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बिजली किल्लत को रहें तैयार, आज कार्य नहीं करेंगे कर्मचारी
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद।
Updated Tue, 27 Mar 2018 02:38 AM IST
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बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपे जाने का विरोध कर रहे कर्मचारी और अधिकारी मंगलवार को कार्य नहीं करेंगे। उन्होंने एक दिन के सामूहिक कार्य बहिष्कार का एलान किया है। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। सोमवार को धरनास्थल से कर्मचारी और अधिकारियों ने एलान किया है कि सोमवार की रात बारह बजे से मंगलवार की रात बारह बजे तक अगर कहीं कोई फाल्ट, लाइन टूटने या ट्रांसफार्मर फुंकने की शिकायत आती है तो उसे अगले दिन ही दुरुस्त किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने जब से राज्य के पांच जनपदों में बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में दिए जाने का एलान किया है। तब से मुरादाबाद में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का विरोध जारी है। 23 मार्च से मुख्य अभियंता कार्यालय पर दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। जिसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर सरकार 26 मार्च तक हमारी मांगें नहीं मानेगी तो 27 मार्च को पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
सोमवार दोपहर कर्मचारी और अधिकारी मुख्य अभियंता कार्यालय पर जुटे। वक्ताओं ने एलान किया कि मंगलवार को पूरे दिन पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान अगर कही बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो उसे अगले दिन ही ठीक किया जाएगा। सभी से सलाह ली गई तो सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार का समर्थन किया। धरने में अधीक्षण अभियंता संजय कुमार गर्ग, अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता विकास सिंघल, ज्ञान प्रकाश, सुरेश चंद्र, आरपी सिंह, एसएच राणा, राजेश कुमार, सदर कुमार समेत सभी एसडीओ और जेई भी मौजूद रहे।
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कर्मचारी और अधिकारी बिजली के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने कार्य बहिष्कार के लिए कहा है। अगर सभी कर्मचारी और अधिकारी कार्य पर नहीं रहेंगे तो बिजली सप्लाई में दिक्कत उत्पन्न हो सकती है।
- आईपी सिंह, मुख्य अभियंता।
किसी भी हाल में बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में नहीं सौंपने दिया जाएगा। हमने दिन रात मेहनत कर बिजली लाइनों में सुधार किया है। सरकार को अपने इस फैसले को वापस लेना होगा। मंगलवार को दिन भर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। अगर इस बीच बिजली सप्लाई में समस्या आती है तो उसे अगले ही दिन ठीक किया जाएगा।
- सुरेश चंद्र, अध्यक्ष विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति।
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प्रदेश सरकार ने जब से राज्य के पांच जनपदों में बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में दिए जाने का एलान किया है। तब से मुरादाबाद में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का विरोध जारी है। 23 मार्च से मुख्य अभियंता कार्यालय पर दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। जिसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर सरकार 26 मार्च तक हमारी मांगें नहीं मानेगी तो 27 मार्च को पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
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सोमवार दोपहर कर्मचारी और अधिकारी मुख्य अभियंता कार्यालय पर जुटे। वक्ताओं ने एलान किया कि मंगलवार को पूरे दिन पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान अगर कही बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो उसे अगले दिन ही ठीक किया जाएगा। सभी से सलाह ली गई तो सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार का समर्थन किया। धरने में अधीक्षण अभियंता संजय कुमार गर्ग, अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता विकास सिंघल, ज्ञान प्रकाश, सुरेश चंद्र, आरपी सिंह, एसएच राणा, राजेश कुमार, सदर कुमार समेत सभी एसडीओ और जेई भी मौजूद रहे।
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कर्मचारी और अधिकारी बिजली के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने कार्य बहिष्कार के लिए कहा है। अगर सभी कर्मचारी और अधिकारी कार्य पर नहीं रहेंगे तो बिजली सप्लाई में दिक्कत उत्पन्न हो सकती है।
- आईपी सिंह, मुख्य अभियंता।
किसी भी हाल में बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में नहीं सौंपने दिया जाएगा। हमने दिन रात मेहनत कर बिजली लाइनों में सुधार किया है। सरकार को अपने इस फैसले को वापस लेना होगा। मंगलवार को दिन भर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। अगर इस बीच बिजली सप्लाई में समस्या आती है तो उसे अगले ही दिन ठीक किया जाएगा।
- सुरेश चंद्र, अध्यक्ष विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति।