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दो पंचायत सचिव, एक एडीओ पर एफआईआर दर्ज
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मुरादाबाद। प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में की गई गड़बड़ी के मामले में डीपीआरओ के निर्देश पर कुंदरकी विकासखंड क्षेत्र की 2 ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों और तत्कालीन एडीओ पंचायत के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज की गई है । कमिश्नर के सख्त रुख के बाद डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी की इस तेजी से महकमे में हड़कंप है।
जिले में 26 दिसंबर 2020 से 25 मई 2021 के बीच ग्राम पंचायतों की बागडोर प्रशासकों, पंचायत सचिव और एडीओ पंचायत के हाथ रही थी। इस दौरान जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव और एडीओ पंचायत ने विकास कार्य के नाम पर नियम कायदे ताक पर रखकर धनराशि खर्च की। अमर उजाला की पड़ताल में यह मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने अपने स्तर से विभिन्न अधिकारियों के माध्यम से कुछ ग्राम पंचायतों की जांच कराई थी। जिसमें अधिकांश अधिकारियों ने कुछ कमियां मिलने के बावजूद संबंधित सचिव और एडीओ पंचायत के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की थी। साथ ही गोलमोल रिपोर्ट डीएम और कमिश्नर को भेजी थी। बाद में मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन की टीम ने कुंदरकी और मूंढापांडे विकासखंड क्षेत्र की 10.10 ग्राम पंचायतों की जांच की थी। जिसमें तमाम कमियां पाई गईं। जिसके आधार पर तत्कालीन डीपीआरओ राजेश कुमार, दो एडीओ पंचायत और 9 पंचायत सचिवों को 12 नवंबर 2021 को निलंबित किया गया था।
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों का जवाब तलब किया था। कमिश्नर के इस रुख के बाद से ही महकमे में हड़कंप मच गया था। बताया जाता है कि पंचायत सचिवों और एडीओ को बचाने के चक्कर में अपनी गर्दन फंसती देख अब डीपीआरओ ने कार्रवाई तेज कर दी है।
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कमिश्नर के रुख के बाद डीपीआरओ ने दोनों ग्राम पंचायतों के तत्कालीन पंचायत सचिवों सत्यपाल सिंह और सुरेंद्र सिंह तथा कुंदरकी विकासखंड के तत्कालीन एडीओ पंचायत दूजेंद्र सिंह के खिलाफ वर्तमान में तैनात एडीओ पंचायत राजीव सक्सेना को रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं। जिसके आधार पर राजीव सक्सेना की ओर से संबंधित थानों में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। डीपीआरओ की इस कार्रवाई के बाद से महकमे में हड़कंप है।
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जिले में 26 दिसंबर 2020 से 25 मई 2021 के बीच ग्राम पंचायतों की बागडोर प्रशासकों, पंचायत सचिव और एडीओ पंचायत के हाथ रही थी। इस दौरान जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव और एडीओ पंचायत ने विकास कार्य के नाम पर नियम कायदे ताक पर रखकर धनराशि खर्च की। अमर उजाला की पड़ताल में यह मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने अपने स्तर से विभिन्न अधिकारियों के माध्यम से कुछ ग्राम पंचायतों की जांच कराई थी। जिसमें अधिकांश अधिकारियों ने कुछ कमियां मिलने के बावजूद संबंधित सचिव और एडीओ पंचायत के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की थी। साथ ही गोलमोल रिपोर्ट डीएम और कमिश्नर को भेजी थी। बाद में मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन की टीम ने कुंदरकी और मूंढापांडे विकासखंड क्षेत्र की 10.10 ग्राम पंचायतों की जांच की थी। जिसमें तमाम कमियां पाई गईं। जिसके आधार पर तत्कालीन डीपीआरओ राजेश कुमार, दो एडीओ पंचायत और 9 पंचायत सचिवों को 12 नवंबर 2021 को निलंबित किया गया था।
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कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों का जवाब तलब किया था। कमिश्नर के इस रुख के बाद से ही महकमे में हड़कंप मच गया था। बताया जाता है कि पंचायत सचिवों और एडीओ को बचाने के चक्कर में अपनी गर्दन फंसती देख अब डीपीआरओ ने कार्रवाई तेज कर दी है।
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कमिश्नर के रुख के बाद डीपीआरओ ने दोनों ग्राम पंचायतों के तत्कालीन पंचायत सचिवों सत्यपाल सिंह और सुरेंद्र सिंह तथा कुंदरकी विकासखंड के तत्कालीन एडीओ पंचायत दूजेंद्र सिंह के खिलाफ वर्तमान में तैनात एडीओ पंचायत राजीव सक्सेना को रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं। जिसके आधार पर राजीव सक्सेना की ओर से संबंधित थानों में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। डीपीआरओ की इस कार्रवाई के बाद से महकमे में हड़कंप है।