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बीस हजार का इनामी गाजियाबाद से गिरफ्तार
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मुरादाबाद। सिविल लाइंस पुलिस ने फरार चल रहे बीस हजार के इनामी आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपने बेटों के साथ मिलकर इंटर कॉलेज में क्लर्क की नौकरी लगवाने के नाम पर दो युवकों से 12 लाख रुपये की ठगी की थी। शनिवार दोपहर बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
सीओ सिविल लाइंस आशुतोष तिवारी ने बताया कि मोरा मुस्तकम निवासी कपिल कुमार ने दो अक्तूबर 2020 में थाने में दिल्ली के दिलशाद कालोनी निवासी रामनरेश शर्मा, उसके बेटे पंकज कुमार शर्मा, प्रकुल शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनाने, मारपीट और एससीएसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। जिसमें कपिल ने बताया कि वह वह रोजगार की तलाश में दिल्ली जा रहा था। सफर के दौरान उसकी मुलाकात रामनरेश शर्मा से हो गई थी। 25 सितंबर 2016 में आरोपी राम नरेश शर्मा, उसके बेटे पंकज दीक्षित, और प्रकुल उसके घर मिलने आए। यहां आरोपियों ने कपिल और उसके साथी अमित को बताया कि वह आरबी डाटा सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के स्वामी हैं। उनकी कंपनी सरकारी विभाग की भर्ती के रिजल्ट बनाने कार्य करती है। वह तमाम युवकों की नौकरी लगवा चुके हैं। आरोपियों ने 27 नवंबर 2016 को अमित और कपिल से छह-छह लाख रुपये ले लिए। इसके बाद आरोपी अगवानपुर के पंडित सोरन लाल शर्मा स्मारक आदर्श इंटर कॉलेज ले गए। यहां आरोपियों ने उन्हें कुछ दस्तावेज दिए। कहा कि ये कॉलेज सरकारी मान्यता प्राप्त और एडेड है। कॉलेज में क्लर्क के पद पर नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिया।
कुछ दिन बाद आरोपियों ने फर्जी नियुक्तिपत्र भी बनाकर दे दिया। कहा कि शासन से नियुक्ति का सत्यापन होना बाकी है। जब तक शासन से नियुक्ति पत्र सत्यापन होकर आता है, तब तक आप लोग इलाहाबाद चले जाइए। वहां मेरे बेटे पंकज दीक्षित की कंपनी टीजीटी व पीजीटी के रिजल्ट बनाने के कार्य कर रही है। यहां आरोपियों ने बिना वेतन के छह माह तक कार्य कराया। छह माह बाद आरोपियों ने उन्हें घर भेज दिया।
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इसके बाद नौकरी नहीं लगने पर पीड़ितों ने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगने शुरू दिए। आरोपी हर बार उन्हें टरकाते रहे। 29 नवंबर 2019 को आरोपियों ने अगवानपुर स्थित इंटर कालेज में बुलाया और आरोपियों ने मारपीट की।
सीओ सिविल लाइंस ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे। 31 दिसंबर 2021 को एसएसपी ने आरोपी राम नरेश शर्मा की गिरफ्तारी पर बीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी गाजियाबाद में मौजूद है। शुक्रवार रात पुलिस ने गाजियाबाद जनपद के टीना मोड़ थानाक्षेत्र के एन्क्लेव कोयना में दबिश देकर आरोपी राम नरेश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूलरूप से बागपत के मेहनवा निवासी है। शनिवार दोपहर पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। एक आरोपी को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है, जबकि एक आरोपी अब तक फरार है।
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सीओ सिविल लाइंस आशुतोष तिवारी ने बताया कि मोरा मुस्तकम निवासी कपिल कुमार ने दो अक्तूबर 2020 में थाने में दिल्ली के दिलशाद कालोनी निवासी रामनरेश शर्मा, उसके बेटे पंकज कुमार शर्मा, प्रकुल शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनाने, मारपीट और एससीएसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया था। जिसमें कपिल ने बताया कि वह वह रोजगार की तलाश में दिल्ली जा रहा था। सफर के दौरान उसकी मुलाकात रामनरेश शर्मा से हो गई थी। 25 सितंबर 2016 में आरोपी राम नरेश शर्मा, उसके बेटे पंकज दीक्षित, और प्रकुल उसके घर मिलने आए। यहां आरोपियों ने कपिल और उसके साथी अमित को बताया कि वह आरबी डाटा सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के स्वामी हैं। उनकी कंपनी सरकारी विभाग की भर्ती के रिजल्ट बनाने कार्य करती है। वह तमाम युवकों की नौकरी लगवा चुके हैं। आरोपियों ने 27 नवंबर 2016 को अमित और कपिल से छह-छह लाख रुपये ले लिए। इसके बाद आरोपी अगवानपुर के पंडित सोरन लाल शर्मा स्मारक आदर्श इंटर कॉलेज ले गए। यहां आरोपियों ने उन्हें कुछ दस्तावेज दिए। कहा कि ये कॉलेज सरकारी मान्यता प्राप्त और एडेड है। कॉलेज में क्लर्क के पद पर नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिया।
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कुछ दिन बाद आरोपियों ने फर्जी नियुक्तिपत्र भी बनाकर दे दिया। कहा कि शासन से नियुक्ति का सत्यापन होना बाकी है। जब तक शासन से नियुक्ति पत्र सत्यापन होकर आता है, तब तक आप लोग इलाहाबाद चले जाइए। वहां मेरे बेटे पंकज दीक्षित की कंपनी टीजीटी व पीजीटी के रिजल्ट बनाने के कार्य कर रही है। यहां आरोपियों ने बिना वेतन के छह माह तक कार्य कराया। छह माह बाद आरोपियों ने उन्हें घर भेज दिया।
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इसके बाद नौकरी नहीं लगने पर पीड़ितों ने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगने शुरू दिए। आरोपी हर बार उन्हें टरकाते रहे। 29 नवंबर 2019 को आरोपियों ने अगवानपुर स्थित इंटर कालेज में बुलाया और आरोपियों ने मारपीट की।
सीओ सिविल लाइंस ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे। 31 दिसंबर 2021 को एसएसपी ने आरोपी राम नरेश शर्मा की गिरफ्तारी पर बीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी गाजियाबाद में मौजूद है। शुक्रवार रात पुलिस ने गाजियाबाद जनपद के टीना मोड़ थानाक्षेत्र के एन्क्लेव कोयना में दबिश देकर आरोपी राम नरेश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूलरूप से बागपत के मेहनवा निवासी है। शनिवार दोपहर पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। एक आरोपी को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है, जबकि एक आरोपी अब तक फरार है।