फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Electricity workers raised their voice against privatization

Moradabad News: निजीकरण के खिलाफ बिजलीकर्मियों ने भरी हुंकार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 20 Mar 2025 01:57 AM IST
विज्ञापन
Electricity workers raised their voice against privatization
मुरादाबाद। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी बुधवार को मुरादाबाद पहुंचे। मुख्य अभियंता कार्यालय पर निजीकरण के विरोध में विशाल सभा हुई। वक्ताओं ने दक्षिणांचल व पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के लिए ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट की बिड खोलने को अवैधानिक बताया।
विज्ञापन

इसके विरोध में बिजलीकर्मियों से किसी भी समय आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा गया। वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह सभी सीमाओं का उल्लंघन कर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने बिड खोली है, उससे पूरे प्रदेश में बिजलीकर्मियों में भारी गुस्सा है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे व पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने एलान किया कि किसी भी समय आंदोलन शुरू करने के लिए सभी संगठन लामबंद हैं। उन्होंने इसके लिए एक लाख बिजलीकर्मियों से अलर्ट रहने का आह्वान किया।
विज्ञापन

संघर्ष समिति ने सीएम योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वह प्रदेश में बिजली के निजीकरण के नाम पर हो रहे घोटाले को रोकने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप करें। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजलीकर्मियों को मुख्यमंत्री पर पूरा विश्वास है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि हितों के टकराव के अति आवश्यक प्रावधान का उल्लंघन करते हुए पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने ऐसी कंपनियों से बिड ले ली है जो बड़ी बिजली कंपनियों के साथ काम कर रही हैं। यह हितों के टकराव का मामला है। इनमें से एक कंपनी उत्तर प्रदेश सरकार की एक ट्रिलियन योजना में भी काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की 42 जनपदों की लाखों करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का मूल्यांकन करने के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 42 जनपदों की परिसंपत्तियों का न तो मूल्यांकन किया गया है और न ही उनका रेवेन्यू पोटेंशियल निकाला गया है। ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट की नियुक्ति में ऐसी कंपनियों को शामिल कर दिया गया है, जो हितों के टकराव में शामिल हैं। विरोध सभा के दौरान ईएक्सईएन पीपी सिंह, नरेंद्र सिंह, योगेंद्र कुमार, श्रीकांत वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed