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फर्श से अर्श तक सजाया है, नूर ने नूर को बुलाया है
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Dec 2017 01:12 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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काठ की पुलिया पर अंजुमन गुलामाने एहले बैत के जेरे अहतेमाम ईद मिलादु नबी के अवसर पर जश्ने आमदे नूर मनाया गया। कार्यक्रम का आगाज तिलावते कुरआने पाक से हुआ तथा निजामत कशिश वारसी ने की। कामिल वारसी संभली ने सुनाया फर्श से अर्श तक सजाया है, नूर ने नूर को बुलाया है।
जश्ने आमदे नूर को खिताब करते हुए मुफ्ती दानिश उल कादरी ने फरमाया कि अगर हमें दुनिया व अखिरत में कामयाबी चाहिए तो हजरत मुहम्मद साहब के बताए हुए रास्ते पर चलना होगा। क्योंकि नबी-ए-करीम का किरदार पूरी दुनिया के इंसानों के लिए मशअले राह है। वक्त का तकाजा है कि नई नस्ल की तरबियत और तामीरे शखसियत हजरत मुहम्मद साहब के उसवे की रोशनी में करें।
सय्यद मुहम्मद हाशिम ने पढ़ा मेरे सरकार को रहमत जो मेरे साथ में हो गरदिशे वक्त की औकात सिफर हो जाए। नाजिर अशरफी ने सुनाया खादिम है जिबरईल उनकी जनाब का, हर जर्रा आफताब रिसालत मआ ब का।
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इस अवसर पर हजरत मुहम्मद साहब के मोए मुबारक की जियारत भी कराई गई तथा आखिर में सलात ओ सलाम के बाद तबर्रूक भी तकसीम किया गया। चांद नईमी, इरफान अशरफी, शाह आलम अशरफी, सुल्तान अजहर, नजाकत अशरफी, फरहान राशिद, अमीन वारिस वारसी, जाकिर वारसी आदि ने अपना नातिया कलाम पेश किया।
डा. एसटी हसन, शहजाद कमर, निजाम सिद्दीकी, दानिश सिद्दीकी, डा. तारिक अहमद, राशिद हुसैन, सलीम वारसी रहे।
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जश्ने आमदे नूर को खिताब करते हुए मुफ्ती दानिश उल कादरी ने फरमाया कि अगर हमें दुनिया व अखिरत में कामयाबी चाहिए तो हजरत मुहम्मद साहब के बताए हुए रास्ते पर चलना होगा। क्योंकि नबी-ए-करीम का किरदार पूरी दुनिया के इंसानों के लिए मशअले राह है। वक्त का तकाजा है कि नई नस्ल की तरबियत और तामीरे शखसियत हजरत मुहम्मद साहब के उसवे की रोशनी में करें।
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सय्यद मुहम्मद हाशिम ने पढ़ा मेरे सरकार को रहमत जो मेरे साथ में हो गरदिशे वक्त की औकात सिफर हो जाए। नाजिर अशरफी ने सुनाया खादिम है जिबरईल उनकी जनाब का, हर जर्रा आफताब रिसालत मआ ब का।
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इस अवसर पर हजरत मुहम्मद साहब के मोए मुबारक की जियारत भी कराई गई तथा आखिर में सलात ओ सलाम के बाद तबर्रूक भी तकसीम किया गया। चांद नईमी, इरफान अशरफी, शाह आलम अशरफी, सुल्तान अजहर, नजाकत अशरफी, फरहान राशिद, अमीन वारिस वारसी, जाकिर वारसी आदि ने अपना नातिया कलाम पेश किया।
डा. एसटी हसन, शहजाद कमर, निजाम सिद्दीकी, दानिश सिद्दीकी, डा. तारिक अहमद, राशिद हुसैन, सलीम वारसी रहे।