इस बार देश 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। देश की आजादी में पीतल नगरी का भी अतुलनीय योगदान रहा है। असहयोग आंदोलन के मंथन के लिए यहां पर महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू सहित अन्य क्रांतिकारी आए थे। टाउनहाल पर सभा का आयोजन किया गया था। मुरादाबाद के क्रांतिवीरों ने भी बढ़-चढ़कर स्वतंत्रता संग्राम में प्रतिभाग किया था। जब देश को आजादी मिली और गणतांत्रिक व्यवस्था लागू हुई तो पीतल नगरी में पहली बार टाउनहाल पर ही तिरंगा फहराया गया था। जश्न को देखने के लिए लोग ग्रामीण क्षेत्रों से बैलगाड़ी और तांगे से आए थे। दिलों में जोश और जुबान पर देशभक्ति के गीतों से अलग ही समां बंध रहा था।
मुरादाबाद के शूरवीरों के परिजन आज भी उनकी निडरता, त्याग और कुर्बानियों की कहानी सुनाते हैं। उसी के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. रामऔतार दीक्षित के पुत्र धवल दीक्षित ने बताया कि मुरादाबाद में टाउनहाल पर पानी की टंकी पर पहली बार तिरंगा फहराया गया था। जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग राजकीय इंटर कालेज पर एकत्र हुए थे। वहां से प्रभातफेरी के रूप में सभी अमरोहा गेट होते हुए टाउनहाल पहुंचे थे। जगह-जगह प्रभात फेरी का फूलों की बारिश कर स्वागत किया गया था। सभी देशभक्ति के तराने गा रहे थे। सिर पर गांधी टोपी उनका उत्साह बढ़ा रही थी। रास्ते को रंग-बिरंगी झंडियों से सजाया गया था। उन्होंने बताया कि प्रभात फेरी का नेतृत्व राम गुलाम, राम अवतार दीक्षित, इफ्तिखार फरीदी, राम मोहन लाल, नवल किशोर, ख्यालीराम शास्त्री, बुद्धि सिंह आदि कर रहे थे। नगर निगम पर पहुंचकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रगान गाया। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए टाउनहाल एरिया खचाखच भरा था।