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मुलाकात को नहीं दे रहे समय, कैसे बनवाएं ड्राइविंग लाइसेंस

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 02:27 AM IST
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drivind license work stuck in corona period
मुरादाबाद। कोराना के कारण आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए रोजाना केवल 180 लोगों को ही ऑनलाइन मुलाकात का समय मिल रहा है, जबकि आवेदन करने वालों की संख्या काफी अधिक है। जिनको समय दिया जा रहा है उन्हें भी नवंबर की तारीख मिल रही है। ऐसे में लोग परेशान हैं। अफसर भी इसे ऑनलाइन व्यवस्था की मजबूरी बता रहे हैं।
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दरअसल इन दिनों आरटीओ कार्यालय में ऑनलाइन डीएल बनते हैं। ऑनलाइन फार्म और फीस जमा होती है। आवेदक को लाइसेंस के लिए लगाए गए दस्तावेजों का सत्यापन कराने के लिए ऑनलाइन ही समय लेना होता है। वर्तमान में प्रतिदिन 120 अभ्यास यानी लर्निंग और 60 स्थायी डीएल बनाने के लिए कोटा तय है। यह संख्या बेहद कम है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि मध्यरात्रि 12 बजे से नई तारीख का समय लेने के लिए परिवहन विभाग की साइट खुलती है तो कुछ ही मिनट में निर्धारित कोटा पूरा हो जाता है। इसके बाद साइट खुलती नहीं है।
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कोरोना के कारण कम हुआ कोटा
दरअसल आरटीओ कार्यालय में कोराना से पहले प्रतिदिन करीब 300 लोगों को मुलाकात का समय दिया जाता था पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए यह संख्या कम कर दी।
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दो महीने से तारीख के लिए कर रहा प्रयास
84 घंटा गंगा मंदिर निवासी सफी उल्लाह ने बताया कि उसने 10 जुलाई को डीएल के लिए आवेदन किया था, लेकिन इसके बाद अभी तक उसे दस्तावेज सत्यापन के लिए तारीख नहीं मिली है। जब भी साइट पर जाकर तारीख के लिए आवेदन करते हैं मशीन स्वीकृत नहीं करती।
नवंबर की मिली तारीख
संजय ने बताया कि कई दिन आधी रात के बाद नेट से आवेदन के लिए कोशिश करने के बाद उन्हें नवंबर की तारीख मिली है। अब कागजों के सत्यापन को दो महीने इंतजार करना पड़ेगा। यही समस्या बहुत लोगों की है।
आधी रात को कहां से करें आवेदन
काशीपुर निवासी कासिम ने बताया कि उनका बेटा कई दिन से डीएल के लिए आवेदन की कोशिश कर रहा है लेकिन नहीं हो रहा। उसने आरटीओ कार्यालय से पता किया तो बताया गया कि रात 12 बजे के बाद प्रयास करें। वह लोग इतने पढ़े लिखे नहीं कि खुद ऑनलाइन फार्म भर दें और आधी रात को कोई साइबर कैफे भी नहीं खुलता। इस समस्या से वह परेशान हैं।

कोट
कोराना संक्रमण की वजह से शारीरिक दूरी का पालन कराना जरूरी है। इस वजह से ही इन दिनों कोटा कम किया गया है। कोटा निर्धारण शासन स्तर से ही तय होता है। समय को देखते हुए लोगों को भी सहयोग करना चाहिए।
- छवि सिंह, एआरटीओ प्रशासन।
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