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पीएमओ सुरक्षा में तैनात कमांडो से ठग लिए 60 हजार रुपये
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मुरादाबाद। तेज तर्रार और सतर्क रहने वाले प्रधानमंत्री कार्यालय पर तैनात एसपीजी कमांडो ही ठगी का शिकार हो गए। एक व्यक्ति ने उनकी शस्त्र लाइसेंस की फाइल पास कराने के नाम 60 हजार रुपये ठग लिए। आरोपी ने खुद को डीएम कार्यालय में कार्यरत बताते हुए कमांडो से रकम ली है। पीड़ित ने एएसपी को तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बिलारी थानाक्षेत्र के मिट्ठनपुर नगला निवासी सुनील कुमार स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी ) में कमांडो हैं। सुनील ने बताया कि वर्तमान में उनकी ड्यूटी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) नई दिल्ली में चल रही है। सुनील ने पिस्टल के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। बेहद जिम्मेदारी वाले पर तैनाती होने के कारण उन्हें बार बार छुट्टी नहीं मिल पा रही थी। एक दिन छुट्टी लेकर मुरादाबाद आए और यहां डीएम कार्यालय में अपनी शस्त्र लाइसेंस की फाइल के बारे में जानकारी करने पहुंच गए। उन्हें वहां एक व्यक्ति मिल गया। जिसने खुद को डीएम कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी बताते हुए कहा था कि अभी चुनाव आचार संहिता लागू है। इस वक्त फाइल पास नहीं हो पाएगी, अगर फाइल पास कराना चाहते हैं तो कुछ खर्च करना होगा। इसके लिए नीचे से लेकर ऊपर तक रकम बांटनी होती है। तब कमांडो ने आरोपी के बताए एकाउंट पर रकम ट्रांसफर कर दी। रकम लेने के बाद आरोपी ने कमांडो को वापस भेज दिया। उनसे कहा कि वह ड्यूटी पर चले जाएं। दिल्ली से दोबारा वापस जाएंगे तो फाइल तैयार मिलेगी। इसके बाद सुनील ड्यूटी चले गए।
इसके बाद लगातार आरोपी से फोन पर बात होती रही। इसके बाद आरोपी बार बार टाल मटोल करता रहा, लेकिन फाइल पास नहीं हो पाई। एक दिन आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति से भी फोन पर बात कराई। वो भी खुद को डीएम कार्यालय में तैनात बता रहा था। लंबा समय बीतने के बाद भी पीड़ित की फाइल पास नहीं हुई। दो दिन पहले उन्होंने असलहा बाबू कार्यालय में पहुंचकर फाइल के बारे में पूछताछ, तब पता चला कि इस नाम की कोई फाइल नहीं आई है। इसके बाद पीड़ित ने आरोपी के मोबाइल नंबर पर कॉल की और मिलने के लिए बुलाया, लेकिन उसने मिलने से इनकार कर दिया और मोबाइल भी बंद लिया। तब पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय में पहुंचे, लेकिन एसएसपी तब तक शिकायतें सुनकर निरीक्षण के लिए निकल चुके थे। इसके बाद पीड़ित एएसपी कार्यालय में पहुंचे और तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई।
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बिलारी थानाक्षेत्र के मिट्ठनपुर नगला निवासी सुनील कुमार स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी ) में कमांडो हैं। सुनील ने बताया कि वर्तमान में उनकी ड्यूटी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) नई दिल्ली में चल रही है। सुनील ने पिस्टल के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। बेहद जिम्मेदारी वाले पर तैनाती होने के कारण उन्हें बार बार छुट्टी नहीं मिल पा रही थी। एक दिन छुट्टी लेकर मुरादाबाद आए और यहां डीएम कार्यालय में अपनी शस्त्र लाइसेंस की फाइल के बारे में जानकारी करने पहुंच गए। उन्हें वहां एक व्यक्ति मिल गया। जिसने खुद को डीएम कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी बताते हुए कहा था कि अभी चुनाव आचार संहिता लागू है। इस वक्त फाइल पास नहीं हो पाएगी, अगर फाइल पास कराना चाहते हैं तो कुछ खर्च करना होगा। इसके लिए नीचे से लेकर ऊपर तक रकम बांटनी होती है। तब कमांडो ने आरोपी के बताए एकाउंट पर रकम ट्रांसफर कर दी। रकम लेने के बाद आरोपी ने कमांडो को वापस भेज दिया। उनसे कहा कि वह ड्यूटी पर चले जाएं। दिल्ली से दोबारा वापस जाएंगे तो फाइल तैयार मिलेगी। इसके बाद सुनील ड्यूटी चले गए।
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इसके बाद लगातार आरोपी से फोन पर बात होती रही। इसके बाद आरोपी बार बार टाल मटोल करता रहा, लेकिन फाइल पास नहीं हो पाई। एक दिन आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति से भी फोन पर बात कराई। वो भी खुद को डीएम कार्यालय में तैनात बता रहा था। लंबा समय बीतने के बाद भी पीड़ित की फाइल पास नहीं हुई। दो दिन पहले उन्होंने असलहा बाबू कार्यालय में पहुंचकर फाइल के बारे में पूछताछ, तब पता चला कि इस नाम की कोई फाइल नहीं आई है। इसके बाद पीड़ित ने आरोपी के मोबाइल नंबर पर कॉल की और मिलने के लिए बुलाया, लेकिन उसने मिलने से इनकार कर दिया और मोबाइल भी बंद लिया। तब पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय में पहुंचे, लेकिन एसएसपी तब तक शिकायतें सुनकर निरीक्षण के लिए निकल चुके थे। इसके बाद पीड़ित एएसपी कार्यालय में पहुंचे और तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई।
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