फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Deepawali abroad will be illuminated with brass and earthen lamps

पीतल और मिट्टी के दीयों से रोशन होगी विदेशों में दीपावली

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 01:06 AM IST
विज्ञापन
Deepawali abroad will be illuminated with brass and earthen lamps
मुरादाबाद। दीपावली के त्योहार में कुछ ही दिनों का समय शेष रह गया है। कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने के बाद विभिन्न प्रदेशों के अलावा विदेशों में भी मुरादाबाद के पीतल और मिट्टी के दीयों की मांग है। पीतल कारोबारियों को पूजा के सामान के अलावा उपहारों के भी ऑर्डर मिल रहे हैं। कारोबारियों को अनुमान है कि दीपावली का बाजार 1500 करोड़ रुपये का रहेगा।
विज्ञापन

दीपावली के त्योहार को जगमग करने के लिए बर्तन बाजार में रौनक छाई है। मुरादाबाद के अलावा आसपास के जनपदों और प्रदेशों से ग्राहक पीतल के सामान लेने के लिए पहुंच रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि पीतल शुद्धता का प्रतीक माना जाता है और धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। डिजाइनर दीयों की शुरुआत दो सौ रुपये से है। अभी पीतल के कच्चे माल की कीमत पांच सौ रुपये प्रति किलो के आसपास है।
विज्ञापन

इन स्थानों से मिल रहे हैं ऑर्डर
कारोबारियों के पास दीपावली के सामान के लिए यूरोप, यूके, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, मलेशिया, मॉरीशस, श्रीलंका आदि देशों से ऑर्डर हैं। इन देशों में पूजा का सामान मुख्यत: जाता है। दक्षिण भारत में केरल, तमिनाडु, उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्र आदि प्रदेशों में बहुत मांग है। कारोबारियों के मुुताबिक कोरोना संक्रमण की वजह से बंद चल रहे कार्यालयों के खुल जाने के बाद मांग बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन सामान की है मांग
उपहार में कैंडल, रंगोली, लाइटिंग, लालटेन, ट्री लाइट्स, कैंडल स्टैंड, पूजा सैट्स (प्लेट, धूपबत्ती स्टैंड, लोटा, कलश, रंगोली-चावल की छोटी कटोरियां) के ऑर्डर हैं। मिट्टी के दीये भी पसंद किए जा रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक इस वर्ष चीन का बमुश्किल 20 फीसदी कार्य रह गया है। इसकी वजह से कैंडल की मांग बढ़ी है।
पीतल के कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से ग्राहक संकोच में माल खरीद रहा है। इसलिए जो ऑर्डर मिल रहे हैं, उनकी पूर्ति नहीं कर पा रही है। दीपावली का बाजार करीब 1500 करोड़ का हो सकता है। यदि कीमतें कम होतीं तो इस कारोबार में उछाल आ सकता था।
अवधेश अग्रवाल, सचिव मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्ट एसोसिएशन।
दीपावली पर घरेलू बाजार में अच्छी बिक्री है। चीन से सिर्फ 20 फीसदी माल आया है। इससे घरेलू बाजार को बूम मिला है। कई ग्राहक चीन से झालर मंगवाते थे, वह अब पीतल का सामान खरीद रहे हैं। कॉरपोरेट में ऐसे सामान मंगाए है, जो कर्मचारियों के इस्तेमाल ज्यादा है। मिट्टी के दीयों के विदेश से ऑर्डर हैं।

विशाल अग्रवाल, चैयरमैन, यंग एंटरप्रोन्योर सोसाइटी (यस)।
पूजा आइटम में मोर, फैंसी, कलश, केरला, कोटार आदि डिजाइन के दीपकों की मांग है। केरला और कोटार परंपरागत गोलाकार होते हैं। पूजा की थाली गोल, ओवल, त्रिकोण आकार में बनाई गई है। इनमें स्वस्तिक बना हुआ है। वर्ष 2019 के बराबर बाजार आ गया है। रॉ मैटेरियल की कीमत अभी एक महीने से स्थिर हैं।
अनुज मित्तल, सदस्य, मुरादाबाद बर्तन सप्लाई एसोसिएशन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed