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Moradabad News: दस लाख में मजदूर की हत्या का सौदा, परिवार का कार्रवाई से इन्कार
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मुरादाबाद। सिविल लाइंस के भटावली में एक मजदूर की हत्या का सौदा दस लाख रुपये में तय हो गया। समझौता होने के बाद परिजन बिना कार्रवाई ही शव लेकर बदायूं चले गए। पिता का कहना है कि बदायूं से यहां आकर केस लड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा। इसलिए उन्होंने समझौता करने में ही अपना और अपने परिवार का भला समझा। उधर, पुलिस का दावा है कि परिवार ने केस दर्ज कराने के लिए कोई तहरीर नहीं दी है।
बदायूं के सिविल लाइंस क्षेत्र के सेजनी निवासी संजीव यादव मजदूरी करता था। परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। 16 जनवरी 2024 से भटावली की बिल्डग्राफ्ट इंफ्रा प्लांट में मजदूरी कर करता था। साथ काम करने वाले संजीव के फुफेरे भाई हरेंद्र यादव ने बुधवार को पुलिस को बताया था कि बुधवार करीब 11 बजे दोनों भाई मुंशी से मजदूरी के पैसे मांगने गए थे। इस दौरान ऑफिस के सामने गाड़ी में प्लास्टिक के पाइपों से लदी खड़ी थी। मुंशी ने पहले गाड़ी से पाइप उतरने को कहा। संजीव ने पहले पैसे देने की बात कही। आरोप है कि इस बात से नाराज मुंशी ने अंटी से रिवाल्वर निकालकर संजीव पर फायर झोंक दिया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
इसकी जानकारी मिलने पर बुधवार को ही परिवार के लोग मुरादाबाद पहुंच गए थे। उन्होंने पुलिस से मिलकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी। बुधवार देर रात तक में ही पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा दिया लेकिन 24 घंटे बाद भी इस मामले में केस दर्ज नहीं किया गया।
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उधर, बुधवार देर रात तक हत्या का आरोप लगाने वाले परिजन भी बृहस्पतिवार सुबह तक कार्रवाई कराने को मना करने लगे। पिता अमर सिंह यादव ने बताया कि उन्होंने इस मामले में समझौता कर लिया है। मुझे और मेरे परिवार को दस लाख रुपये मिले हैं। अब में इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता हूं। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि परिवार के लोगों ने कोई तहरीर नहीं दी है। उन्होंने कार्रवाई कराने से इन्कार कर दिया है।
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रीढ़ की हड्डी में फंस गई थी गोली
अगवानपुर। सिविल लाइंस पुलिस ने बुधवार देर रात संजीव के शव का पोस्टमार्टम कराया। सबसे पहले शव का एक्सरे कराया गया। जिसे एंट्री और एग्जिट ज्वाइंट देखा गया। इस दौरान डिजिटल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई। संजीव को 32 बोर की गोली मारी गई। गोली करीब दो फीट की दूरी से पेट में दाहिनी तरफ मारी गई थी। गोली आंतों को चीरते हुए रीढ़ की हड्डी तक पहुंच गई थी। जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी मृत्यु हो गई थी। संवाद
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बदायूं के सिविल लाइंस क्षेत्र के सेजनी निवासी संजीव यादव मजदूरी करता था। परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। 16 जनवरी 2024 से भटावली की बिल्डग्राफ्ट इंफ्रा प्लांट में मजदूरी कर करता था। साथ काम करने वाले संजीव के फुफेरे भाई हरेंद्र यादव ने बुधवार को पुलिस को बताया था कि बुधवार करीब 11 बजे दोनों भाई मुंशी से मजदूरी के पैसे मांगने गए थे। इस दौरान ऑफिस के सामने गाड़ी में प्लास्टिक के पाइपों से लदी खड़ी थी। मुंशी ने पहले गाड़ी से पाइप उतरने को कहा। संजीव ने पहले पैसे देने की बात कही। आरोप है कि इस बात से नाराज मुंशी ने अंटी से रिवाल्वर निकालकर संजीव पर फायर झोंक दिया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
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इसकी जानकारी मिलने पर बुधवार को ही परिवार के लोग मुरादाबाद पहुंच गए थे। उन्होंने पुलिस से मिलकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी। बुधवार देर रात तक में ही पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा दिया लेकिन 24 घंटे बाद भी इस मामले में केस दर्ज नहीं किया गया।
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उधर, बुधवार देर रात तक हत्या का आरोप लगाने वाले परिजन भी बृहस्पतिवार सुबह तक कार्रवाई कराने को मना करने लगे। पिता अमर सिंह यादव ने बताया कि उन्होंने इस मामले में समझौता कर लिया है। मुझे और मेरे परिवार को दस लाख रुपये मिले हैं। अब में इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता हूं। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि परिवार के लोगों ने कोई तहरीर नहीं दी है। उन्होंने कार्रवाई कराने से इन्कार कर दिया है।
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रीढ़ की हड्डी में फंस गई थी गोली
अगवानपुर। सिविल लाइंस पुलिस ने बुधवार देर रात संजीव के शव का पोस्टमार्टम कराया। सबसे पहले शव का एक्सरे कराया गया। जिसे एंट्री और एग्जिट ज्वाइंट देखा गया। इस दौरान डिजिटल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई। संजीव को 32 बोर की गोली मारी गई। गोली करीब दो फीट की दूरी से पेट में दाहिनी तरफ मारी गई थी। गोली आंतों को चीरते हुए रीढ़ की हड्डी तक पहुंच गई थी। जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी मृत्यु हो गई थी। संवाद