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रोडवेज कर्मियों की मांग बंद हों बसें, मंत्री बोले संचालन जरूरी
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मुरादाबाद। कोरोना महामारी के कारण मुरादाबाद में तैनात दस चालक-परिचालकों समेत परिवहन निगम के अन्य कर्मियों की भी मौत हो चुकी है। इससे चिंतित रोडवेज कर्मी कुछ समय के लिए बसों का संचालन रोकने की मांग कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने रोडवेज को आमजनों की लाइफ लाइन बताया है और कहा है कि बसों का संचालन जारी रखना बेहद आवश्यक है।
दरअसल शहर के दोनों बस अड्डों मुरादाबाद डिपो और पीतलनगरी डिपो के काफी कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। केवल 50 फीसदी स्टाफ ही काम कर रहा है। इतना ही नहीं पीतलनगरी डिपो के एआरएम शिवबालक भी कोरोना संक्रमित हैं। इसका असर बसों के संचालन पर भी पड़ा है। स्टाफ की कमी के कारण बसें कुछ कम चल रहीं हैं। हालांकि यात्रियों की संख्या भी इस समय बेहद कम है। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने मांग की है कि 15 दिनों के लिए बसों का संचालन रोक दिया जाए। इस संदर्भ में संगठन ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है। इसकी प्रति परिवहन मंत्री, मुख्यालय के मुख्य प्रधान प्रबंधक समेत तमाम अधिकाररियों को भेजी है। पत्र में कहा गया है कि परिवहन निगम की बसों में यात्री लगातार सफर कर रहे हैं। ऐसे में यह अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता कि कौन संक्रमित है और कौन नहीं, वहीं साथी कर्मचारियों की लगातार मृत्यु के बाद कर्मचारियों में भय व्याप्त है। संगठन के क्षेत्रीय मंत्री अरुण कुमार सिंह का कहना है कि फिलहाल परिवहन निगम की बसों का संचालन प्रदेश के भीतर ही हो रहा है लेकिन कुछ समय के लिए संचालन पर पूर्णत: रोक लगाई जानी चाहिए।
या फिर सभी यात्रियों की हो जांच
संगठन का कहना है कि सफर करने से पहले ही रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों की जांच होनी चाहिए। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन संक्रमित है और कौन नहीं। एंटीजन जांच में संक्रमित पाए जाने वाले यात्री को सफर से रोक दिया जाए। इससे बस में सफर करने वाले अन्य करने वाले अन्य यात्रियों की सुरक्षा हो सकेगी, साथ ही रोडवेज केे स्टाफ की भी जान जोखिम में नहीं रहेगी। गौरतलब है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने चालक-परिचालकों को पीपीई उपलब्ध कराए जाने की मांग की थी।
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प्रदेश की अधिकांश जनता यातायात के लिए परिवहन निगम की बसों पर आश्रित है। यह आम जनों की लाइफ लाइन है। यदि बसों के संचालन पर रोक लगाई गई तो लोगों को बेहद असुविधा होगी इसलिए संचालन पर रोक नहीं लगाई जा सकती। चालक-परिचालक अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें यदि पीपीई किट की मांग मेरे संज्ञान में आएगी तो उस पर विचार किया जाएगा।
- अशोक कटारिया, परिवहन मंत्री उप्र
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दरअसल शहर के दोनों बस अड्डों मुरादाबाद डिपो और पीतलनगरी डिपो के काफी कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। केवल 50 फीसदी स्टाफ ही काम कर रहा है। इतना ही नहीं पीतलनगरी डिपो के एआरएम शिवबालक भी कोरोना संक्रमित हैं। इसका असर बसों के संचालन पर भी पड़ा है। स्टाफ की कमी के कारण बसें कुछ कम चल रहीं हैं। हालांकि यात्रियों की संख्या भी इस समय बेहद कम है। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने मांग की है कि 15 दिनों के लिए बसों का संचालन रोक दिया जाए। इस संदर्भ में संगठन ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है। इसकी प्रति परिवहन मंत्री, मुख्यालय के मुख्य प्रधान प्रबंधक समेत तमाम अधिकाररियों को भेजी है। पत्र में कहा गया है कि परिवहन निगम की बसों में यात्री लगातार सफर कर रहे हैं। ऐसे में यह अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता कि कौन संक्रमित है और कौन नहीं, वहीं साथी कर्मचारियों की लगातार मृत्यु के बाद कर्मचारियों में भय व्याप्त है। संगठन के क्षेत्रीय मंत्री अरुण कुमार सिंह का कहना है कि फिलहाल परिवहन निगम की बसों का संचालन प्रदेश के भीतर ही हो रहा है लेकिन कुछ समय के लिए संचालन पर पूर्णत: रोक लगाई जानी चाहिए।
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या फिर सभी यात्रियों की हो जांच
संगठन का कहना है कि सफर करने से पहले ही रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों की जांच होनी चाहिए। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन संक्रमित है और कौन नहीं। एंटीजन जांच में संक्रमित पाए जाने वाले यात्री को सफर से रोक दिया जाए। इससे बस में सफर करने वाले अन्य करने वाले अन्य यात्रियों की सुरक्षा हो सकेगी, साथ ही रोडवेज केे स्टाफ की भी जान जोखिम में नहीं रहेगी। गौरतलब है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने चालक-परिचालकों को पीपीई उपलब्ध कराए जाने की मांग की थी।
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प्रदेश की अधिकांश जनता यातायात के लिए परिवहन निगम की बसों पर आश्रित है। यह आम जनों की लाइफ लाइन है। यदि बसों के संचालन पर रोक लगाई गई तो लोगों को बेहद असुविधा होगी इसलिए संचालन पर रोक नहीं लगाई जा सकती। चालक-परिचालक अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें यदि पीपीई किट की मांग मेरे संज्ञान में आएगी तो उस पर विचार किया जाएगा।
- अशोक कटारिया, परिवहन मंत्री उप्र