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Moradabad News: सब्सिडी के नाम पर 19 रुपये पा रहे चार लाख लोग
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मुरादाबाद। जिले में चार लाख से अधिक एलपीजी कनेक्शन हैं। इन घरों में तीन प्रमुख कंपनियों इंडेन, भारत व एचपी गैस से सिलिंडर की सप्लाई हो रही है। इन चार लाख उपभोक्ताओं को सब्सिडी के नाम पर हर माह 19 रुपये मिल रहे हैं। पिछले कई वर्षों में साल दर साल घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतें तो बढ़ीं, लेकिन सब्सिडी लगभग गायब हो गई।
नए एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करते समय गैस उपभोक्ताओं से बैंक पासबुक मांगी जाती है। मंगलवार को निजी कंपनी के कार्यालय पहुंचे एक उपभोक्ता से जब बैंक डिटेल मांगी गई तो उसने कारण पूछा। तब उपभोक्ता को बताया गया कि हर माह 19 रुपये सब्सिडी खाते में आएगी, इसलिए बैंक डिटेल ली जा रही है। कंपनी प्रबंधक का कहना है कि सब्सिडी को लेकर हर माह कई उपभोक्ताओं के फोन आते हैं। केंद्र सरकार ने मार्च 2015 से घरेलू रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजने की पहल की थी। लोगों को तब हर साल 12 सिलिंडर सब्सिडी पर मिलते थे। कोरोना महामारी के बाद रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी कम होने लगी। इससे पहले सरकार ने लोगों से स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। हालांकि महामारी के दौर में सब्सिडी सभी के लिए समाप्त हो गई थी।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलती है सब्सिडी
उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन वालों को 150 रुपये अधिक सब्सिडी दी जाती है। जिला पूर्ति कार्यालय के आंकड़े के मुताबिक जिले में 2.70 लाख उज्जवला योजना के कनेक्शन हैं। इन उपभोक्ताओं के खाते में निजी कंपनियां सीधे सब्सिडी भेजती हैं। वहीं जिले के तमाम घरों में पाइप लाइन के तहत भी सप्लाई हो रही है। जिले में टोरेंट कंपनी सप्लाई कर रही है। पाइप लाइन वाली गैस का दाम प्रति लीटर के हिसाब से सिलिंडर की कीमत से अलग है। गांवों में भी लोग पाइप लाइन वाली गैस इस्तेमाल कर रहे हैं।
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10 साल में इस तरह बढ़े गैस सिलिंडर के दाम
1 मार्च 2014 410.50 रुपये
1 मार्च 2015 610 रुपये
1 मार्च 2016 513.50 रुपये
1 मार्च 2017 735.50 रुपये
1 मार्च 2018 689 रुपये
1 मार्च 2019 701.50 रुपये
1 मार्च 2020 805.50 रुपये
1 मार्च 2021 819 रुपये
1 मार्च 2022 899 रुपये
1 मार्च 2023 1103 रुपये
1 मार्च 2024 850 रुपये
जिले में चार लाख से ज्यादा एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनके खातों में हर महीने 19 रुपये सब्सिडी आ रही है, जबकि उज्जवला योजना के लाभार्थियों को अधिक सब्सिडी मिलती हैं। यह आदेश शासन से लागू होते हैं, जिला स्तर पर इनका अनुपालन कराया जाता है।
- अजय प्रताप, जिला पूर्ति अधिकारी
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नए एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करते समय गैस उपभोक्ताओं से बैंक पासबुक मांगी जाती है। मंगलवार को निजी कंपनी के कार्यालय पहुंचे एक उपभोक्ता से जब बैंक डिटेल मांगी गई तो उसने कारण पूछा। तब उपभोक्ता को बताया गया कि हर माह 19 रुपये सब्सिडी खाते में आएगी, इसलिए बैंक डिटेल ली जा रही है। कंपनी प्रबंधक का कहना है कि सब्सिडी को लेकर हर माह कई उपभोक्ताओं के फोन आते हैं। केंद्र सरकार ने मार्च 2015 से घरेलू रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजने की पहल की थी। लोगों को तब हर साल 12 सिलिंडर सब्सिडी पर मिलते थे। कोरोना महामारी के बाद रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी कम होने लगी। इससे पहले सरकार ने लोगों से स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। हालांकि महामारी के दौर में सब्सिडी सभी के लिए समाप्त हो गई थी।
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उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलती है सब्सिडी
उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन वालों को 150 रुपये अधिक सब्सिडी दी जाती है। जिला पूर्ति कार्यालय के आंकड़े के मुताबिक जिले में 2.70 लाख उज्जवला योजना के कनेक्शन हैं। इन उपभोक्ताओं के खाते में निजी कंपनियां सीधे सब्सिडी भेजती हैं। वहीं जिले के तमाम घरों में पाइप लाइन के तहत भी सप्लाई हो रही है। जिले में टोरेंट कंपनी सप्लाई कर रही है। पाइप लाइन वाली गैस का दाम प्रति लीटर के हिसाब से सिलिंडर की कीमत से अलग है। गांवों में भी लोग पाइप लाइन वाली गैस इस्तेमाल कर रहे हैं।
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10 साल में इस तरह बढ़े गैस सिलिंडर के दाम
1 मार्च 2014 410.50 रुपये
1 मार्च 2015 610 रुपये
1 मार्च 2016 513.50 रुपये
1 मार्च 2017 735.50 रुपये
1 मार्च 2018 689 रुपये
1 मार्च 2019 701.50 रुपये
1 मार्च 2020 805.50 रुपये
1 मार्च 2021 819 रुपये
1 मार्च 2022 899 रुपये
1 मार्च 2023 1103 रुपये
1 मार्च 2024 850 रुपये
जिले में चार लाख से ज्यादा एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनके खातों में हर महीने 19 रुपये सब्सिडी आ रही है, जबकि उज्जवला योजना के लाभार्थियों को अधिक सब्सिडी मिलती हैं। यह आदेश शासन से लागू होते हैं, जिला स्तर पर इनका अनुपालन कराया जाता है।
- अजय प्रताप, जिला पूर्ति अधिकारी