फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Diwali of the family in darkness due to the extinguishing of the only lamp

Moradabad News: इकलौते चिराग के बुझने से अंधेरे में परिवार की दिवाली

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 31 Oct 2024 03:18 AM IST
विज्ञापन
Diwali of the family in darkness due to the extinguishing of the only lamp
मुरादाबाद। शहर के लोकोशेड पुल के पास स्थित चंद्रनगर काॅलोनी के आजाद नगर मोहल्ले की गली नंबर छह के कोने पर योगेंद्र कुमार का दो मंजिला मकान है। आसपास के सभी घर दिवाली के कारण रोशनी से जगमग हैं, लेकिन योगेंद्र का मकान घुप अंधेरे में डूबा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे इस परिवार का दिवाली से कोई सरोकार नहीं है। भला हो भी कैसे... परिवार के इकलाैते चिराग अमन की करीब डेढ़ माह पहले ही माैत हो चुकी है।
विज्ञापन

बेटे की माैत के गम में डूबे योगेंद्र कुमार ने कहा कि कैसी दिवाली...कैसा त्योहार। जब घर का चिराग ही चला गया तो घर कैसे रोशन हो। हमारी जिंदगी में तो हमेशा के लिए अंधेरा छा गया। पिता के यह शब्द सुनकर उनकी दोनों बेटियां माही और सोनी भी फूट-फूटकर रोने लगीं। अमन की मां बेटे की माैत के बाद से ही बेसुध से कमरे में लेटी रहती हैं। बहन सोनी ने कहा, लोग कहते हैँ कि एक इन्सान के जाने से दुनिया खत्म नहीं होती। हमसे पूछिये... भाई के जाने से हमारा सब कुछ खत्म हो गया।
विज्ञापन

रेलवे में लोको पायलट के पद पर तैनात योगेंद्र कुमार ने कहा कि बेटा अमन हर त्योहार और अपना व अपनी बहनों का जन्म दिन बहुत धूमधाम से मनाता था। दिवाली पर कई दिन पहले से वह तैयारियों में जुट जाता था। पूरे घर की सफाई और रंगाई-पुताई से लेकर मकान को सजाने और झालर लगाने तक का काम खुद करता था, लेकिन अब कुछ नहीं बचा।
विज्ञापन
विज्ञापन

अमन की मौत को डेढ़ माह बीत गया, लेकिन परिवार उस गम से अब तक नहीं निकल पाया है। मां-बाप और बहनों ने न तो मकान में रोशनी की और न ही मिठाइयां खरीदीं। पूरा दिन परिजन रोते-बिलखते रहे। योगेंद्र हिम्मत जुटाकर बेटियों और पत्नी को समझाकर उन्हें शांत कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अपने ही आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। योगेंद्र का कहना है कि हमारे लिए अब कोई त्योहार नहीं बचा। अमन की तस्वीर हमेशा आंखों के सामने घूमती रहती है।
00
बेटे की माैत से उजड़ी मां-बाप की दुनिया
इकलौते बेटे की मौत से पिता योगेंद्र और उनकी मां पूरी तरह टूट चुकी हैं। डेढ़ माह बीतने के बाद भी योगेंद्र ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है। उन्होंने कहा कि बेटे के गम के आगे अब कुछ याद नहीं रहता है। जनवरी में उनकी सेवानिवृत्ति है। अमन की मां तो इस कदर टूट गई हैं कि उन्हें रोशनी से डर लगने लगा है। वह घर से बाहर नहीं निकलती हैं। 24 घंटे अपने कमरे में बेड पर लेटी रहती हैं। कई कई बार कहने पर वह थोड़ा बहुत खाती हैं और फिर कमरे में अंधेरा करके लेट जाती हैं।
00
परिवार को इस हाल में छोड़कर कैसे जाऊं
अमन की बड़ी बहन सोनी इंग्लैंड में निजी कंपनी में नौकरी करती हैं। जिस वक्त हादसा हुआ था, वह इंग्लैंड में ही थीं। भाई की मौत की खबर सुनने के बाद घर आई थीं। सोनी की कंपनी से कई बार बुलावा आ चुका है, लेकिन वह अब तक इंग्लैंड नहीं गई हैं। पिता ने भी उनसे इंग्लैंड जाने के लिए कहा, लेकिन परिवार की यह हालत देखकर वह नहीं जा पा रही हैं। सोनी ने कहा कि परिवार को इस हाल में छोड़कर वापस कैसे जाऊं।

00
दो आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर
15 सितंबर की रात कंटेनर डिपो के सामने थार चालक ने अमन की बाइक में टक्कर मार दी थी। हादसे में अमन की मौत हो गई थी। हादसे के समय अमन अपनी बहन के जन्मदिन पर केक लेकर घर लौट रहा था। इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी, लेकिन दो आरोपियों को पुलिस अभी तक नहीं पकड़ सकी है। सिर्फ मुख्य आरोपी को ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed