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सांस उखड़ने से पहले ही मरीज को बताया मृत
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:14 AM IST
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लापरवाही
- फोटो : demo
गंभीर हालत में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंची महिला की सांस उखड़ने से पहले की डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जबकि डाक्टर के मृत घोषित के करने के बाद भी महिला की दस मिनट तक सांस चलती रही। मरीज की मौत के बाद परिजन बिना किसी शिकायत के शव लेकर घर चले गए।
असालतपुरा निवासी अजमतजहां (55) पत्नी मो. शाकिर की गुरुवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डा. राजेंद्र कुमार सैनी ने उन्हें अटैंड किया।
बाडी में कोई हरकत नहीं होने और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने अजमतजहां को मृत घोषित कर दिया। बेटे का नईम ने बताया कि डाक्टर के मृत बताने के कुछ मिनट बाद उनकी सांस चल रही थी। करीब दस मिनट बाद उनकी मौत हो गई। डा. राजेंद्र कुमार सैनी का कहना है कि मरीज हिचकी ले रही थी। कुछ ही मिनट में उसकी सांस थम गई। उसे आक्सीजन भी दिया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मृत शरीर में चेस्ट करीब तीस मिनट तक गर्म रहता है।
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असालतपुरा निवासी अजमतजहां (55) पत्नी मो. शाकिर की गुरुवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डा. राजेंद्र कुमार सैनी ने उन्हें अटैंड किया।
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बाडी में कोई हरकत नहीं होने और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने अजमतजहां को मृत घोषित कर दिया। बेटे का नईम ने बताया कि डाक्टर के मृत बताने के कुछ मिनट बाद उनकी सांस चल रही थी। करीब दस मिनट बाद उनकी मौत हो गई। डा. राजेंद्र कुमार सैनी का कहना है कि मरीज हिचकी ले रही थी। कुछ ही मिनट में उसकी सांस थम गई। उसे आक्सीजन भी दिया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मृत शरीर में चेस्ट करीब तीस मिनट तक गर्म रहता है।
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