Moradabad: इंदिरा गांधी के समय हुआ लोकतंत्र का दमन, चौधरी बोले- सपा हमेशा आतंकियों, अपराधियों के साथ खड़ी रही
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा आतंकियों, अपराधियों के साथ खड़ी रही हैं। सपा आतंकियों, माफियाओं को हमेशा संरक्षण देती हैं।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी विदेश में जाकर देश की छवि खराब करने में लगे हैं। देश में लोकतंत्र का दमन इंदिरा गांधी के समय में आपातकाल के चलते हुआ था। उस समय सभी विपक्षी नेता जेल में डाले गए। नागरिकों के अधिकार छीन लिए गए। राहुल गांधी को अपनी पार्टी के इतिहास को पहले जानना और पढ़ना चाहिए।
यह बातें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहीं। सोमवार को मुरादाबाद में पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में आपातकाल जैसा सबसे बड़ा काला अध्याय कांग्रेस की देन है। अनेक बार राज्यों में धारा 356 का इस्तेमाल करके राज्य सरकारों को भंग किया गया था। कांग्रेस के नेता अपना इतिहास ध्यान में नहीं रखते। मोदी और योगी की सरकार में बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए गरीब कल्याण की योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने बयान में एक बार कहा था कि केंद्र से 100 रुपये भेजते हैं और नीचे जाकर 15 रुपये लाभार्थी को मिलते हैं। कहीं न कही वो बीच की राशि कांग्रेस के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती थी।
समाजवादी पार्टी हमेशा आतंकियों, अपराधियों के साथ खड़ी रही है
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या पर दुख जताते हुए कहा कि घटना के बाद योगी सरकार ने अपराध और अपराधियों का समूल नाश करने के लिए संकल्प लिया है। भाजपा पीड़ित परिवार के साथ है। प्रयागराज की घटना में जो भी दोषी होंगे। उन पर कठोरतम कार्रवाई होगी, जो प्रदेश के लिए नजीर बनेगी। वहीं समाजवादी पार्टी हमेशा आतंकियों, अपराधियों के साथ खड़ी रही है। सपा आतंकियों, माफियाओं को हमेशा संरक्षण देती है। भाजपा सरकार से पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में कचहरी, धार्मिक स्थलों पर आतंकवादियों ने हमले और विस्फोट किए थें। लालू यादव के मामले में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं।
संगठन में होगा आंशिक बदलाव
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि संगठन के कुछ नेता सरकार में शामिल हो गए हैं। कुछ पदों पर आंशिक बदलाव होगा। इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व को पत्र भेजा है। केंद्र से संस्तुति मिलने पर कुछ लोगों को पद मिलेंगे। वैसे कार्यकाल जनवरी-23 तक का था। इस मामले में केंद्रीय कार्यकारिणी ने नौ राज्यों के चुनाव को देखते हुए कार्यकाल जून 2024 कर दिया था।