा कि यह संक्रमण 5–10 प्रतिशत बच्चों तक हो सकता है। जिनकी माताएं पहले से संक्रमित रही हों। 2008-10 के आसपास एक दो ही गर्भवती महिलाओं में हेपेटाइटिस-सी मिलता था। अब हर माह चार केस हेपेटाइटिस के ऑपरेशन के लिए आते हैं। डॉ. विजय अग्रवाल, डॉ. सौभाग्य मिश्रा, डॉ. शरद अग्रवाल आदि ने भी वीडियो जारी किया।
विज्ञापन