Elections 2024: मुरादाबाद मंडल में डॉक्टर से प्रोफेसर तक रहे हैं सांसद, राजनीति में शामिल हो बनाई अगल छवि
मुरादाबाद मंडल में अब तक चुने गए सांसदों में डॉक्टर से लेकर प्रोफेसर तक शामिल हैं। इन सभी लोगों ने राजनीति में अगल छवि बनाई। यह सांसद वर्ष 1977 से 2019 के बीच चुने गए।
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मुरादाबाद मंडल में चुने गए सांसदोंं में डॉक्टर से लेकर प्रोफेसर तक शामिल हैं। ये सांसद वर्ष 1977 से 2019 के बीच चुने गए हैं। जो सांसद बनने के बाद भी अपने पेशे को नहीं छोड़ा। मुरादाबाद से वर्तमान सपा सांसद डॉ. एसटी हसन एक सर्जन है।
संभल से 2004 में प्रो. रामगोपाल यादव को जनता ने सांसद चुनकर संसद भेजा था। राजनीति से पहले प्रोफेसर रामगोपाल यादव इटावा स्थित एक कॉलेज में प्रवक्ता रह चुके हैं। नगीना के मतदाताओं ने 2014 में डॉ. यशवंत सिंह को सांसद चुनकर संसद भेजा था।
डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा
डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा रामपुर से 1977 और 1991 में सांसद चुने गए थे। हाथरस के रहने वाले राजेंद्र कुमार शर्मा ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली से जैव रसायन विज्ञान में डिग्री हासिल की थी। उन्होंने पैथोलॉजी में डीएससी और जैव रसायन में पीएचडी की। उन्हें 2014 में रॉयल सोसायटी ऑफ द आर्ट्स का फेलो चुना गया था।
डॉ. एसटी हसन
2019 में चुने गए मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन ने 1981 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एमबीबीएस किया था। इसके बाद उन्होंने मास्टर इन सर्जरी की। सांसद बनने के बाद भी डॉ. एसटी हसन आज भी मरीज देखते हैं। वह 2006 से 2012 तक मुरादाबाद के मेयर रहे।
डॉ. यशवंत सिंह
डॉ. यशवंत सिंह 2014 में नगीना से सांसद रह चुके हैं। पेशे से वह एक डॉक्टर हैं। उन्होंने नेहरू मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली से पैथोलॉजी में एमडी की उपाधि प्राप्त की है। वह विधायक भी रह चुके हैं।
प्रो. राम गोपाल यादव
2004 से 2008 तक संभल के सांसद रह चुके प्रो. रामगोपाल यादव ने आगरा विश्वविद्यालय से भौतिक विज्ञान में एसएससी और कानपुर विश्वविद्यालय से एमए करने के बाद पीएचडी की। वह 1969 में केके पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में भौतिक विज्ञान में प्रवक्ता नियुक्त हुए थे। 1994 में वह चौधरी चरण सिंह डिग्री कॉलेज इटावा के प्रधानाचार्य बने।