मुरादाबाद। यूक्रेन के दहशत भरे माहौल के बीच एक सप्ताह बाद बुधवार को पांच छात्र मुरादाबाद लौट आए। सभी छात्र अभी भी डरे और सहमे हुए हैं, लेकिन परिजनों से मिलकर उनकी आंखों में खुशी के आंसू और चेहरे पर मुस्कान भी है। जिला प्रशासन के अनुसार यूक्रेन में मुरादाबाद जिले के कई छात्र सहित 40 लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली थी, जिसमें से 13 छात्र सकुशल वापस लौट आए हैं।
अवंतिका कॉलोनी निवासी निमिष सक्सेना को लेने दिल्ली एयरपोर्ट पर लेने उनके माता-पिता पहुंचे। मंगलवार देर रात मिाता-पिता ने बेटे का चेहरा देखने के बाद ही महाशिवरात्रि का व्रत खोला। प्रदीप सक्सेना ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा है कि निमिष सकुशल घर लौट आया है। निमिष ने बताया कि रोमानिया में छात्रों के साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया गया। थकान के कारण निमिष दिन में सो गया। घर में सोते समय भी वह बस आ गई और भागो-भागो बड़बड़ा रहा था। उनके पिता प्रदीप सक्सेना ने जगाया, तो कुछ समय कमरे की दीवारों और छत को निहारता रहा। उसे भरोसा ही नहीं हो रहा है कि वह अपने घर में है। प्रदीप सक्सेना ने बताया कि यूक्रेन के हालात से निमिष को बहुत ज्यादा सदमा लगा है। यूक्रेन की फौज और पुलिस बुरा बर्ताव कर रही थी। रूस के सैनिक तिरंगा को देखकर सेल्यूट करते थे और वहां से बचकर भाग जाने का इशारा करते थे, जबकि यूक्रेन के सैनिकों का बर्ताव इसके उलट था। प्रदीप ने कहा कि जिंदगी ने ऐसा जख्म दिया है कि इसे कभी नहीं भुला पाएंगे।