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हल और बैल लेकर जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे किसान, पुलिस फोर्स ने प्रवेश करने से रोका

Wed, 02 Oct 2019 08:47 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 02 Oct 2019 08:47 PM IST
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farmers try to entry into jauhar university forcefully police stop them in rampur
जौहर यूनिवर्सिटी में घुसने की कोशिश करते किसान - फोटो : अमर उजाला

आलियागंज के 26 किसान हल और बैल लेकर जौहर यूनिवर्सिटी पहुंच गए। जमीनों पर कब्जा लेने पहुंचे किसानों ने यूनिवर्सिटी में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस फोर्स ने किसानों को रोक लिया। 

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इससे पहले किसानों ने जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलाम के नेतृत्व में सत्याग्रह किया। जमकर नारेबाजी की। उन्होंने किसानों को जमीनों पर कब्जा दिलाने की मांग की है। ममला आलियागंज का है।
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किसानों का आरोप है कि उनकी जमीनें जौहर यूनिवर्सिटी में मिला ली गई हैं। सांसद आजम खां ने किसानों की जमीनों पर जबरन कब्जा कर लिया है। किसानों को उनके खेतों पर जाने भी नहीं देते हैं। 
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इस पर 26 किसानों ने सांसद आजम खां, पूर्व सीओ आलेहसन खां समेत तमाम अफसरों के खिलाफ अजीमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। सभी किसानों ने अलग अलग रिपोर्ट दर्ज कराई हैं, जिसकी जांच के लिए पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय स्तर पर एसआईटी का गठन कर दिया है। फिलहाल, इस मामले की जांच जारी है।

बुधवार को गांधी जयंती के मौके पर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम के नेतृत्व में आलियागंज के किसानों ने ग्राम शौकतनगर के सामने सत्याग्रह किया। 

उनका कहना था कि सांसद आजम खां कहते हैं कि पौने चार बीघा जमीन का मामला है। जबकि, हकीकत यह है कि आजम खां ने जिन किसानों की जमीनों को जबरन कब्जाया है, उनका क्षेत्रफल करीब 60 से 70 बीघा है। 

आजम खां ने हाईकोर्ट में भी झूठ बोला। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी जमीनों पर कब्जा दिलाया जाएगा। इसके बाद उनके नेतृत्व में किसान अपने हल और बैल लेकर जौहर यूनिवर्सिटी पहुंच गए। यहां उप जिलाधिकारी पीपी तिवारी, सीओ स्वार विद्या किशोर अजीमनगर थाना पुलिस के साथ पहुंच गए। 

उन्होंने किसानों को गेट पर ही रोक लिया। किसानों को यूनिवर्सिटी में जाने की इजाजत नहीं दी गई। ऐसे में किसानों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और कब्जा दिलाने की मांग की। 

एसडीएम ने कहा कि अभी आचार संहिता लागू है। ऐसे में चुनाव में बाद किसानों की जमीनों की पैमाइश कराई जाएगी, जिसके बाद किसानों को उनकी जमीनें मिल जाएंगी। इस पर किसान शांत हुए। 


इस मौके पर हाजी जमील अहमद, बंदे अली, आले हसन, मोहम्मद हनीफ, शौकत अली, शफकत अली, इस्लाम, साबिर, इदरीश, मोहन लाल, छुट्टन, अली हसन, राहत जान, सुभान आदि उपस्थित रहे।

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