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फेयरः अमेरिकी प्रतिबंध भी नहीं रोक सके ईरानी बायर्स के कदम
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मुरादाबाद। अमेरिकी प्रतिबंध भी ईरानी बायर्स को आईएचजीएफ दिल्ली ऑटम फेयर में आने से नहीं रोक सके। स्प्रिंग में दिल्ली फेयर से किनारा करने वाले ईरान ने ऑटम में अच्छी आमद दर्ज कराई है। अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते ईरान ने दुबई के जरिए हस्तशिल्प उत्पादों के आयात का फैसला किया है। इस पर निर्यातकों को डॉलर में ही पेमेंट होगा। ईरान के साथ ही आस्ट्रेलिया, स्वीडन और स्विटजरलैंड के बायर्स की संख्या में भी इस बार काफी इजाफा हुआ है।
अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर ईरान पिछले करीब दो सालों से सख्त अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। ईरान तक अन्य देशों के साथ डॉलर में कारोबार करने पर प्रतिबंध है। इसकी वजह से ईरान की करेंसी ईरानी रियाल भी औंधे मुंह गिर चुकी है। एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 42105 ईरानी रियाल के बराबर है। वहीं एक रुपये की कीमत ईरान में 592.14 ईरानी रियाल के बराबर है। अपनी मुद्रा का अवमूल्यन रोकने के लिए ईरान एक साल पहले 1400 उत्पादों के आयात पर रोक लगा चुका है। इसमें भारतीय हस्तशिल्प उत्पाद भी शामिल हैं। इस समय ईरान भारत से सिर्फ चावल, दवाएं और चाय की आयत कर रहा है। यह कारोबार भी रुपये में होता है। इसके बावजूद ईरान ने इस बार फिर से ऑटम फेयर में जोरदार उपस्थित दर्ज कराई है। प्रतिबंध के बावजूद ईरानी बायर्स ने मुरादाबाद के निर्यातकों को बड़ी संख्या में कारोबारी आदेश दिए हैं। निर्यातक सतपाल का कहना है कि ईरानी बायर्स ने दुबई में डिलीवरी मांगी है। दुबई के जरिए ही वह डॉलर पेमेंट करेंगे। ईरानी खरीददारों की फेयर में उपस्थिति से निर्यातकों के चेहरे खिले हुए हैं। पुराने होल्ड पर पड़े कारोबारी आदेशों को भी ईरानी बायर्स बहाल कर रहे हैं।
निर्यातक विशाल अग्रवाल का कहना है कि ऑटम में आस्ट्रेलिया के बायर्स की संख्या भी इस बार पहले से कहीं अधिक है। स्वीडन, जर्मनी, बेल्जियम और स्विटजरलैंड के बायर्स की संख्या में भी इस बार वृद्धि हुई है।
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अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर ईरान पिछले करीब दो सालों से सख्त अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। ईरान तक अन्य देशों के साथ डॉलर में कारोबार करने पर प्रतिबंध है। इसकी वजह से ईरान की करेंसी ईरानी रियाल भी औंधे मुंह गिर चुकी है। एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 42105 ईरानी रियाल के बराबर है। वहीं एक रुपये की कीमत ईरान में 592.14 ईरानी रियाल के बराबर है। अपनी मुद्रा का अवमूल्यन रोकने के लिए ईरान एक साल पहले 1400 उत्पादों के आयात पर रोक लगा चुका है। इसमें भारतीय हस्तशिल्प उत्पाद भी शामिल हैं। इस समय ईरान भारत से सिर्फ चावल, दवाएं और चाय की आयत कर रहा है। यह कारोबार भी रुपये में होता है। इसके बावजूद ईरान ने इस बार फिर से ऑटम फेयर में जोरदार उपस्थित दर्ज कराई है। प्रतिबंध के बावजूद ईरानी बायर्स ने मुरादाबाद के निर्यातकों को बड़ी संख्या में कारोबारी आदेश दिए हैं। निर्यातक सतपाल का कहना है कि ईरानी बायर्स ने दुबई में डिलीवरी मांगी है। दुबई के जरिए ही वह डॉलर पेमेंट करेंगे। ईरानी खरीददारों की फेयर में उपस्थिति से निर्यातकों के चेहरे खिले हुए हैं। पुराने होल्ड पर पड़े कारोबारी आदेशों को भी ईरानी बायर्स बहाल कर रहे हैं।
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निर्यातक विशाल अग्रवाल का कहना है कि ऑटम में आस्ट्रेलिया के बायर्स की संख्या भी इस बार पहले से कहीं अधिक है। स्वीडन, जर्मनी, बेल्जियम और स्विटजरलैंड के बायर्स की संख्या में भी इस बार वृद्धि हुई है।
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