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Moradabad News: तीन माह में ही हटे डीआरएम...पीछे कुछ तो है
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मुरादाबाद। शुक्रवार को अचानक और एकाएक डीआरएम की कुर्सी रेलवे की इलेक्ट्रिकल विंग के वरिष्ठ अधिकारी राजकुमार सिंह को बतौर प्रभारी सौंपे जाने और बृहस्पतिवार तक यह जिम्मेदारी संभाले रहे संग्रह मौर्य को इंजीनियरिंग के मूल कैडर में भेज दिया गया है। बदलाव की जद में आए दोनों अफसरों की इसे लेकर चुप्पी है लेकिन पीछे कुछ गहरा है, यह हर कोई मान रहा है। मुरादाबाद रेलवे के इतिहास में यह पहला मौका है जब महज तीन माह में डीआरएम को हटा दिया गया।
अधिकारियों, ट्रेड यूनियनों और रेलवे स्टाफ में चर्चा है कि खुर्जा में 29 दिसंबर को दो ट्रेनों की भिड़ंत की नौबत ही इस तबादले का कारण है। यहां से हटाए गए संग्रह मौर्य को उनके मूल कैडर इंजीनियरिंग में वापस भेज दिया गया है। उनके स्थान पर इलेक्ट्रिकल के वरिष्ठ अधिकारी राजकुमार सिंह को प्रभारी डीआरएम बनाया गया है। संग्रह मौर्य से पहले राजकुमार सिंह ही मुरादाबाद मंडल में डीआरएम थे।
कहा जा रहा है कि रेल मंडल का तजुर्बा होने के कारण उन्हें नई व्यवस्था न होने तक कमान सौंपी गई है। वहीं, मंडल स्तर पर कोई अधिकारी इस विषय में बोलने को तैयार नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे बोर्ड व मंत्रालय का निर्णय है, इसमें कारण कौन पूछ सकता है।
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दूसरी ओर चर्चा यह भी है कि बिहार के दानापुर मंडल में इंजीनियरिंग से संबंधित कुछ बड़े प्रोजेक्ट संचालित होने हैं। इसलिए संग्रह मौर्य के अनुभव को देखते हुए नया टास्क देने की योजना से बदलाव किया गया है।
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पहले दिन ही नए डीआरएम ने किया सिक लाइन का निरीक्षण
डीआरएम राजकुमार सिंह ने शुक्रवार को मुरादाबाद पहुंचकर पदभार संभाल लिया। उन्होंने ज्वाइन करने के कुछ देर बाद ही सिक लाइन का निरीक्षण भी किया। वहां कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सतर्कता से ड्यूटी करें। कोई भी चूक होने की गुंजाइश न रखी जाए। वहीं निवर्तमान डीआरएम संग्रह मौर्य को मंडल के शाखा अधिकारियों ने विदाई दी और नए डीआरएम राजकुमार सिंह का स्वागत किया।
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अधिकारियों, ट्रेड यूनियनों और रेलवे स्टाफ में चर्चा है कि खुर्जा में 29 दिसंबर को दो ट्रेनों की भिड़ंत की नौबत ही इस तबादले का कारण है। यहां से हटाए गए संग्रह मौर्य को उनके मूल कैडर इंजीनियरिंग में वापस भेज दिया गया है। उनके स्थान पर इलेक्ट्रिकल के वरिष्ठ अधिकारी राजकुमार सिंह को प्रभारी डीआरएम बनाया गया है। संग्रह मौर्य से पहले राजकुमार सिंह ही मुरादाबाद मंडल में डीआरएम थे।
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कहा जा रहा है कि रेल मंडल का तजुर्बा होने के कारण उन्हें नई व्यवस्था न होने तक कमान सौंपी गई है। वहीं, मंडल स्तर पर कोई अधिकारी इस विषय में बोलने को तैयार नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे बोर्ड व मंत्रालय का निर्णय है, इसमें कारण कौन पूछ सकता है।
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दूसरी ओर चर्चा यह भी है कि बिहार के दानापुर मंडल में इंजीनियरिंग से संबंधित कुछ बड़े प्रोजेक्ट संचालित होने हैं। इसलिए संग्रह मौर्य के अनुभव को देखते हुए नया टास्क देने की योजना से बदलाव किया गया है।
पहले दिन ही नए डीआरएम ने किया सिक लाइन का निरीक्षण
डीआरएम राजकुमार सिंह ने शुक्रवार को मुरादाबाद पहुंचकर पदभार संभाल लिया। उन्होंने ज्वाइन करने के कुछ देर बाद ही सिक लाइन का निरीक्षण भी किया। वहां कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सतर्कता से ड्यूटी करें। कोई भी चूक होने की गुंजाइश न रखी जाए। वहीं निवर्तमान डीआरएम संग्रह मौर्य को मंडल के शाखा अधिकारियों ने विदाई दी और नए डीआरएम राजकुमार सिंह का स्वागत किया।