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Moradabad News: 18 से 45 आयु वर्ग की हर चौथी महिला थायरॉइड की मरीज

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 02:39 AM IST
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Every fourth woman is a thyroid patient.
मुरादाबाद। जिला महिला अस्पताल में उपचार के लिए आने वालीं 18 से 45 आयु वर्ग की 25 फीसदी महिलाओं में थायरॉइड की परेशानी सामने आ रही है। इसके अलावा एनीमिया से पीड़ित होना भी बड़ी परेशानी है। चिकित्सकों का कहना है कि स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही और जागरूकता की कमी ही इसके कारण हैं।
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परिवार की सेहत संभालने वाली महिलाएं अपनी सेहत के मामले में ही सबसे ज्यादा लापरवाही बरत रही हैं। पति, बच्चों और घर के दूसरे सदस्यों की बीमारी को लेकर चिंतित रहने वाली महिलाएं खुद की परेशानी को अक्सर कामकाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों के पीछे टाल देती हैं।
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नतीजा यह कि मामूली कमजोरी से शुरू होने वाली परेशानी गंभीर रूप ले लेती है। जिला महिला अस्पताल के चिकित्सकों के विश्लेषण में महिलाओं की सेहत से जुड़ी यह तस्वीर सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 200 महिलाएं उपचार के लिए आती हैं। इनमें करीब 100 महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है।
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करीब 30 से 40 महिला मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। कई बार तो गर्भावस्था में भी अस्पताल पहुंचने में देरी होती है। इससे एनीमिया की समस्या बढ़ सकती है और समय से पहले प्रसव का जोखिम भी रहता है। इसके बाद सबसे ज्यादा परेशानी हार्मोंस से जुड़ी मिल रही है। इसमें थायरॉइड की परेशानी प्रमुख है। दो सौ में से 45 महिलाओं में यह बीमारी मिल रही है।
कई बार थायरॉइड की वजह से भी गर्भपात की समस्या हो जाती है। पारिवारिक चिंता और शारीरिक अभ्यास न करना एक कारण है। इसके अलावा कई महिलाएं समय पर जांच और उपचार नहीं करा पातीं। सीएमएस डॉ. करमवीर सिंह का कहना है कि जागरूकता बढ़ी है पर अभी खुद की सेहत की अनदेखी करने वाली महिलाओं की संख्या ज्यादा है।
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32 महिलाओं की हो चुकी है मौत
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस वर्ष अभी तक गर्भकाल और बच्चा होने के 42 दिनों में जान गंवाने वाली महिलाओं की संख्या 32 है। इसके अलावा 142 शिशुओं की भी मृत्यु हुई है।

यह होते हैं लक्षण
एनीमिया, हार्मोंस में गड़बड़ी, थायरॉइड आदि वाली महिलाओं को थकान, भूख नहीं लगना, जी मिचलाना, बाल झड़ना, त्वचा में सूखापन ज्यादा रहना, खाना देर से पचना आदि लक्षण सामने आते हैं।


वर्जन...
बदलती दिनचर्या, परिवार की चिंता या खाने-पीने में लापरवाही की वजह से हार्मोंस की समस्या सामने आती है। इसलिए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच करवानी चाहिए। संतुलित आहार, योग-व्यायाम यह सभी के लिए बहुत जरूरी है। - डॉ. करमवीर सिंह, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
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