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Moradabad News: हर किसी को बजट से बचत की उम्मीद

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2024 06:39 AM IST
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Everyone expects savings from the budget
मुरादाबाद। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले आम बजट से शहर के हर वर्ग के लोगों को बचत की उम्मीद है। सीए ने कहा कि 10 से 15 लाख रुपये तक टैक्स दर 15 फीसदी होनी चाहिए। वहीं निर्यातकों ने फैक्टिरियों के बिजली बिल पर सब्सिडी मिलने की उम्मीद जताई। साथ ही निर्यातकों के ड्रॉ बैक के मुद्दे का समाधान हो। वहीं व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी की दरें सरल की जाए। मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स में छूट मिले।
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- मध्य वर्ग का व्यक्ति लाइफ इंश्योरेंस, मेडिकल, पीपीएफ और एनएससी के माध्यम से टैक्स बचाकर छोटी बचत कर लेता था। उम्मीद है कि बजट में छूट मिलेगी। क्योंकि इसमें होने वाला बदलाव एक सामान्य व्यक्ति की बचत को प्रभावित करता है। मध्यमवर्गीय लोगों के लिए टैक्स स्लैब बढ़नी चाहिए। सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी बढ़े। - डॉ. अभिनव अग्रवाल, सीए
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- इस वक्त सबसे ज्यादा जरूरी पुरानी रिजीम के हिसाब से टैक्स दर जो पांच से दस लाख पर 20 फीसदी है, वह कम होनी चाहिए। दस से 15 लाख रुपये तक टैक्स दर 15 फीसदी होनी चाहिए। 15 से 30 लाख रुपये का टैक्स दर 20 फीसदी होनी चाहिए। हमारा मानना है कि नई रिजीम में हाउसिंग लोन के ब्याज पर छूट मिलनी चाहिए, ताकि रियल स्टेट सेक्टर तेजी से बढ़ सके। वेतन भोगी कर्मचारी को स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार से बढ़कर एक लाख होने की उम्मीद है। - हिमांशु मेहरा, सीए
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- बजट से उम्मीद है कि नई स्कीम में कुछ आयकर में एलआईसी, एनएससी, पीपीएफ आदि में बचत करने की छूट मिलेगी। अभी नई स्कीम में किसी भी प्रकार की बचत करने पर कोई छूट नहीं मिलती है। इससे जनरल करदाता में बचत करने की प्रवृत्ति हतोत्साहित हुई है। उम्मीद है कि नई स्कीम में भी पुरानी स्कीम की तरह बचत करने पर कुछ छूट मिल जाए। आयकर की सीमा 3 लाख से 5 लाख करने की भी बजट में उम्मीदें हैं। - अजीत अग्रवाल, सीए

- जीएसटी को सरल बनाया जाए। इसकी वजह से व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा व्यापारियों के ऊपर नया कानून एमएसएमई को हटाया जाए। क्योंकि इसमें भुगतान की समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। नगर निगम ने जीआईएस सर्वे के आधार पर गृहकर लगाए हैं। इसके समाधान की व्यवस्था होनी चाहिए। - नितिनराज, महामंत्री व्यापारी सुरक्षा फोरम

- मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स में छूट बढ़ानी चाहिए। जीएसटी का सरलीकरण किया जाए। एक उत्पाद पर एक ही स्लैब जीएसटी का रहे। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पहले जैसा ड्रॉ बैक दिया जाए या कच्चे माल पर टैक्स की दरें घटाई जाएं। जिससे व्यापारी का उत्पाद कुछ सस्ता बने, जिससे बाजार से प्रतिस्पर्धा की जा सके। पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। - अरविंद अग्रवाल जॉनी, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार मंडल उप्र

- अनारक्षित श्रेणी में सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए सरकार कुछ भी अच्छा करती नहीं दिखाई दे रही। सरकार का सारा ध्यान आरक्षित श्रेणी यात्रियों के हितों पर है। कोरोना काल में बंद की गईं पैसेंजर ट्रेनें दोबारा चलाकर यात्रियों को राहत दी जानी चाहिए। एक्सप्रेस ट्रेनों में कम से कम आठ बोगियां अनारक्षित श्रेणी की होना चाहिए। - सुधीर पाठक, अध्यक्ष, दैनिक रेल यात्री संगठन

- निर्यातकों को फोकस एक्सपोर्ट्स इंसेंटिव मिलना चाहिए। फैक्टरियों के बिजली बिल पर सब्सिडी व डीजल खरीद पर भी सब्सिडी मिलनी चाहिए। निर्यातकों के ड्रॉ बैक के मुद्दे का समाधान किया जाना चाहिए।- नवेद उर रहमान, अध्यक्ष एमएचईए
- उद्यमियों के लिए सरकार को कोई राहत योजना लानी चाहिए। विभिन्न प्रकार की ट्रॉफी पर जीएसटी कम की जाए। उद्यमियों के एक प्रतिनिधि को सदन में भेजने की शुरुआत की जाए, जिससे उनकी बात प्रमुखता से रखी जा सके। - गोपाल मेहता, वरिष्ठ निर्यातक

- रेल आवासों के लिए अलग से बजट जारी होना चाहिए। टीए के लिए भी बजट बढ़ाना चाहिए। नाइट ड्यूटी एलाउंस व ओवरटाइम के बजट की व्यवस्था भी अलग की जाए। इससे कर्मचारियों को बहुत लाभ मिलेगा। - शलभ सिंह, मंडल मंत्री, उरमू
- सरकार को 10 लाख तक की आय करमुक्त रखनी चाहिए। रेलकर्मियों को मिलने वाली बच्चों की ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी की जाए, जिससे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके। - राजेश चौबे, मंडल मंत्री, नरमू
- बजट में 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा होनी चाहिए। 10 लाख तक की आय करमुक्त होनी चाहिए। सरकारी विभागों में रिक्त नियमित पदों के सापेक्ष भर्ती की घोषणा होनी चाहिए। रिक्त पदों पर संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित किया जाए। भविष्य में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की जाए। - संदीप बडोला, प्रदेश अध्यक्ष, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन


- ठेकेदारी प्रथा और संविदा की जगह स्थायी रोजगार सृजन की घोषणा होनी चाहिए। सभी को चिकित्सा सुविधा का अधिकार मिलना चाहिए। बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत पैकेज की घोषणा होनी चाहिए। फार्मेसी क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, तकनीकी रूप से श्रेष्ठ मानव संसाधन उपलब्ध हैं। चिकित्सालयों में फार्माकोविजिलेंस की घोषणा की जानी चाहिए। - हेमंत चौधरी, कोषाध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद मुरादाबाद
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