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डीपीएस के चार शिक्षकों ने दिया नौकरी से इस्तीफा
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मुरादाबाद। दिल्ली पब्लिक स्कूल के चार शिक्षकों ने इस्तीफा दे दिया है। इससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ रही है। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य के साथ आर्थिक बोझ का तनाव हो रहा है। इस संबंध में जानकारी लेने के लिए प्रधानाचार्य सुदर्शन सोनार को फोन किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी द्वारा मुरादाबाद और गजरौला स्कूल की फ्रेंचाइजी निरस्त कर देने के बाद से अभिभावक और विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। जिला प्रशासन की मध्यस्थता से विद्यालय संचालित तो हो गया, लेकिन दो शिफ्ट में यातायात संचालित होने और ट्रस्टियों के फ्रेंचाइजी लेने के लिए सोसाइटी से मई तक की मोहलत मांगने से अभिभावक नाखुश हैं। इसी बीच जानकारी मिली है कि चार शिक्षकों ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। एक शिक्षक ने बताया कि डीपीएस में नए प्रवेश नहीं हो रहे थे। जब स्कूल प्रशासन से पूछते थे तो वह एडमीशन होने का आश्वासन दे रहे थे। बाद में फ्रेंचाइजी निरस्त होने का पता चला। उन्हें अच्छे विकल्प के लिए दूसरे शहर में जाने का मौका मिला तो उन्होंने वहां नौकरी ज्वाइन कर ली। वहीं, एक शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने अप्रैल के पहले सप्ताह में त्यागपत्र दिया है। हालांकि उन्होंने इसका कारण खुद का स्वास्थ्य खराब होना बताया। उन्होंने मई के पहले सप्ताह में किसी अन्य स्कूल में नौकरी ज्वाइन करने की बात कही। उन्होंने भी स्वीकार किया कि स्थिति स्पष्ट न होने की वजह से नौकरी को लेकर शिक्षकों में तनाव है। वहीं, कुछ अभिभावकों ने कहा कि जिलाधिकारी की मध्यस्थता की वजह से अभी भरोसा कर रहे हैं, लेकिन आगे क्या होगा इसकी कोई जानकारी नहीं है। आगे बच्चों को किसी अन्य स्कूल में एडमीशन नहीं मिला तो वह कहां पढ़ेंगे। बच्चों के भविष्य के साथ जेब पर जो बोझ पड़ेगा, क्योंकि किसी भी अन्य स्कूल में प्रवेश दिलाने पर वहां पर प्रवेश शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति जानने के लिए जब वह प्रधानाचार्य और स्टॉफ से मिलते हैं तो वह भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे रहे हैं।
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दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी द्वारा मुरादाबाद और गजरौला स्कूल की फ्रेंचाइजी निरस्त कर देने के बाद से अभिभावक और विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। जिला प्रशासन की मध्यस्थता से विद्यालय संचालित तो हो गया, लेकिन दो शिफ्ट में यातायात संचालित होने और ट्रस्टियों के फ्रेंचाइजी लेने के लिए सोसाइटी से मई तक की मोहलत मांगने से अभिभावक नाखुश हैं। इसी बीच जानकारी मिली है कि चार शिक्षकों ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। एक शिक्षक ने बताया कि डीपीएस में नए प्रवेश नहीं हो रहे थे। जब स्कूल प्रशासन से पूछते थे तो वह एडमीशन होने का आश्वासन दे रहे थे। बाद में फ्रेंचाइजी निरस्त होने का पता चला। उन्हें अच्छे विकल्प के लिए दूसरे शहर में जाने का मौका मिला तो उन्होंने वहां नौकरी ज्वाइन कर ली। वहीं, एक शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने अप्रैल के पहले सप्ताह में त्यागपत्र दिया है। हालांकि उन्होंने इसका कारण खुद का स्वास्थ्य खराब होना बताया। उन्होंने मई के पहले सप्ताह में किसी अन्य स्कूल में नौकरी ज्वाइन करने की बात कही। उन्होंने भी स्वीकार किया कि स्थिति स्पष्ट न होने की वजह से नौकरी को लेकर शिक्षकों में तनाव है। वहीं, कुछ अभिभावकों ने कहा कि जिलाधिकारी की मध्यस्थता की वजह से अभी भरोसा कर रहे हैं, लेकिन आगे क्या होगा इसकी कोई जानकारी नहीं है। आगे बच्चों को किसी अन्य स्कूल में एडमीशन नहीं मिला तो वह कहां पढ़ेंगे। बच्चों के भविष्य के साथ जेब पर जो बोझ पड़ेगा, क्योंकि किसी भी अन्य स्कूल में प्रवेश दिलाने पर वहां पर प्रवेश शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति जानने के लिए जब वह प्रधानाचार्य और स्टॉफ से मिलते हैं तो वह भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे रहे हैं।
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