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मुरादाबाद : ब्लैक फंगस के आठ नए मरीज मिले
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मुरादाबाद। जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कुछ घटी तो ब्लैक फंगस के मामलों की बढ़ोतरी हो रही है। सोमवार को जिले में आठ नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही जिले में ब्लैक फंगस के अब तक 25 मामले मिल चुके हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सभी मरीजों का उपचार निजी अस्पतालों में किया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अधिकतम मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ी थी। इसके अलावा संक्रमण को दूर करने के लिए मरीजों को स्टेरॉयड भी दिए गए थे। इसी की वजह से मधुमेह की समस्या से ग्रस्त रोगियों के बीच अब ब्लैक फंगस की समस्या सामने आ रही है। 15 मई के बाद से मुरादाबाद में ब्लैक फंगस के मरीज मिलने शुरू हुए थे। निजी अस्पतालों के साथ जिला अस्पताल में भी संदिग्ध मरीज पहुंच रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमसी गर्ग ने बताया कि ब्लैक फंगस के मरीज के उपचार के लिए विभिन्न विभागों की एक पूरी टीम काम करती है। इसके चलते जिला अस्पताल आने वाले संदिग्ध मरीजों को मेरठ रेफर कर दिया जाता है, जबकि निजी अस्पताल अपने स्तर पर मरीज को भर्ती कर उनका उपचार कर रहे हैं। सोमवार को एमआरआई के बाद आठ मरीजों में ब्लैक फंगस होने की पुष्टि हुई है। ज्यादातर मरीजों की आंखों में समस्या आ रही है। चेहरे पर सूजन के अलावा अन्य परेशानी भी हो रही है। इन सभी मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है।
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अधिकतम मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ी थी। इसके अलावा संक्रमण को दूर करने के लिए मरीजों को स्टेरॉयड भी दिए गए थे। इसी की वजह से मधुमेह की समस्या से ग्रस्त रोगियों के बीच अब ब्लैक फंगस की समस्या सामने आ रही है। 15 मई के बाद से मुरादाबाद में ब्लैक फंगस के मरीज मिलने शुरू हुए थे। निजी अस्पतालों के साथ जिला अस्पताल में भी संदिग्ध मरीज पहुंच रहे हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमसी गर्ग ने बताया कि ब्लैक फंगस के मरीज के उपचार के लिए विभिन्न विभागों की एक पूरी टीम काम करती है। इसके चलते जिला अस्पताल आने वाले संदिग्ध मरीजों को मेरठ रेफर कर दिया जाता है, जबकि निजी अस्पताल अपने स्तर पर मरीज को भर्ती कर उनका उपचार कर रहे हैं। सोमवार को एमआरआई के बाद आठ मरीजों में ब्लैक फंगस होने की पुष्टि हुई है। ज्यादातर मरीजों की आंखों में समस्या आ रही है। चेहरे पर सूजन के अलावा अन्य परेशानी भी हो रही है। इन सभी मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है।
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